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प्रदूषण की मार : जिले में पांच नवंबर तक बंद रहेंगे 160 क्रशर
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दिल्ली एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के कारण जिले की करीब 160 क्रशर पांच नवंबर तक बंद रहेंगे। इस बारे में प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने सभी क्रशर मालिकों को दिशा निर्देश जारी कर दिये है। इसके लिए अधिकारियों को क्षेत्र में लगी क्रशर जोन जांच करने के निर्देश दिये गए है।
बता दें कि एक सप्ताह से दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण बढ़ रहा है। जिसे देखते हुए सरकार द्वारा क्रशर जोन को पांच नवंबर तक बंद करने के आदेश दिए है। प्रदूषण बोर्ड के क्षेत्रिय अधिकारी (गुरुग्राम) कुलदीप सिंह ने बताया कि जिले की सभी क्रशर जोन को पांच नवंबर तक बंद रहेंगे। इस बारे में रेवाड़ी स्थित बोर्ड अधिकारी को निर्देश दिए गए है कि इस दौरान कोई क्रशर न चले। उन्होंने कहा कि प्रदूषण को देखते हुए निर्माणाधीन इमारतों के निर्माण कार्य को बंद करने के निर्देश दिए है।
दिवाली पर लोगों ने जमकर आतिशबाजी की। जिससे जिले में प्रदूषण का स्तर बहुत खराब हो गया। प्रदूषण बोर्ड के अनुसार नारनौल शहर में हवा में पीएम (पार्टिकुलेट मैटर) 2.5 का स्तर 387 रही है। जो बहुत खराब रही। इससे पहले वीरवार को 309 थी। हालांकि रेवाड़ी व धारूहेड़ा में प्रदूषण का स्तर नारनौल के बराबर रहा।
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प्रदूषण बोर्ड द्वारा करीब छह महीने पहले नारनौल के लघु सचिवालय में प्रदूषण मापक यंत्र लगवाया था। बोर्ड के अनुसार शुक्रवार शाम चार बजे तक प्रदूषण का स्तर पीएम 2.5 का स्तर 387 रहा।
बता दें कि दीवाली पर हर बार प्रदूषण में इजाफा होता है। क्योंकि आतिशबाजी की खपत बढ़ रही है। बेमानक बनाए गए पटाखों से वातावरण में सल्फर डाईऑक्साइड, कार्बन डाईऑक्साइड, नाइट्रोजन व मीथेन तथा अन्य गैस निकलती है। ये गैस वायुमंडल में हवा के साथ फैल जाती है और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती हैं। इनसे बचाव बहुत जरूरी है। आतिशबाजी से सांस के मरीजों को भारी परेशानी रही।
शिक्षा विभाग ने जारी की एडवाइजरी
शिक्षा विभाग ने दिल्ली एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सभी स्कूल मुखियाओं को निर्देश दिया है कि बच्चों को बढ़ते प्रदूषण के बारे में जागरूक करे। बच्चों को ऐसे स्थानों पर न भेजे जहां प्रदूषण का असर ज्यादा हो। जिला शिक्षा अधिकारी अजीत सिंह सांगवान ने बताया कि इस बारे में विभाग से मिले निर्देशों के अनुसार बीईओ को उचित कदम उठाने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि इस दौरान बच्चों को खेलकूद करवाने से मना किया गया है।
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बता दें कि एक सप्ताह से दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण बढ़ रहा है। जिसे देखते हुए सरकार द्वारा क्रशर जोन को पांच नवंबर तक बंद करने के आदेश दिए है। प्रदूषण बोर्ड के क्षेत्रिय अधिकारी (गुरुग्राम) कुलदीप सिंह ने बताया कि जिले की सभी क्रशर जोन को पांच नवंबर तक बंद रहेंगे। इस बारे में रेवाड़ी स्थित बोर्ड अधिकारी को निर्देश दिए गए है कि इस दौरान कोई क्रशर न चले। उन्होंने कहा कि प्रदूषण को देखते हुए निर्माणाधीन इमारतों के निर्माण कार्य को बंद करने के निर्देश दिए है।
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दिवाली पर लोगों ने जमकर आतिशबाजी की। जिससे जिले में प्रदूषण का स्तर बहुत खराब हो गया। प्रदूषण बोर्ड के अनुसार नारनौल शहर में हवा में पीएम (पार्टिकुलेट मैटर) 2.5 का स्तर 387 रही है। जो बहुत खराब रही। इससे पहले वीरवार को 309 थी। हालांकि रेवाड़ी व धारूहेड़ा में प्रदूषण का स्तर नारनौल के बराबर रहा।
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प्रदूषण बोर्ड द्वारा करीब छह महीने पहले नारनौल के लघु सचिवालय में प्रदूषण मापक यंत्र लगवाया था। बोर्ड के अनुसार शुक्रवार शाम चार बजे तक प्रदूषण का स्तर पीएम 2.5 का स्तर 387 रहा।
बता दें कि दीवाली पर हर बार प्रदूषण में इजाफा होता है। क्योंकि आतिशबाजी की खपत बढ़ रही है। बेमानक बनाए गए पटाखों से वातावरण में सल्फर डाईऑक्साइड, कार्बन डाईऑक्साइड, नाइट्रोजन व मीथेन तथा अन्य गैस निकलती है। ये गैस वायुमंडल में हवा के साथ फैल जाती है और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती हैं। इनसे बचाव बहुत जरूरी है। आतिशबाजी से सांस के मरीजों को भारी परेशानी रही।
शिक्षा विभाग ने जारी की एडवाइजरी
शिक्षा विभाग ने दिल्ली एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सभी स्कूल मुखियाओं को निर्देश दिया है कि बच्चों को बढ़ते प्रदूषण के बारे में जागरूक करे। बच्चों को ऐसे स्थानों पर न भेजे जहां प्रदूषण का असर ज्यादा हो। जिला शिक्षा अधिकारी अजीत सिंह सांगवान ने बताया कि इस बारे में विभाग से मिले निर्देशों के अनुसार बीईओ को उचित कदम उठाने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि इस दौरान बच्चों को खेलकूद करवाने से मना किया गया है।