{"_id":"61993f66e3ae4b1f1a408b20","slug":"once-again-mahendragarh-slips-in-the-cleanliness-ranking-narnol-news-rtk6304279111","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक बार फिर महेंद्रगढ़ जिला स्वच्छता रैंकिंग में फिसला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक बार फिर महेंद्रगढ़ जिला स्वच्छता रैंकिंग में फिसला
विज्ञापन
- मोहल्ला जमालपुर में लगा गंदगी का ढेर।
- फोटो : Narnol
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्वच्छता रैंकिंग 2021 का परिणाम जारी हो गया है। इसमें महेंद्रगढ़ जिला एक बार फिर फिसड्डी रहा है। उत्तरी भारत में जोनल स्तर पर कुल 95 शहरों में 1375 अंक लेकर 85वें स्थान पर रहा है। 25 से 50 हजार जनसंख्या वाले शहरों में 200 शहरों में महेंद्रगढ़ को 190वीं रैंक मिली। इसके अलावा कनीना को 706 तथा नांगल चौधरी को 555रैंक हासिल हुई है।
इस बार जोनल स्तर पर ही रैंकिंग जारी की गई है। जिले की नगरपरिषद एवं नगरपालिकों ने शहर की स्वच्छता पर ध्यान नहीं दिया तो तीन महीने बाद होने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान लोगों का फीडबैक पहले जैसा ही रहेगा और शहर फिर फिसड्डी रहेगा। बता दें कि 4 से 31 जनवरी तक 2021 स्वच्छता सर्वे किया गया था। इस दौरान दूसरे क्षेत्र से आई टीम ने गली मोहल्लों में जाकर सफाई देखी। लोगों से फीडबैक लिया, स्वच्छता एप का उपयोग करने वालों का रिकार्ड जुटाया। टीम ने डायरेक्ट ओब्जरवेशन, सिटीजन फीडबैक, सर्विस लेवल प्रोगेस तथा सर्टिफिकेशन चारों के मिलाकर 2400 अंक बनाए थे।
नारनौल पिछले वर्ष की तुलना में 2 अंक पिछड़ा
बता दें कि 50 हजार से एक लाख की आबादी की श्रेणी में नार्थ जोन के 95 शहर शामिल किए गए थे। जिसमें 85वां रैंक हासिल किया है। शहर को 2400 में से 1375 अंक हासिल हो पाए। 2020 स्वच्छता सर्वेक्षण नारनौल 83वां स्थान मिला। यह शहर 2017-18 में हरियाणा में छठा रैंक हासिल किया था।
विज्ञापन
महेंद्रगढ़ 200 शहरों में रहा 190वें नंबर पर
महेंद्रगढ़ शहर इस बार भी 200 शहरों में 190वें नंबर पर रहा है। इस बार 2400 अंकों में 1088.41 अंक हासिल किए हैं। शहर को 25 हजार से 50 हजार के बीच जनसंख्या वाले शहर में शामिल किया गया था। पिछले महेंद्रगढ़ 191 शहरों में 190वें नंबर पर रहा। इस बार न तो एक अंक बढ़ा और न ही एक अंक घटा।
नांगल चौधरी 218 रैंक पिछड़ा
नांगल चौधरी पिछले वर्ष की तुलना में 218 रैंक और पिछड़ गया है। पिछले वर्ष नांगल चौधरी ने 337वीं रैंक हासिल की थी। इस वर्ष रैंकिंग बढ़कर 555 रैंक हो गई है। इस वर्ष भी नांगल चौधरी को 25 हजार से कम जनसंख्या वाले शहरों में शामिल किया गया था। नार्थ जोन में 720 शहरों ने भाग लिया था जिसमें नांगल चौधरी ने 1355.27 अंक लेकर 555वीं रैंक हासिल की है।
कनीना भी 111रैंक पिछड़ा
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार कनीना भी डाउन रहा। कनीना शहर पिछले वर्ष की तुलना में 111 रैंक पिछड़ गया है। कनीना ने मात्र 678.44 अंक प्राप्त कर 720 शहरों में 706 रैंक प्राप्त किया है। पिछले वर्ष कनीना ने 595 रैंक हासिल की थी। अगर हालात ये रहे तो 2022 स्वच्छता सर्वेक्षण में हालात सुधरने वाले नहीं है। अटेली की रैंकिंग भी 100 रैंक डाउन चली गई। 2020 में 582 रैंक थी और इस बार 682वीं रैंक हासिल की है।
ये थे नार्थ जोन राज्य
