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Mahendragarh-Narnaul News: मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन शुरू
Tue, 01 Jul 2025 12:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 01 Jul 2025 12:09 AM IST
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फोटो संख्या:52- खंड कृषि कार्यालय कनीना में कार्य करते कर्मचारी--संवाद
कनीना। खरीफ सीजन के लिए मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल योजना का लाभ उठाने के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गए हैं। पोर्टल के माध्यम से एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर फसल बिक्री से लेकर खेतों में खड़ी फसलों का बीमा और सब्सिडी पर कृषि उपकरण पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
खंड कृषि विभाग के अधिकारी डॉ. अरविंद यादव के मुताबिक खरीफ में की गई फसलों की रोपाई या बिजाई को लेकर मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। किसानों को उपकरण खरीदने, अपनी फसल एमएसपी पर बेचने या अन्य किसी विभागीय योजना का लाभ लेने के लिए पोर्टल पर पंजीकरण कराना जरूरी है।
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बीमा के बारे में 23 जुलाई तक देनी होगी जानकारी
खरीफ-2025 में शामिल कपास, बाजरा, मूंग, मूंगफली आदि फसलों के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। किन्हीं कारणों से फसलों को नुकसान होता है तो नियमानुसार मुआवजा मिल सकेगा। फसल बीमा योजना के तहत बीमा कराना है या नहीं इसे लेकर 23 जुलाई तक लिखित में सहमति या असहमति पत्र देना होगा। 29 जुलाई तक फसल बदलने का ब्योरा बैंकों में देना होगा। बैंक 31 जुलाई तक बीमा की राशि खातों से काटेंगे।
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-पट्टेदार व ऋण न लेने वाले भी करा सकते हैं बीमा
पट्टेदार बीमा योजना का लाभ उठाने के लिए बुवाई के सर्टिफिकेट के साथ एनसीआईपी (नेशनल क्राॅप इंश्योरेंस पोर्टल) पर नियमानुसार आवेदन सकते हैं। खेत में खड़ी फसल में नुकसान होने पर मुआवजा मिल सकेगा। इसी तरह से केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) के माध्यम से जिन्होंने ऋण नहीं लिया है, वह किसान भी जमाबंदी, किला नंबर के साथ पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।
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जानें...कितनी बोई है फसल
कनीना उप मंडल में कपास 8114 हेक्टेयर में , बाजरा 20484 हेक्टेयर में , हरा चारा 674 हेक्टेयर में, अरहर 2.5 हेक्टेयर में , मूंग 2 हेक्टेयर में, ग्वार 116 हेक्टेयर में, मूंगफली 6.4 हेक्टेयर में उगाई हुई है।
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खंड कृषि विभाग के अधिकारी डॉ. अरविंद यादव के मुताबिक खरीफ में की गई फसलों की रोपाई या बिजाई को लेकर मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। किसानों को उपकरण खरीदने, अपनी फसल एमएसपी पर बेचने या अन्य किसी विभागीय योजना का लाभ लेने के लिए पोर्टल पर पंजीकरण कराना जरूरी है।
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बीमा के बारे में 23 जुलाई तक देनी होगी जानकारी
खरीफ-2025 में शामिल कपास, बाजरा, मूंग, मूंगफली आदि फसलों के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। किन्हीं कारणों से फसलों को नुकसान होता है तो नियमानुसार मुआवजा मिल सकेगा। फसल बीमा योजना के तहत बीमा कराना है या नहीं इसे लेकर 23 जुलाई तक लिखित में सहमति या असहमति पत्र देना होगा। 29 जुलाई तक फसल बदलने का ब्योरा बैंकों में देना होगा। बैंक 31 जुलाई तक बीमा की राशि खातों से काटेंगे।
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-पट्टेदार व ऋण न लेने वाले भी करा सकते हैं बीमा
पट्टेदार बीमा योजना का लाभ उठाने के लिए बुवाई के सर्टिफिकेट के साथ एनसीआईपी (नेशनल क्राॅप इंश्योरेंस पोर्टल) पर नियमानुसार आवेदन सकते हैं। खेत में खड़ी फसल में नुकसान होने पर मुआवजा मिल सकेगा। इसी तरह से केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) के माध्यम से जिन्होंने ऋण नहीं लिया है, वह किसान भी जमाबंदी, किला नंबर के साथ पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।
जानें...कितनी बोई है फसल
कनीना उप मंडल में कपास 8114 हेक्टेयर में , बाजरा 20484 हेक्टेयर में , हरा चारा 674 हेक्टेयर में, अरहर 2.5 हेक्टेयर में , मूंग 2 हेक्टेयर में, ग्वार 116 हेक्टेयर में, मूंगफली 6.4 हेक्टेयर में उगाई हुई है।