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Mahendragarh-Narnaul News: पटवारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी, सूना पड़ा रहा तहसील कार्यालय

Thu, 04 Jan 2024 11:53 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Thu, 04 Jan 2024 11:53 PM IST
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Patwaris' strike continues for the second day, Tehsil office remained deserted
नारनौल। द रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो संगठन हरियाणा के आह्वान पर जिला के पटवारी व कानूनगो की हड़ताल दूसरे दिन वीरवार को भी लघु सचिवालय में जारी रही। इस दौरान जिला भर के पटवारियों ने वेतन विसंगति से संबंधित मांग को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी व रोष प्रदर्शन किया। पटवारियों की हड़ताल के चलते वीरवार को तहसील कार्यालय भी सूना पड़ा रहा। इसमें कोई कार्य भी नहीं हुआ।
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तहसील कार्यालय में एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई। इसके अलावा नकल निकलवाने के लिए भी लोग नहीं पहुंचे, क्योंकि नकल निकलवाने के बाद एक सप्ताह का ही समय होता है, इसलिए लोगों यह सोच कर नहीं आए कि शुक्रवार को भी पटवारी हड़ताल पर रहेंगे और फिर शनिवार व रविवार का अवकाश होगा। इसके अलावा अगर हड़ताल आगे बढ़ी तो एक सप्ताह निकल जाएगा। इस दौरान संबोधित करते हुए संगठन के प्रधान सुनील तंवर ने बताया कि इस कड़ाके की ठंड में राजस्व विभाग के सभी कर्मचारी मजबूरी वश अपने दफ्तरों को छोड़ कर खुले आसमान के नीचे टेंट लगाकर बैठे हैं। यूनियन के महेंद्रगढ़ तहसील प्रधान पटवारी विकास पूनिया ने बताया कि एक कर्मचारी अपने 58 वर्ष की उम्र तक सरकार की नितियों को धरातल पर लागू करवाते-करवाते बुजुर्ग हो जाता है, मगर सरकार की असंवेदनशीलता का पता इस बात से चलता है कि वह उनकी जायज मांग को लागू नहीं करती। सचिव राकेश यादव ने कहा कि सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन में पटवारी का बढ़ा हुआ वेतन 25 जनवरी 2023 से लागू किया गया है, जबकि संगठन की मांग है कि बढ़े हुए वेतन को 1 जनवरी 2016 से लागू किया जाए। उन्होंने बताया कि उक्त नोटिफिकेशन के 1 जनवरी 2016 से नोटिफाई व 25 जनवरी 2013 में वास्तविक रूप से लागू करने से सरकार पर प्रतिवर्ष लगभग 9 करोड़ 50 लाख रुपये का अतिरिक्त भार पूरे प्रदेश में आएगा। जो प्रशासन के महत्वपूर्ण विभाग के लिए लगभग न के बराबर है। वित्त विभाग द्वारा इस बारे में अपनी अनुशंसा किए जाने व सरकार द्वारा बार-बार आश्वासन दिए जाने उपरांत भी कोई कार्रवाई अभी तक नहीं की गई है। इस मौके पर सर्व कर्मचारी संघ, राजस्व विभाग के सेवानिवृत अधिकारियों, कर्मचारियों व नंबरदारों ने भी अपना समर्थन दिया।
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