फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   Now, commission agents and traders have to make rounds to get the J Form.

Mahendragarh-Narnaul News: अब जे फार्म लेने के लिए आढ़तियों व व्यापारियों के लगाने पड़ रहे चक्कर

Sun, 19 Oct 2025 11:48 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Sun, 19 Oct 2025 11:48 PM IST
विज्ञापन
Now, commission agents and traders have to make rounds to get the J Form.
फोटो संख्या:64- अनाज मंडी सतनाली में रखा बाजरे से भरे बैग--संवाद
सतनाली। क्षेत्र के किसानों को बाजरा बिक्री के लिए इस बार दर-दर भटकना पड़ रहा है। पहले तो सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से किसानों को परेशानी उठानी पड़ी थी।
विज्ञापन

किसानों को आढ़तियों व व्यापारियों को औने-पौने दामों पर अपने खून पसीने की कमाई को बेचने पर मजबूर होना पड़ा। अब कम दामों पर उपज बिक्री करने के बाद भी व्यापारियों व आढ़तियों की ओर से किसानों से जे-फार्म के नाम पर प्रति क्विंटल 75 रुपये की मांग की जा रही है। ऐसे में किसान भी मजबूर हो रहा है।
विज्ञापन

कई व्यापारियों व आढ़तियों की ओर से किसानों से जे-फार्म के नाम पर पहले ही 75 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से पैसे वसूल लिए लेकिन अब जेफार्म भी नहीं दे रहे हैं। किसानों का कहना है कि व्यापारियों व आढ़तियों की ओर से जेफार्म उपलब्ध कराने के नाम पर पहले ही उपज खरीद ली थी। व्यापारियों ने मनमाने भाव पर उपज खरीदकर किसानों की पहले ही कमर तोड़ दी है अब जेफार्म उपलब्ध नहीं कराने से किसानों के समक्ष भावांतर भरपाई का पैसा लेने के लिए संकट खड़ा हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसानों का कहना है कि जे फार्म की समस्या पर जल्द से जल्द समाधान करना चाहिए ताकि दिवाली पर्व पर किसान भी इस पर्व को खुशी से मना सके।
-------------------
अबकी बार मंडी न लगने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आढ़तियों व व्यापारियों के कहने के अनुसार अनाज मजबूरी में बेचना पड़ रहा है। अब जे-फार्म के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। यदि भटकना नहीं चाहते तो भावांतर के लिए 75 रुपये देकर प्रति क्विंटल के हिसाब से जे फार्म कटवाना मजबूरी बन गया है। - बाली शर्मा नांवां
----------------
बाजरे की सरकारी खरीद की मंडी न लगने के कारण क्षेत्र के किसानों को समर्थन मूल्य नहीं मिला। किसान को बाजरा औने-पौने दाम पर बेचना पड़ा। अब आढ़तियों व स्थानीय व्यापारियों की ओर से जेफार्म के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। किसान इस बार कभी उपज बिक्री तो कभी खाद को लेकर दर-दर भटक रहा है। - बलबीर नांवां
------------------
पहले तो किसान को बाजरा बेचने के लिए दिन प्रतिदिन सरकारी खरीद के लिए इंतजार करना पड़ा जब सरकारी खरीद नहीं हुई तो निजी एजेंसी की ओर से खरीद औने-पौने दामों पर की जा रही है। अब जे-फार्म के लिए दर दर भटकना पड़ रहा है। प्रदेश सरकार से मांग है कि किसानों की खरीदी गई उपज का जेफार्म उपलब्ध कराया जाए। - सुरेश कुमार नांवां
---------------
सरकार को किसानों की समस्या का जल्द से जल्द समाधान करना चाहिए ताकि किसान को आर्थिक व मानसिक परेशानी का सामना ना करना पडे़। हो सके तो सरकार को हर बार सरकारी खरीद करनी चाहिए ताकि किसानों को फसल बेचने के लिए किसी प्रकार की समस्या का सामना ना करना पडे़।- कैलाश, बीर सिंहवास

------------

- वर्जन:

मंडी में निजी खरीद बाजरे की बोली के अनुसार की जा रही है। जे फार्म का काम भी आढ़तियों व व्यापारियों की ओर से करवाया जा रहा है। यदि किसी प्रकार की समस्या आती है तो तुरंत समस्या का हल किया जाएगा।- संदीप यादव, ऑक्सन रिकार्डर, मार्केट कमेटी, सतनाली

फोटो संख्या:64- अनाज मंडी सतनाली में रखा बाजरे से भरे बैग--संवाद

फोटो संख्या:64- अनाज मंडी सतनाली में रखा बाजरे से भरे बैग--संवाद

फोटो संख्या:64- अनाज मंडी सतनाली में रखा बाजरे से भरे बैग--संवाद

फोटो संख्या:64- अनाज मंडी सतनाली में रखा बाजरे से भरे बैग--संवाद

फोटो संख्या:64- अनाज मंडी सतनाली में रखा बाजरे से भरे बैग--संवाद

फोटो संख्या:64- अनाज मंडी सतनाली में रखा बाजरे से भरे बैग--संवाद

फोटो संख्या:64- अनाज मंडी सतनाली में रखा बाजरे से भरे बैग--संवाद

फोटो संख्या:64- अनाज मंडी सतनाली में रखा बाजरे से भरे बैग--संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed