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खेल नर्सरियों के लिए खिलाड़ियों का इंतजार जल्द होगा खत्म
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जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय। संवाद
- फोटो : Narnol
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खेल नर्सरियों के शुरू होने की रहा देख रहे खिलाड़ियों का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। विभाग ने खेल नर्सरियों के लिए आवेदनों की वेरिफिकेशन का कार्य लगभग 80 प्रतिशत पूरा कर लिया है। वेरिफिकेशन का कार्य पूरा होते ही इनकी रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी। जिसके बाद मुख्यालय द्वारा खेल नर्सरियां अलाट की जाएंगी। संभावना है कि अगले माह में खेल नर्सरियां अलाट हो जाएंगी। जिससे खिलाड़ी बेहतर सुविधाओं के साथ अभ्यास कर सकेंगे।
बता दें कि कामनवेल्थ, एशियन एवं ओलंपिक खेलों में राज्य के खिलाड़ियों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश सरकार ने प्रदेश में शिक्षण संस्थानों में खेल नर्सरियां खोलने की योजना बनाई है। ताकि प्रदेश में खिलाड़ियों की पौध तैयार की जा सके। वहीं अंतरराष्ट्रीय खेलों में प्रदेश का नाम पूरे विश्व में रोशन किया जा सके। इस योजना के तहत खेल युवा एवं कार्यक्रम विभाग द्वारा खेल नर्सरियों के आवेदन मांगे थे। जिसके तहत जिले में 70-75 स्कूलों व पंजीकरण खेल संस्थानाओं ने नर्सरियों के लिए आवेदन किए है। इसके अलावा जिले में तीन सरकारी कोच ने भी नर्सरियों के आवेदन किया था। जिनमें आर्चरी, जूड़ों व रेसलिंग शामिल है। उक्त कोच को नर्सरियां अलाट कर दी गई। जिनमें नियमित रूप से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
विभाग की टीम कर रही आवेदक संस्थाओं की वेरिफिकेशन
खेल युवा एवं कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय के अनुसार जिले में खेल नर्सरियों के लिए 70-75 स्कूलों व पंजीकृत खेल संस्थाओं ने आवेदन किया है। उक्त संस्थाओं की फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए विभाग प्रशिक्षकों की एक टीम गठित की है, जोकि आवेदन करने वाली संस्थाओं में जाकर उनके खेल मैदान व इंफ्रास्ट्रक्चर आदि व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रही है। टीम द्वारा अभी तक 80 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है। अगले सप्ताह में वेरिफिकेशन का कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिया जाएगा। जिसके बाद उक्त सभी की रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय को भेजी जाएगी। वहीं खेल नर्सरियों के खोलने के नियमानुसार किसी भी संस्थान को अधिकतम दो ही खेल नर्सरियां अलाट की जा सकती हैं। चाहे उक्त संस्थान ने दो से अधिक खेल नर्सरियों के लिए आवेदन किया हो।
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प्रत्येक खेल नर्सरी को होगा एक साल का कार्यकाल
प्रत्येक खेल नर्सरी का कार्यकाल एक साल के लिए होगा। एक साल बाद दोबारा खेल नर्सरी की वेरिफिकेशन की जाएगी कि उसमें कितने खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं या नहीं। अगर उक्त नर्सरी में नियमित रूप से सभी खिलाड़ी प्रशिक्षण लेते रहते हैं तो विभागीय नियमानुसार खेल नर्सरियों को सरकार की तरफ से खेलों के सामान के लिए निर्धारित राशि दी जाएगी। इसके अलावा खेल नर्सरियों में प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों को प्रति माह डाइट के रूप में 1500 से 2000 रुपये दिए जाएंगे। प्रत्येक खेल नर्सरी में अधिकतम 25 खिलाड़ी ही शामिल होंगे। वहीं प्रत्येक खिलाड़ी को माह में कम से कम 22 दिन उपस्थित रहना जरूरी होगा। तभी उन्हें डाइट राशि व अन्य सुविधा मिलेगी।
