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Mahendragarh-Narnaul News: कवियों ने रचनाएं सुनाकर लूटी वाहवाही
Thu, 20 Feb 2025 12:35 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 20 Feb 2025 12:35 AM IST
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नारनौल। अंतरराष्ट्रीय महिला काव्य मंच द्वारा ऑनलाइन काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. नरेश नाज की देखरेख व मार्गदर्शन में सुशीला देवी, मूर्ति देवी, यशमीन, नीलम, सुशीला, कविता यादव, सुमित्रा देवी, गौरव मुख्य रूप से प्रतिभागी रहे।
वहीं डॉ. इंदु निगम मुख्यातिथि और सुशीला यादव व डॉ. सुधा यादव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। डॉ. कृष्णा आर्या की अध्यक्षता व कविता यादव के संचालन में नीरपुर सुशीला यादव, ललिता ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। वहीं सैदपुर से सुशीला यादव ने स्त्री सशक्तीकरण व बालिका सुरक्षा पर सहेली की सलाह लोकगीत व दोहे प्रस्तुत किए।
विशिष्ट अतिथि व वरिष्ठ साहित्यकार सुशीला यादव ने ईश्वर से करते जाना प्यार हो नादान मुसाफिर जागृति गीत प्रस्तुत किया। सुमित्रा ने माता की आराधना की वहीं पिंकी व रेखा झगड़ोली ने सुंदर गीत प्रस्तुत किए। डॉ. कृष्णा आर्या ने माता पिता के बंटवारे को लेकर शिक्षाप्रद लोकगीत सुनाया। वहीं साक्षी, दिव्या, स्वाति, गौरव, हनीश ने माता पिता पर अपनी कविता प्रस्तुत की। कवियों ने रचनाएं सुनाकर वाहवाही लूटी। संस्था सचिव कविता यादव ने मां त्याग, धैर्य धारण करने वाली सृष्टि की जननी है कविता पढ़ी व संगोष्ठी का समापन किया।
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वहीं डॉ. इंदु निगम मुख्यातिथि और सुशीला यादव व डॉ. सुधा यादव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। डॉ. कृष्णा आर्या की अध्यक्षता व कविता यादव के संचालन में नीरपुर सुशीला यादव, ललिता ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। वहीं सैदपुर से सुशीला यादव ने स्त्री सशक्तीकरण व बालिका सुरक्षा पर सहेली की सलाह लोकगीत व दोहे प्रस्तुत किए।
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विशिष्ट अतिथि व वरिष्ठ साहित्यकार सुशीला यादव ने ईश्वर से करते जाना प्यार हो नादान मुसाफिर जागृति गीत प्रस्तुत किया। सुमित्रा ने माता की आराधना की वहीं पिंकी व रेखा झगड़ोली ने सुंदर गीत प्रस्तुत किए। डॉ. कृष्णा आर्या ने माता पिता के बंटवारे को लेकर शिक्षाप्रद लोकगीत सुनाया। वहीं साक्षी, दिव्या, स्वाति, गौरव, हनीश ने माता पिता पर अपनी कविता प्रस्तुत की। कवियों ने रचनाएं सुनाकर वाहवाही लूटी। संस्था सचिव कविता यादव ने मां त्याग, धैर्य धारण करने वाली सृष्टि की जननी है कविता पढ़ी व संगोष्ठी का समापन किया।
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