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Mahendragarh-Narnaul News: अब मोबाइल-स्क्रीन पर दिखेगा हर सरकारी स्कूल का पूरा नक्शा
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फोटो 13इस तरह का होगा डिजिटल मैप।संवाद
मंडी अटेली। सरकारी स्कूलों की जमीन और भवनों का सही रिकॉर्ड तैयार करने के लिए शिक्षा विभाग ने डिजिटल मैप बनाने की पहल की है। इसके लिए सभी राजकीय उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के मुखियाओं को निर्देश दिए गए हैं।
आर्किटेक्ट मोहित वर्मा ने बताया कि डिजिटल नक्शे से खाली जमीन का बेहतर उपयोग, नए कमरों और भवनों का ले-आउट तैयार करने व निर्माण कार्य की योजना बनाने में मदद मिलेगी। इससे विभाग को स्कूलों के विकास से जुड़े फैसले लेने में भी आसानी होगी।
डिजिटल मैप में विद्यालय परिसर में बने सभी उपयोगी भवनों और सुविधाओं को दर्शाया जाएगा। इसमें कक्षा-कक्ष, शौचालय, पेयजल व्यवस्था, खेल मैदान, चहारदीवारी सहित अन्य जरूरी संरचनाओं की जानकारी शामिल होगी।
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विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन भवनों या हिस्सों को ध्वस्त करने की अनुमति मिल चुकी है, उन्हें डिजिटल नक्शे में नहीं दिखाया जाएगा और न ही उपयोगी निर्मित क्षेत्र में शामिल किया जाएगा।
विद्यालय मुखियाओं को निर्देश दिए गए हैं कि नक्शा तैयार करते समय मौके की वास्तविक स्थिति ही दर्ज करें। सभी जानकारी का दोबारा सत्यापन भी किया जाएगा ताकि रिकॉर्ड में किसी तरह की गलती न रहे। विभाग ने इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा है।
भविष्य में विकास की योजना बनाने में मिलेगी मदद
खंड शिक्षा अधिकारी कुसुम यादव ने बताया कि डिजिटल मैप से हर स्कूल की जमीन और भवनों का पूरा रिकॉर्ड एक जगह उपलब्ध रहेगा। इससे भविष्य में स्कूलों के विकास की योजना बनाने में आसानी होगी।
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आर्किटेक्ट मोहित वर्मा ने बताया कि डिजिटल नक्शे से खाली जमीन का बेहतर उपयोग, नए कमरों और भवनों का ले-आउट तैयार करने व निर्माण कार्य की योजना बनाने में मदद मिलेगी। इससे विभाग को स्कूलों के विकास से जुड़े फैसले लेने में भी आसानी होगी।
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डिजिटल मैप में विद्यालय परिसर में बने सभी उपयोगी भवनों और सुविधाओं को दर्शाया जाएगा। इसमें कक्षा-कक्ष, शौचालय, पेयजल व्यवस्था, खेल मैदान, चहारदीवारी सहित अन्य जरूरी संरचनाओं की जानकारी शामिल होगी।
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विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन भवनों या हिस्सों को ध्वस्त करने की अनुमति मिल चुकी है, उन्हें डिजिटल नक्शे में नहीं दिखाया जाएगा और न ही उपयोगी निर्मित क्षेत्र में शामिल किया जाएगा।
विद्यालय मुखियाओं को निर्देश दिए गए हैं कि नक्शा तैयार करते समय मौके की वास्तविक स्थिति ही दर्ज करें। सभी जानकारी का दोबारा सत्यापन भी किया जाएगा ताकि रिकॉर्ड में किसी तरह की गलती न रहे। विभाग ने इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा है।
भविष्य में विकास की योजना बनाने में मिलेगी मदद
खंड शिक्षा अधिकारी कुसुम यादव ने बताया कि डिजिटल मैप से हर स्कूल की जमीन और भवनों का पूरा रिकॉर्ड एक जगह उपलब्ध रहेगा। इससे भविष्य में स्कूलों के विकास की योजना बनाने में आसानी होगी।