स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान देश के सात राज्यों को नार्थ जोन में शामिल किया गया था। इनमें पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड शामिल हैं। जोनल स्तर पर इन राज्यों के शामिल शहरों के आधार पर रैंकिंग दी गई है।
स्वच्छता सर्वेक्षण का परिणाम घोषित हो चुका है। इसमें महेंद्रगढ़ 190 रैंक, नारनौल 85, कनीना 706 तथा नांगल चौधरी ने 555 रैंक हासिल की है। -दीपक दुबे, सिटी टीम लीडर।
विज्ञापन
इस बार जोनल स्तर पर ही रैंकिंग जारी की गई है। जिले की नगरपरिषद एवं नगरपालिकों ने शहर की स्वच्छता पर ध्यान नहीं दिया तो तीन महीने बाद होने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान लोगों का फीडबैक पहले जैसा ही रहेगा और शहर फिर फिसड्डी रहेगा। बता दें कि 4 से 31 जनवरी तक 2021 स्वच्छता सर्वे किया गया था। इस दौरान दूसरे क्षेत्र से आई टीम ने गली मोहल्लों में जाकर सफाई देखी। लोगों से फीडबैक लिया, स्वच्छता एप का उपयोग करने वालों का रिकार्ड जुटाया। टीम ने डायरेक्ट ओब्जरवेशन, सिटीजन फीडबैक, सर्विस लेवल प्रोगेस तथा सर्टिफिकेशन चारों के मिलाकर 2400 अंक बनाए थे।
विज्ञापन
नारनौल पिछले वर्ष की तुलना में 2 अंक पिछड़ा
बता दें कि 50 हजार से एक लाख की आबादी की श्रेणी में नार्थ जोन के 95 शहर शामिल किए गए थे। जिसमें 85वां रैंक हासिल किया है। शहर को 2400 में से 1375 अंक हासिल हो पाए। 2020 स्वच्छता सर्वेक्षण नारनौल 83वां स्थान मिला। यह शहर 2017-18 में हरियाणा में छठा रैंक हासिल किया था।
विज्ञापन
महेंद्रगढ़ 200 शहरों में रहा 190वें नंबर पर
महेंद्रगढ़ शहर इस बार भी 200 शहरों में 190वें नंबर पर रहा है। इस बार 2400 अंकों में 1088.41 अंक हासिल किए हैं। शहर को 25 हजार से 50 हजार के बीच जनसंख्या वाले शहर में शामिल किया गया था। पिछले महेंद्रगढ़ 191 शहरों में 190वें नंबर पर रहा। इस बार न तो एक अंक बढ़ा और न ही एक अंक घटा।
नांगल चौधरी 218 रैंक पिछड़ा
नांगल चौधरी पिछले वर्ष की तुलना में 218 रैंक और पिछड़ गया है। पिछले वर्ष नांगल चौधरी ने 337वीं रैंक हासिल की थी। इस वर्ष रैंकिंग बढ़कर 555 रैंक हो गई है। इस वर्ष भी नांगल चौधरी को 25 हजार से कम जनसंख्या वाले शहरों में शामिल किया गया था। नार्थ जोन में 720 शहरों ने भाग लिया था जिसमें नांगल चौधरी ने 1355.27 अंक लेकर 555वीं रैंक हासिल की है।
कनीना भी 111रैंक पिछड़ा
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार कनीना भी डाउन रहा। कनीना शहर पिछले वर्ष की तुलना में 111 रैंक पिछड़ गया है। कनीना ने मात्र 678.44 अंक प्राप्त कर 720 शहरों में 706 रैंक प्राप्त किया है। पिछले वर्ष कनीना ने 595 रैंक हासिल की थी। अगर हालात ये रहे तो 2022 स्वच्छता सर्वेक्षण में हालात सुधरने वाले नहीं है। अटेली की रैंकिंग भी 100 रैंक डाउन चली गई। 2020 में 582 रैंक थी और इस बार 682वीं रैंक हासिल की है।
ये थे नार्थ जोन राज्य
स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान देश के सात राज्यों को नार्थ जोन में शामिल किया गया था। इनमें पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड शामिल हैं। जोनल स्तर पर इन राज्यों के शामिल शहरों के आधार पर रैंकिंग दी गई है।
स्वच्छता सर्वेक्षण का परिणाम घोषित हो चुका है। इसमें महेंद्रगढ़ 190 रैंक, नारनौल 85, कनीना 706 तथा नांगल चौधरी ने 555 रैंक हासिल की है। -दीपक दुबे, सिटी टीम लीडर।