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Mahendragarh-Narnaul News: घरों में कैद लोग, खुले में घूम रहे लोग
Tue, 29 Jul 2025 11:24 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 29 Jul 2025 11:24 PM IST
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अमर सिंह वार्ड पार्षद 22
नारनौल। नारनौल शहर में अधिकांश स्थानों पर बंदरों ने उत्पात मचाया है। बंदरों का झुंड कभी राहगीरों पर तो कभी स्कूली बच्चों पर हमला कर रहा है। शहर में बंदरों का आतंक का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि नारनौल के नागरिक अस्पताल में औसतन हर दूसरे-तीसरे दिन एक मरीज टीका लगवाने पहुंच रहा है।
सोमवार को राव का मोहल्ले में एक महिला पर बंदरों के झुंड ने हमला बोल दिया। इससे उसकी छत से गिरने से मौत भी हो गई। हालात यह हैं कि बच्चे, महिलाएं व बुजुर्ग अपने ही घर की छत पर जाने से डर रहें हैं। शहर में अनाज मंडी, सब्जी मंडी, मोहल्ला चौधरीयान, चितवन वाटिका, पुरानी कचहरी, मोहल्ला जमालपुर, राव का मोहल्ला हो या फिर नागरिक अस्पताल जहां हर समय बंदरों की आवाजाही बनी रहती है। लेकिन इसके बावजूद नगर परिषद बंदरों को पकड़ने के लिए टेंडर नहीं लग सका है। इसका खामियाजा शहर वासियों को उठाना पड़ रहा है। स्थानीय लोग समस्या के बारे में कई बार प्रशासन को अवगत करवा चुके हैं, लेकिन अब तक आश्वासन ही मिल रहा है।
पानी की टंकी और खाद्य पदार्थों पर बंदरों की रहती है नजर
स्थानीय लोगों का कहना है कि बंदरों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। बंदर झुंड में रास्ते और सार्वजनिक स्थान पर बैठे रहते हैं। महिलाओं का कहना हैं कि बंदर सबसे ज्यादा नुकसान छत पर रखी पानी की टंकी को पहुंचा रहे हैं। वहीं दोपहर के समय कई बार बंदर घरों में घुस कर खाने-पीने का सामान भी उठा ले जाते हैं। वही छतों पर कपड़े सुखाने के बाद उनकी निगरानी भी रखनी पड़ती है। लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन समय रहते बंदरों को पकड़ने के लिए टेंडर छोड़ देता तो राव का मोहल्ले की महिला की बंदरों की वजह से मौत नहीं होती।
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वार्ड के लोगों सहित समस्त क्षेत्र के लोग बंदरों के आतंक से परेशान हैं। कई बार फोटो और वीडियो के माध्यम से इस मुद्दे को उठायाए लेकिन हर बार टेंडर जारी करने करने का आश्वासन मिला। अब लंबा समय बीत जाने के बाद भी आज तक टेंडर जारी नहीं किया गया है। संतोष देवी के साथ हुआ हादसा प्रशासन लापरवाही का परिणाम है।
अमर सिंह,पार्षद वार्ड नंबर 22
सदन की प्रथम बैठक बंदर और आवारा पशुओं को पकड़ने का मुद्दा उठाया थाए लेकिन आज तक समस्या का समाधान नही हुआ है। आवारा पशु ओर बंदरों से हादसे के अनेक मामले सामने आ चुके हैं।
संदीप जैन, पार्षद वार्ड नंबर 21
बंदरों को पकड़ने के लिए लंबे समय से टेंडर अधर में लटका हुआ है। वार्ड नंबर 16 के लोग भी बंदर और आवारा पशुओं की समस्या से परेशान है। कई बार इस मुद्दे को बैठक में रख चुके हैंए लेकिन समाधान के लिए उचित कदम उठाने को लेकर तत्परता नहीं दिखाई गई।
विशाल सैनी, पार्षद वार्ड नंबर 16
