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रेडियो अरावली पर दिन भर शहीदों को समर्पित रहे कार्यक्रम
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नारनौल। आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में वीरवार को रेडियो अरावली की तरफ से शहीदी दिवस पर शहीदों के तप त्याग और बलिदान से संबंधित कार्यक्रम पेश किए गए। इसके साथ-साथ दिनभर देशभक्ति से ओतप्रोत गीतों का प्रसारण किया गया।
मनीष विद्यार्थी ने बताया कि आजादी के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में आजादी का अमृत महोत्सव के तहत विभिन्न कार्यक्रम हो रहे हैं।
रेडियो अरावली की तरफ से भी आज अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए पूरा दिन शहीदों को समर्पित किया गया। उन्होंने बताया कि नसीबपुर में हुई लड़ाई का सही ऐतिहासिक तथ्यों के साथ पूरा ब्यौरा आज रेडियो अरावली पर पेश किया गया। इसमें कई इतिहासकारों ने तथ्यों के साथ अपनी बात पेश की।
आरजे दीपक ने बताया कि शहीदी दिवस पर कार्यक्रम में एडवोकेट ओमप्रकाश यादव व इतिहासकार राव जसवंत सिंह प्रभाकर के साथ चर्चा में राजा राव तुलाराम के साथ उन सभी ज्ञात अज्ञात शहीदों के बारे में बताया गया। उन्होंने कहा कि जब नसीबपुर की लड़ाई शुरू हुई तो अंग्रेजों की सेना में भगदड़ मच गई थी। बाद में अंग्रेजों के पास अधिक बारूद व असलहा होने के कारण हमारे वीर सैनिकों को वीरगति प्राप्त हुई। नसीबपुर की लाल धरती आज भी इस बात की गवाही दे रही है कि यहां पर विश्व की सबसे बड़ी शहादत हुई थी।
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मनीष विद्यार्थी ने बताया कि आजादी के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में आजादी का अमृत महोत्सव के तहत विभिन्न कार्यक्रम हो रहे हैं।
रेडियो अरावली की तरफ से भी आज अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए पूरा दिन शहीदों को समर्पित किया गया। उन्होंने बताया कि नसीबपुर में हुई लड़ाई का सही ऐतिहासिक तथ्यों के साथ पूरा ब्यौरा आज रेडियो अरावली पर पेश किया गया। इसमें कई इतिहासकारों ने तथ्यों के साथ अपनी बात पेश की।
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आरजे दीपक ने बताया कि शहीदी दिवस पर कार्यक्रम में एडवोकेट ओमप्रकाश यादव व इतिहासकार राव जसवंत सिंह प्रभाकर के साथ चर्चा में राजा राव तुलाराम के साथ उन सभी ज्ञात अज्ञात शहीदों के बारे में बताया गया। उन्होंने कहा कि जब नसीबपुर की लड़ाई शुरू हुई तो अंग्रेजों की सेना में भगदड़ मच गई थी। बाद में अंग्रेजों के पास अधिक बारूद व असलहा होने के कारण हमारे वीर सैनिकों को वीरगति प्राप्त हुई। नसीबपुर की लाल धरती आज भी इस बात की गवाही दे रही है कि यहां पर विश्व की सबसे बड़ी शहादत हुई थी।
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