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आठवीं की परीक्षा हरियाणा बोर्ड से करवाने का निजी स्कूल एसोसिएशन ने किया विरोध

Fri, 24 Dec 2021 11:36 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 24 Dec 2021 11:36 PM IST
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Private School Association protested against getting Class VIII exam conducted by Haryana Board
अनिल कौशिक, प्रधान, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन। - फोटो : Narnol
सभी बोर्डों के तहत आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के तहत परीक्षा देनी होगी। यह फैसला सरकार ने लिया है। सरकार के इस फैसले से जिला प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन में रोष है।
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प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के सदस्यों का कहना है कि प्रदेश सरकार जबरदस्ती यह फैसला उन पर थोप रही है। ऐसा कर वह हरियाणा शिक्षा नियमावली-2003 एवं सीबीएसई नियमावली का उल्लंघन कर रही है। एसोसिएशन के जिला प्रधान अनिल कौशिक ने कहा कि हरियाणा शिक्षा नियमावली-2003 के आर्टिकल-33, सब क्लॉज-03 में साफ लिखा हुआ है कि हरियाणा की भूमि में कोई भी विद्यालय दो बोर्ड से संचालित नहीं किया जा सकता है। जब यह नियम हरियाणा की भूमि पर लागू करवाना चाहते हैं तो नवोदय और केंद्रीय विद्यालयों को इसमें क्यों नहीं शामिल किया गया है? उन्होंने कहा कि सेशन के खत्म होने में मात्र डेढ़ महीना बाकी है। अभी तक न तो इन्होंने अप्लीकेशन फॉर्म भरवाएं हैं और न ही पाठ्यक्रम निर्धारित हुआ है। जबकि बोर्ड की ओर से पाठ्यक्र अप्रैल में ही निर्धारित हो जाता है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन इसका विरोध करती है।
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वहीं हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन जगबीर सिंह ने कहा कि सीबीएसई सेकेंडरी बोर्ड है, इसलिए वह आठवीं की परीक्षा नहीं ले सकता। सेकेंडरी बोर्ड 9वीं से 12वीं तक की परीक्षा लेता है। एचबीएसई जीरो से 12वीं तक होता है। हम परीक्षा ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालयों को एनओसी देते समय कहा था कि समय-समय पर जारी होने वाली गाइडलाइन को माननी पड़ेगी। अब जो गाइडलाइन जारी की गई है उसे निजी स्कूल संचालकों को माननी होगी।
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एचबीएसई से 8वीं पास पर ही मिलेगा 9वीं में दाखिला
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन जगबीर सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार ने सीबीएसई, जवाहर नवोदय विद्यालय सहित सभी स्कूलों में पंजाबी भाषा अनिवार्य किया हुआ है। इस फैसले को स्कूल संचालकों ने माना भी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में 9वीं कक्षा में जो बच्चा सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूल में दाखिला लेना चाहेगा तो उसे हरियाणा बोर्ड से आठवीं कक्षा पास करनी होगी। बिना बोर्ड पास किए उसे 9वीं कक्षा में दाखिला नहीं मिलेगा।
कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन
सरकार का इस प्रकार से विद्यार्थियों को बोर्ड की परीक्षा के लिए बाध्य करना मौलिक अधिकारों का हनन है। अगर सीबीएसई इतना खराब है तो हरियाणा की भूमि से इन स्कूलों को हटवा दें। जब सभी स्कूलों पर यह आदेश लागू कर रहे हैं तो नवोदय एवं केंद्रीय विद्यालयों को क्यों नहीं शामिल किया जा रहा है। सरकार का यह बेतुका फैसला है। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन इसके लिए का अदालत का रुख करेगी। सरकार के समक्ष अपनी बात रख चुके हैं। शिक्षामंत्री ने मना कर दिया था। उसके बाद भी यह प्रस्ताव पास कर दिया गया। अनिल कौशिक, प्रधान, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन, जिला महेंद्रगढ़।
एक कैंपस में नहीं दो बोर्ड नहीं चल सकते
शिक्षा के अधिकार के नियम के तहत आठवीं कक्षा तक परीक्षा का प्रावधान नहीं है। अगर प्रदेश सरकार ने प्रस्ताव पास कर इसको लागू भी कर दिया है तो सीबीएसई की नियमावली में स्पष्ट लिखा है कि एक कैंपस में दो बोर्ड नहीं हो सकते हैं। अगर सरकार ऐसा चाहती है तो दसवीं और 12वीं में भी अलाऊ कर दें। हम दोनों बोर्ड चला सकेंगे। यह न्याय संगत नहीं है। सरकार द्वारा जल्दबाजी में लिया गया फैसला है। -वेदपाल सिंह यादव, संचालक, श्रीकृष्णा स्कूल भुंगारका।
बोर्ड की परीक्षा होना अच्छा पर सरकार का तरीका गलत
बोर्ड परीक्षा होना अच्छी बात है। बोर्ड की परीक्षा होगी तो बच्चे पढ़ेंगे। नॉन बोर्ड होने से ही बच्चों का बुरा हाल हो गया था, लेकिन सरकार का यह तरीका गलत है कि सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूलों के बच्चो का हरियाणा बोर्ड परीक्षा लेगा। यह परीक्षा सीबीएसई ले लेें, हमें कोई आपत्ति नहीं है। केंद्र सरकार घोषित कर दे कि संबंधित बोर्ड आठवीं कक्षा की परीक्षा लें। हम उस फैसले के लिए तैयार है, लेकिन राज्य सरकार के इस फैसले के हम खिलाफ हैं। -कुबेर सिंह, संचालक, राव नेतराम स्कूल, सलीमपुर।

आठवीं तक की कक्षाओं का निर्णय राज्य सरकार का होता है। रूल 2003 में तथा सीबीएसई के बाइलॉज में भी लिखा हुुआ है। उन सब नियमों के तहत परीक्षा देना बनता है। आरटीई में परिवर्तन कर दिया गया है। नियमों के तहत आठवीं में बोर्ड लागू किया गया है। हरियाणा में एचबीएसई के अलावा सीबीएसई और आईसीएसई से मान्यता प्राप्त सभी स्कूलों के विद्यार्थियों को आठवीं की परीक्षा देनी होगी। मार्च में परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी। सभी स्कूलों के आठवीं बोर्ड के लिए हम जून से कहते आ रहे हैं कि बोर्ड के पेपर होंगे। सब को नोटिस भी दिया जा चुका है। जगबीर सिंह, चेयरमैन, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड।
सीबीएसई स्कूल: 298
एचबीएसई :62
राजकीय मिडिल स्कूल: 64
राजकीय सेकेंडरी स्कूल : 78
रावमा विद्यालय: 129
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