सदन की पहली बैठक से बंदरों को पकड़ने का टेंडर जारी करने के लिए पत्राचार की प्रकिया शुरू कर दी गई थीए लेकिन बंदर वन्य जीवों की श्रेणी में आते हैं, जिस कारण टेंडर जारी करने में समस्या आ रही थी। इसके बारे में उच्च विभाग को अवगत करवाया गया थाए लेकिन उच्च विभाग द्वारा उचित मार्गदर्शन नहीं दिया गया। इस कारण अथक प्रयास के बाद भी टेंडर जारी नहीं किया जा सका।
कमलेश सैनी, चेयरपर्सन, नगर परिषद
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सोमवार को राव का मोहल्ले में एक महिला पर बंदरों के झुंड ने हमला बोल दिया। इससे उसकी छत से गिरने से मौत भी हो गई। हालात यह हैं कि बच्चे, महिलाएं व बुजुर्ग अपने ही घर की छत पर जाने से डर रहें हैं। शहर में अनाज मंडी, सब्जी मंडी, मोहल्ला चौधरीयान, चितवन वाटिका, पुरानी कचहरी, मोहल्ला जमालपुर, राव का मोहल्ला हो या फिर नागरिक अस्पताल जहां हर समय बंदरों की आवाजाही बनी रहती है। लेकिन इसके बावजूद नगर परिषद बंदरों को पकड़ने के लिए टेंडर नहीं लग सका है। इसका खामियाजा शहर वासियों को उठाना पड़ रहा है। स्थानीय लोग समस्या के बारे में कई बार प्रशासन को अवगत करवा चुके हैं, लेकिन अब तक आश्वासन ही मिल रहा है।
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पानी की टंकी और खाद्य पदार्थों पर बंदरों की रहती है नजर
स्थानीय लोगों का कहना है कि बंदरों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। बंदर झुंड में रास्ते और सार्वजनिक स्थान पर बैठे रहते हैं। महिलाओं का कहना हैं कि बंदर सबसे ज्यादा नुकसान छत पर रखी पानी की टंकी को पहुंचा रहे हैं। वहीं दोपहर के समय कई बार बंदर घरों में घुस कर खाने-पीने का सामान भी उठा ले जाते हैं। वही छतों पर कपड़े सुखाने के बाद उनकी निगरानी भी रखनी पड़ती है। लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन समय रहते बंदरों को पकड़ने के लिए टेंडर छोड़ देता तो राव का मोहल्ले की महिला की बंदरों की वजह से मौत नहीं होती।
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वार्ड के लोगों सहित समस्त क्षेत्र के लोग बंदरों के आतंक से परेशान हैं। कई बार फोटो और वीडियो के माध्यम से इस मुद्दे को उठायाए लेकिन हर बार टेंडर जारी करने करने का आश्वासन मिला। अब लंबा समय बीत जाने के बाद भी आज तक टेंडर जारी नहीं किया गया है। संतोष देवी के साथ हुआ हादसा प्रशासन लापरवाही का परिणाम है।
अमर सिंह,पार्षद वार्ड नंबर 22
सदन की प्रथम बैठक बंदर और आवारा पशुओं को पकड़ने का मुद्दा उठाया थाए लेकिन आज तक समस्या का समाधान नही हुआ है। आवारा पशु ओर बंदरों से हादसे के अनेक मामले सामने आ चुके हैं।
संदीप जैन, पार्षद वार्ड नंबर 21
बंदरों को पकड़ने के लिए लंबे समय से टेंडर अधर में लटका हुआ है। वार्ड नंबर 16 के लोग भी बंदर और आवारा पशुओं की समस्या से परेशान है। कई बार इस मुद्दे को बैठक में रख चुके हैंए लेकिन समाधान के लिए उचित कदम उठाने को लेकर तत्परता नहीं दिखाई गई।
विशाल सैनी, पार्षद वार्ड नंबर 16
सदन की पहली बैठक से बंदरों को पकड़ने का टेंडर जारी करने के लिए पत्राचार की प्रकिया शुरू कर दी गई थीए लेकिन बंदर वन्य जीवों की श्रेणी में आते हैं, जिस कारण टेंडर जारी करने में समस्या आ रही थी। इसके बारे में उच्च विभाग को अवगत करवाया गया थाए लेकिन उच्च विभाग द्वारा उचित मार्गदर्शन नहीं दिया गया। इस कारण अथक प्रयास के बाद भी टेंडर जारी नहीं किया जा सका।
कमलेश सैनी, चेयरपर्सन, नगर परिषद

अमर सिंह वार्ड पार्षद 22

अमर सिंह वार्ड पार्षद 22