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बाजरा खरीद के नये शेड्यूल के विरोध में दिया धरना
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कनीना। बाजरे की खरीद के लिए शेड्यूल बदलने के विरोध में बसपा तथा प्रजा भलाई संगठन के कार्यकर्ताओं ने उपमंडल अधिकारी कार्यालय बाहर प्रदर्शन कर धरना दिया। कहा कि शेड्यूल बदल कर किसानों को परेशान किया जा रहा है। बाजरा खराब बताकर किसानों को लौटाया जा रहा है। अगर समस्याएं दूर नहीं की गईं तो बेमियादी आंदोलन किया जाएगा।
एक घंटे के सांकेतिक धरने के बाद एसडीएम सुरेंद्र सिंह को मुख्यमंत्री तथा उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। एसडीएम ने ज्ञापन को मुख्यमंत्री तथा उपायुक्त को भेजने का आश्वासन दिया। बसपा नेता ठाकुर अतरलाल ने कहा कि बेमौसम बरसात के कारण किसानों का बाजरा काला पड़ गया है। अधिकारी खराब बताकर बाजरा नहीं खरीद रहे हैं। गुणवत्ता मानकों में ढील देकर उसे भी खरीदा जाए। सभी खरीद केंद्रों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य 2350 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बाजरा खरीदने, खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाकर दौंगड़ा अहीर, बाछौद, बोचडिया, करीरा तथा श्री कृष्ण गोशाला में खरीद केंद्र बनाकर खरीद शुरू कराने की मांग की। सरकारी खरीद में तानाशाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करने, मंडियों में जन सुविधाएं सुनिश्चित करने तथा खरीद शेड्यूल बदलने की सूचना किसानों को दो दिन पहले देने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए बसपा नेता अतरलाल ने कहा की मंडियों में बाजरा की समर्थन मूल्य पर खरीद न किए जाने आधी अधूरी खरीद करने और खरीद अधिकारियों की तानाशाही के कारण किसानों में भारी रोष है। उन्होंने राज्य सरकार व अधिकारियों को चेतावनी दी कि तत्काल किसानों की समस्याओं का समाधान किया जाए नहीं तो कार्यकर्ता अनिश्चित कालीन धरना शुरू करेंगे। इस अवसर पर किशनपाल, भागीरथ सिंह, कुलदीप यादव उर्फ केडी, बलवंत यादव, शेर सिंह यादव, जगदीश मिस्त्री, भाग सिंह चेयरमैन, प्रताप सिंह, पृथी तंवर, भूपेंद्र सिंह, नत्थू सिंह, ताराचंद जोगी, बिजेंद्र सिंह, लालसिंह यादव, राजेंद्र यादव, कैलाश सेठ, मुकेश स्वामी, दान सिंह प्रजापत, राजबीर, पवन चौधरी, सुभाष चौधरी, रवि कौशिक आदि अनेक कार्यकर्ता व गणमान्य उपस्थित रहे।
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उठान नहीं होने से किसान खुले में रख रहे अनाज
नारनौल। जिले की अनाज मंडियों में हैफेड की ओर से बाजरे की खरीद की जा रही है। बाजरे की आवक बढ़ने और उठान न होने से किसानों को मंडियों में अनाज खुले में रखना पड़ रहा है। टोकन के लिए किसानों को लंबी कतार लगानी पड़ रही है। जिले में एक अक्तूबर से अब तक करीब दस हजार क्विंटल से अधिक बाजरे की सरकारी खरीद हो चुकी है।
खुले में बाजरा रख कर किसान चिंतित हैं। उन्हें बारिश होने पर बाजरा भीगने का डर सता रहा है। शुक्रवार को हलकी बूंदाबांदी भी देखने को मिली है जिससे मंडी में पहुंचे किसानों का अनाज भीग गया, तो कुछ किसानों ने अपने स्तर पर तिरपाल आदि की व्यवस्था कर अनाज को भीगने से बचाने का प्रयास किया। जिले की अटेली, नारनौल, महेंद्रगढ़ व कनीना मंडी में एक अक्तूबर से बाजरे की खरीद हो रही है। अब तक नारनौल अनाज मंडी में 38 हजार क्विंटल, महेंद्रगढ़ में 18 हजार क्विंटल, अटेली में 25 हजार क्विंटल तथा कनीना में 24 हजार क्विंटल के करीब बाजरे की खरीद कर चुकी है।
