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971 एकड़ पंचायती जमीन ट्रांसफर न होने से अटका आईएमटी का प्रोजेक्ट
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गांव खुडाना में बनने वाली इंडस्ट्रियल मॉडल टॉउनशिप (आईएमटी) पिछले पांच वर्षों से काम रुका हुआ है। नई सरकार के गठन के बाद एक कदम भी काम आगे नहीं बढ़ा है। अगस्त माह में गांव के सरपंच के पास 971 एकड़ पंचायती भूमि एचएसआईआईडीसी के नाम ट्रांसफर करने के लिए आया था।
पंचायती विभाग ने भी जमीन ट्रांसफर की अनुमति दे दी थी। उसके बाद से इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू नहीं हो पा रहा। पत्र में लिखा था कि विभाग 12 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से पंचायत की जमीन खरीदेगा। कुल जमीन का लगभग एक अरब 17 करोड़ 18 लाख रुपये विभाग पंचायत को देेगा। कुछ दिन पहले सीनियर टाउन प्लानर से बातचीत हुई थी तो उन्होंने बताया था कि ग्रामीण सरकारी रेट पर जमीन देने को तैयार नहीं है। परंतु गांव खुडाना के सरपंच प्रतिनिधि ओमपाल खुडाना ने बताया कि लेटर में लिखे गई कीमत 12 लाख रुपये प्रति एकड़ जमीन देने का तैयार हैं। लेकिन सरकार गुमराह कर रही है। अगस्त के बाद आगे की कोई कार्रवाई नहीं कर रही। वहीं पूर्व शिक्षा एवं पर्यटन मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने दावा किया कि आईएमटी हर हाल में बनाई जाएगी। अगले सप्ताह वो स्वयं मुख्यमंत्री से इस संबंध में मिलकर इस पर काम शुरू करवाएंगे।
बता दें कि गांव खुडाना में शुरुआत में आईएमटी स्थापित की जानी थी। इसकी घोषणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 21 जुलाई 2018 को महेंद्रगढ़ की सब्जी मंडी में आयोजित बाजरा रैली में की थी। उच्च अधिकारियों के आदेश पर जनवरी 2019 में सर्वे किया गया तो पंचायत के पास 962 एकड़ जमीन ही मिल पाई। गांव की शेष जमीन पहाड़ के दूसरी ओर पड़ती थी। इसलिए सर्वे रिपोर्ट में आईएमटी की रिपोर्ट फिजिबल नहीं हो पाई थी। एचएसआईआईडीसी ने आईई बनाने का निर्णय लिया था। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 24 फरवरी को गांव खुडाना में रैली कर आईई/आईएमटी का शिलान्यास पत्थर रखा था। रैली में इस प्रोजेक्ट के लिए 200 करोड़ रुपये की घोषणा की थी।
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55 प्रतिशत किसान ई-भूमि पोर्टल पर जमीन करवा चुके हैं अपलोड
तत्कालीन शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा को आईई का प्रोजेक्ट रास नहीं आ रहा था। इसलिए उन्होंने आईएमटी बनवाने की ठान ली थी। आईएमटी के लिए 1500 एकड़ जमीन की आवश्यकता थी परंतु शुुरुआत में एचएसआईआईडीसी ने 1100 एकड़ जमीन ही प्रोजेक्ट के लिए फिजिबल बताई थी। पूर्व मंत्री ने जुलाई में एचएसआईआईडीसी के उच्च अधिकारियों की चंडीगढ़ मीटिंग ली। मीटिंग के बाद अधिकारियों ने गांव खुडाना से 500 एकड़ जमीन की और डिमांड भेजी दी थी। इस 500 एकड़ जमीन के लिए किसान तैयार हो गए थे। लगभग 55 प्रतिशत किसानों ने ई भूमि पोर्टल पर जमीन अपलोड करवा दी थी।
आईएमटी खुडाना के लिए हमारे पास आगे की कार्रवाई के कोई आदेश नहीं आए हैं। आदेश आने के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।
- राजकुमार, सीनियर टाउन प्लानर, एचएसआईआईडीसी चंडीगढ़।
आईएमटी का प्रोजेक्ट किसी कीमत पर रुकने नहीं दिया जाएगा। यह ही प्रोजेक्ट नहीं कोई भी प्रोजेक्ट नहीं रुकने दिया जाएगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मैं अगले सप्ताह मिलूंगा। जल्द ही इस पर आगे की कार्रवाई शुरू करवाई जाएगी।
- रामबिलास शर्मा, पूर्व शिक्षा एवं पर्यटन मंत्री।
पिछले चार महीने से आईएमटी प्रोजेक्ट के विषय में हमारे पास कोई सूचना नहीं है। आईएमटी के लिए पंचायत 12 लाख रुपये प्रति एकड़ जमीन देने को तैयार हैं। जब भी सरकार की ओर से आदेश आएंगे हम अपना काम कर देंगे।
- ओमपाल ठेकेदार, सरपंच प्रतिनिधि, गांव खुडाना।
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पंचायती विभाग ने भी जमीन ट्रांसफर की अनुमति दे दी थी। उसके बाद से इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू नहीं हो पा रहा। पत्र में लिखा था कि विभाग 12 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से पंचायत की जमीन खरीदेगा। कुल जमीन का लगभग एक अरब 17 करोड़ 18 लाख रुपये विभाग पंचायत को देेगा। कुछ दिन पहले सीनियर टाउन प्लानर से बातचीत हुई थी तो उन्होंने बताया था कि ग्रामीण सरकारी रेट पर जमीन देने को तैयार नहीं है। परंतु गांव खुडाना के सरपंच प्रतिनिधि ओमपाल खुडाना ने बताया कि लेटर में लिखे गई कीमत 12 लाख रुपये प्रति एकड़ जमीन देने का तैयार हैं। लेकिन सरकार गुमराह कर रही है। अगस्त के बाद आगे की कोई कार्रवाई नहीं कर रही। वहीं पूर्व शिक्षा एवं पर्यटन मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने दावा किया कि आईएमटी हर हाल में बनाई जाएगी। अगले सप्ताह वो स्वयं मुख्यमंत्री से इस संबंध में मिलकर इस पर काम शुरू करवाएंगे।
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बता दें कि गांव खुडाना में शुरुआत में आईएमटी स्थापित की जानी थी। इसकी घोषणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 21 जुलाई 2018 को महेंद्रगढ़ की सब्जी मंडी में आयोजित बाजरा रैली में की थी। उच्च अधिकारियों के आदेश पर जनवरी 2019 में सर्वे किया गया तो पंचायत के पास 962 एकड़ जमीन ही मिल पाई। गांव की शेष जमीन पहाड़ के दूसरी ओर पड़ती थी। इसलिए सर्वे रिपोर्ट में आईएमटी की रिपोर्ट फिजिबल नहीं हो पाई थी। एचएसआईआईडीसी ने आईई बनाने का निर्णय लिया था। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 24 फरवरी को गांव खुडाना में रैली कर आईई/आईएमटी का शिलान्यास पत्थर रखा था। रैली में इस प्रोजेक्ट के लिए 200 करोड़ रुपये की घोषणा की थी।
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55 प्रतिशत किसान ई-भूमि पोर्टल पर जमीन करवा चुके हैं अपलोड
तत्कालीन शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा को आईई का प्रोजेक्ट रास नहीं आ रहा था। इसलिए उन्होंने आईएमटी बनवाने की ठान ली थी। आईएमटी के लिए 1500 एकड़ जमीन की आवश्यकता थी परंतु शुुरुआत में एचएसआईआईडीसी ने 1100 एकड़ जमीन ही प्रोजेक्ट के लिए फिजिबल बताई थी। पूर्व मंत्री ने जुलाई में एचएसआईआईडीसी के उच्च अधिकारियों की चंडीगढ़ मीटिंग ली। मीटिंग के बाद अधिकारियों ने गांव खुडाना से 500 एकड़ जमीन की और डिमांड भेजी दी थी। इस 500 एकड़ जमीन के लिए किसान तैयार हो गए थे। लगभग 55 प्रतिशत किसानों ने ई भूमि पोर्टल पर जमीन अपलोड करवा दी थी।
आईएमटी खुडाना के लिए हमारे पास आगे की कार्रवाई के कोई आदेश नहीं आए हैं। आदेश आने के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।
- राजकुमार, सीनियर टाउन प्लानर, एचएसआईआईडीसी चंडीगढ़।
आईएमटी का प्रोजेक्ट किसी कीमत पर रुकने नहीं दिया जाएगा। यह ही प्रोजेक्ट नहीं कोई भी प्रोजेक्ट नहीं रुकने दिया जाएगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मैं अगले सप्ताह मिलूंगा। जल्द ही इस पर आगे की कार्रवाई शुरू करवाई जाएगी।
- रामबिलास शर्मा, पूर्व शिक्षा एवं पर्यटन मंत्री।
पिछले चार महीने से आईएमटी प्रोजेक्ट के विषय में हमारे पास कोई सूचना नहीं है। आईएमटी के लिए पंचायत 12 लाख रुपये प्रति एकड़ जमीन देने को तैयार हैं। जब भी सरकार की ओर से आदेश आएंगे हम अपना काम कर देंगे।
- ओमपाल ठेकेदार, सरपंच प्रतिनिधि, गांव खुडाना।