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शिमला से ठंडा रहा नारनौल, पारा 1.7 डिग्री सेल्सियस रहा
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ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेते लोग।
- फोटो : Narnol
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जिले में शीतलहर का कहर जारी है। हाड़ कंपाती ठंड के कारण लोग घरों में दुबके रहने को मजबूर हैं। सोमवार को जिले का न्यूनतम तापमान 1.7 डिग्री सेल्सियस रहा जो इस सीजन का सबसे कम है। जबकि, अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं शिमला का न्यूनतम तापमान 3.6 और अधिकतम 14.1 डिग्री सेल्सियस रहा।
सोमवार को सुबह घने कोहरे के कारण वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गए। सड़कों पर वाहनों की रफ्तार काफी धीमी रही। दोपहर बाद कुछ देर तक सूर्य ने दर्शन दिए तो सर्दी से थोड़ी राहत मिली, लेकिन कुछ ही देर बार कोहरे ने फिर सूर्य को अपने आगोश में ले लिया। इस समय लगातार तापमान में गिरावट दर्ज हो रही है। अक्सर नारनौल और हिसार प्रदेश के सबसे ठंडे जिले रहते हैं। रविवार को जहां न्यूनतम 4.5 डिग्री व अधिकतम तापमान 19.0 डिग्री सेल्सियस था। सोमवार को न्यूनतम तापमान में 2.8 डिग्री व अधिकतम तापमान में एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों में कोहरा व ठंड दोनों का प्रकोप और बढ़ सकता है। अधिक ठंड व पाला गिरने से फसलों में नुकसान हो सकता है। वहीं कोहरा फसलों के लिए फायदेमंद है। जरूरी कार्य से ही लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं।
अभिभावकों ने स्कूलों की छुट्टी की मांग की
स्कूल जाने वाले बच्चों को भी सोमवार से परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अभिभावकों ने सरकार व प्रशासन से स्कूलों की छुट्टी करने की मांग की है। बता दें कि इससे पहले 18 दिसंबर को न्यूनतम तापमान 2.5 था जबकि अधिकतम 22 डिग्री था। इसके बाद तापमान में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई थी। सोमवार को अचानक दोबारा से पारा 1.7 तक पहुंच गया। हालांकि साल 2014 के जनवरी में तापमान माइनस 0.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा गया था। पिछले साल न्यूनतम तापमान 0.7 डिग्री से तक चला गया था।
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पाला से फसलों के नुकसान होने का आशंका
कृषि विशेषज्ञ डॉ. नरेश यादव के अनुसार इस समय मौसम गेहूं और सरसों दोनों फसलों के लिए अनुकूल है। अगर आसमान साफ होने के बाद पाला जमता है तो यह सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे मौसम में किसानों को अपनी फसल की हल्की सिंचाई करनी चाहिए। इससे जमीन का तापमान बढ़ जाता है, जो पाला से फसलों को बचाने का काम करता है। खंड कृषि अधिकारी डॉ. हरीश यादव ने बताया कि ठंड फसल के लिए लाभप्रद होगी। गेहूं के लिए इस समय ठंड होना जरूरी होता है।
ऐसे बढ़ी ठंड
दिनांक न्यूनतम अधिकतम
18 दिसंबर 2.5 19.0
19 दिसंबर 3.5 17.7
20 दिसंबर 5.5 17.7
21 दिसंबर 7.8 19.2
22 दिसंबर 4.5 19.0
23 दिसंबर 1.7 18.0
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सोमवार को सुबह घने कोहरे के कारण वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गए। सड़कों पर वाहनों की रफ्तार काफी धीमी रही। दोपहर बाद कुछ देर तक सूर्य ने दर्शन दिए तो सर्दी से थोड़ी राहत मिली, लेकिन कुछ ही देर बार कोहरे ने फिर सूर्य को अपने आगोश में ले लिया। इस समय लगातार तापमान में गिरावट दर्ज हो रही है। अक्सर नारनौल और हिसार प्रदेश के सबसे ठंडे जिले रहते हैं। रविवार को जहां न्यूनतम 4.5 डिग्री व अधिकतम तापमान 19.0 डिग्री सेल्सियस था। सोमवार को न्यूनतम तापमान में 2.8 डिग्री व अधिकतम तापमान में एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों में कोहरा व ठंड दोनों का प्रकोप और बढ़ सकता है। अधिक ठंड व पाला गिरने से फसलों में नुकसान हो सकता है। वहीं कोहरा फसलों के लिए फायदेमंद है। जरूरी कार्य से ही लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं।
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अभिभावकों ने स्कूलों की छुट्टी की मांग की
स्कूल जाने वाले बच्चों को भी सोमवार से परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अभिभावकों ने सरकार व प्रशासन से स्कूलों की छुट्टी करने की मांग की है। बता दें कि इससे पहले 18 दिसंबर को न्यूनतम तापमान 2.5 था जबकि अधिकतम 22 डिग्री था। इसके बाद तापमान में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई थी। सोमवार को अचानक दोबारा से पारा 1.7 तक पहुंच गया। हालांकि साल 2014 के जनवरी में तापमान माइनस 0.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा गया था। पिछले साल न्यूनतम तापमान 0.7 डिग्री से तक चला गया था।
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पाला से फसलों के नुकसान होने का आशंका
कृषि विशेषज्ञ डॉ. नरेश यादव के अनुसार इस समय मौसम गेहूं और सरसों दोनों फसलों के लिए अनुकूल है। अगर आसमान साफ होने के बाद पाला जमता है तो यह सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे मौसम में किसानों को अपनी फसल की हल्की सिंचाई करनी चाहिए। इससे जमीन का तापमान बढ़ जाता है, जो पाला से फसलों को बचाने का काम करता है। खंड कृषि अधिकारी डॉ. हरीश यादव ने बताया कि ठंड फसल के लिए लाभप्रद होगी। गेहूं के लिए इस समय ठंड होना जरूरी होता है।
ऐसे बढ़ी ठंड
दिनांक न्यूनतम अधिकतम
18 दिसंबर 2.5 19.0
19 दिसंबर 3.5 17.7
20 दिसंबर 5.5 17.7
21 दिसंबर 7.8 19.2
22 दिसंबर 4.5 19.0
23 दिसंबर 1.7 18.0