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एक घंटे के सांकेतिक धरने के बाद एसडीएम सुरेंद्र सिंह को मुख्यमंत्री तथा उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। एसडीएम ने ज्ञापन को मुख्यमंत्री तथा उपायुक्त को भेजने का आश्वासन दिया। बसपा नेता ठाकुर अतरलाल ने कहा कि बेमौसम बरसात के कारण किसानों का बाजरा काला पड़ गया है। अधिकारी खराब बताकर बाजरा नहीं खरीद रहे हैं। गुणवत्ता मानकों में ढील देकर उसे भी खरीदा जाए। सभी खरीद केंद्रों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य 2350 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बाजरा खरीदने, खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाकर दौंगड़ा अहीर, बाछौद, बोचडिया, करीरा तथा श्री कृष्ण गोशाला में खरीद केंद्र बनाकर खरीद शुरू कराने की मांग की। सरकारी खरीद में तानाशाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करने, मंडियों में जन सुविधाएं सुनिश्चित करने तथा खरीद शेड्यूल बदलने की सूचना किसानों को दो दिन पहले देने की मांग उठाई।
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प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए बसपा नेता अतरलाल ने कहा की मंडियों में बाजरा की समर्थन मूल्य पर खरीद न किए जाने आधी अधूरी खरीद करने और खरीद अधिकारियों की तानाशाही के कारण किसानों में भारी रोष है। उन्होंने राज्य सरकार व अधिकारियों को चेतावनी दी कि तत्काल किसानों की समस्याओं का समाधान किया जाए नहीं तो कार्यकर्ता अनिश्चित कालीन धरना शुरू करेंगे। इस अवसर पर किशनपाल, भागीरथ सिंह, कुलदीप यादव उर्फ केडी, बलवंत यादव, शेर सिंह यादव, जगदीश मिस्त्री, भाग सिंह चेयरमैन, प्रताप सिंह, पृथी तंवर, भूपेंद्र सिंह, नत्थू सिंह, ताराचंद जोगी, बिजेंद्र सिंह, लालसिंह यादव, राजेंद्र यादव, कैलाश सेठ, मुकेश स्वामी, दान सिंह प्रजापत, राजबीर, पवन चौधरी, सुभाष चौधरी, रवि कौशिक आदि अनेक कार्यकर्ता व गणमान्य उपस्थित रहे।
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उठान नहीं होने से किसान खुले में रख रहे अनाज
नारनौल। जिले की अनाज मंडियों में हैफेड की ओर से बाजरे की खरीद की जा रही है। बाजरे की आवक बढ़ने और उठान न होने से किसानों को मंडियों में अनाज खुले में रखना पड़ रहा है। टोकन के लिए किसानों को लंबी कतार लगानी पड़ रही है। जिले में एक अक्तूबर से अब तक करीब दस हजार क्विंटल से अधिक बाजरे की सरकारी खरीद हो चुकी है।
खुले में बाजरा रख कर किसान चिंतित हैं। उन्हें बारिश होने पर बाजरा भीगने का डर सता रहा है। शुक्रवार को हलकी बूंदाबांदी भी देखने को मिली है जिससे मंडी में पहुंचे किसानों का अनाज भीग गया, तो कुछ किसानों ने अपने स्तर पर तिरपाल आदि की व्यवस्था कर अनाज को भीगने से बचाने का प्रयास किया। जिले की अटेली, नारनौल, महेंद्रगढ़ व कनीना मंडी में एक अक्तूबर से बाजरे की खरीद हो रही है। अब तक नारनौल अनाज मंडी में 38 हजार क्विंटल, महेंद्रगढ़ में 18 हजार क्विंटल, अटेली में 25 हजार क्विंटल तथा कनीना में 24 हजार क्विंटल के करीब बाजरे की खरीद कर चुकी है।