जिले में खेल नर्सरी खोलने के लिए 70-75 संस्थाओं ने आवेदन किया है। आवेदन करने वाले संस्थानों में खेल नर्सरी के मापदंडों की जानकारी जुटाने को जल्द कमेटी का गठित की गई है। जोकि संस्थानों में जाकर वेरिफिकेशन का कार्य कर रही है। वेरिफिकेशन का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। जल्द ही इन नर्सरियों की वेरिफिकेशन की रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय को भेजी जाएगी। -परसराम, जिला खेल अधिकारी नारनौल।
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बता दें कि कामनवेल्थ, एशियन एवं ओलंपिक खेलों में राज्य के खिलाड़ियों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश सरकार ने प्रदेश में शिक्षण संस्थानों में खेल नर्सरियां खोलने की योजना बनाई है। ताकि प्रदेश में खिलाड़ियों की पौध तैयार की जा सके। वहीं अंतरराष्ट्रीय खेलों में प्रदेश का नाम पूरे विश्व में रोशन किया जा सके। इस योजना के तहत खेल युवा एवं कार्यक्रम विभाग द्वारा खेल नर्सरियों के आवेदन मांगे थे। जिसके तहत जिले में 70-75 स्कूलों व पंजीकरण खेल संस्थानाओं ने नर्सरियों के लिए आवेदन किए है। इसके अलावा जिले में तीन सरकारी कोच ने भी नर्सरियों के आवेदन किया था। जिनमें आर्चरी, जूड़ों व रेसलिंग शामिल है। उक्त कोच को नर्सरियां अलाट कर दी गई। जिनमें नियमित रूप से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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विभाग की टीम कर रही आवेदक संस्थाओं की वेरिफिकेशन
खेल युवा एवं कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय के अनुसार जिले में खेल नर्सरियों के लिए 70-75 स्कूलों व पंजीकृत खेल संस्थाओं ने आवेदन किया है। उक्त संस्थाओं की फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए विभाग प्रशिक्षकों की एक टीम गठित की है, जोकि आवेदन करने वाली संस्थाओं में जाकर उनके खेल मैदान व इंफ्रास्ट्रक्चर आदि व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रही है। टीम द्वारा अभी तक 80 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है। अगले सप्ताह में वेरिफिकेशन का कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिया जाएगा। जिसके बाद उक्त सभी की रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय को भेजी जाएगी। वहीं खेल नर्सरियों के खोलने के नियमानुसार किसी भी संस्थान को अधिकतम दो ही खेल नर्सरियां अलाट की जा सकती हैं। चाहे उक्त संस्थान ने दो से अधिक खेल नर्सरियों के लिए आवेदन किया हो।
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प्रत्येक खेल नर्सरी को होगा एक साल का कार्यकाल
प्रत्येक खेल नर्सरी का कार्यकाल एक साल के लिए होगा। एक साल बाद दोबारा खेल नर्सरी की वेरिफिकेशन की जाएगी कि उसमें कितने खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं या नहीं। अगर उक्त नर्सरी में नियमित रूप से सभी खिलाड़ी प्रशिक्षण लेते रहते हैं तो विभागीय नियमानुसार खेल नर्सरियों को सरकार की तरफ से खेलों के सामान के लिए निर्धारित राशि दी जाएगी। इसके अलावा खेल नर्सरियों में प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों को प्रति माह डाइट के रूप में 1500 से 2000 रुपये दिए जाएंगे। प्रत्येक खेल नर्सरी में अधिकतम 25 खिलाड़ी ही शामिल होंगे। वहीं प्रत्येक खिलाड़ी को माह में कम से कम 22 दिन उपस्थित रहना जरूरी होगा। तभी उन्हें डाइट राशि व अन्य सुविधा मिलेगी।
जिले में खेल नर्सरी खोलने के लिए 70-75 संस्थाओं ने आवेदन किया है। आवेदन करने वाले संस्थानों में खेल नर्सरी के मापदंडों की जानकारी जुटाने को जल्द कमेटी का गठित की गई है। जोकि संस्थानों में जाकर वेरिफिकेशन का कार्य कर रही है। वेरिफिकेशन का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। जल्द ही इन नर्सरियों की वेरिफिकेशन की रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय को भेजी जाएगी। -परसराम, जिला खेल अधिकारी नारनौल।