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Mahendragarh-Narnaul News: 11 डिग्री पर पहुंचा रात्रि का तापमान, आने वाले दिनों में बढ़ेगी ठंड
Thu, 23 Nov 2023 12:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 23 Nov 2023 12:23 AM IST
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नारनौल। जिले में सुबह और शाम ठंड अपने रंग दिखाने लगी है। वहीं सुबह के समय हल्का कोहरा भी देखने को मिल रहा है। जैसे ठंड बढ़ी है वैसे ही वायु गुणवत्ता सूचकांक में एक बार फिर से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार जिला में नारनौल का वायु गुणवत्ता सूचकांक 285 हो गया है।
मौसम विशेषज्ञ और पर्यावरणविद डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान परिदृश्य में कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से बार-बार हवाओं की दिशा में बदलाव से संपूर्ण इलाके में मौसम, तापमान, वायु प्रदूषण, वायु गुणवत्ता सूचकांक में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। जब पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होते हैं उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर बर्फबारी और हवाएं पश्चिमी और दक्षिणी पूर्वी और दक्षिणी पश्चिमी होती है। इसकी वजह से तापमान में बढ़ोतरी और प्रदूषण और वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार होता है और जब मौसम प्रणाली आगे निकल जाती है तो हवाएं उत्तरी होने से उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों की ठंड और पंजाब और सटे हरियाणा के हिस्सों में लगातार पराली जलाने का धुआं निचले हिस्से में आने से ठंड के साथ ही साथ वायु गुणवत्ता सूचकांक में गिरावट दर्ज होती है। बुधवार को नारनौल का अधिकतम तापमान 26.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो सामान्य तापमान से 3.2 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया है। वहीं रात्रि तापमान 11.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जिले में दिन और रात के तापमान सामान्य से कम बने हुए हैं। आने वाले दिनों में तापमान में और अधिक गिरावट दर्ज होगी और धुंध कोहरा अपने रंग दिखाएगा। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार जिला में नारनौल का वायु गुणवत्ता सूचकांक 285 हो गया है। इस प्रकार जिला एक बार फिर से जहरीली हवाओं के आगोश में आ गया है। 25 नवंबर को उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर भारी मात्रा में बर्फबारी होने की संभावना है। साथ ही पश्चिमी विक्षोभ ट्रफ और उत्तरी पूर्वी मानसून धाराओं के परस्पर मिलन से हरियाणा एनसीआर दिल्ली के केवल दक्षिणी हिस्सों पर इस मौसम प्रणाली का आंशिक असर दिखाई देगा। जिसकी वजह से दक्षिणी हिस्सों पर 25-27 नवंबर के दौरान केवल आंशिक बादलवाही देखने को मिलेगी।
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मौसम विशेषज्ञ और पर्यावरणविद डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान परिदृश्य में कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से बार-बार हवाओं की दिशा में बदलाव से संपूर्ण इलाके में मौसम, तापमान, वायु प्रदूषण, वायु गुणवत्ता सूचकांक में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। जब पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होते हैं उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर बर्फबारी और हवाएं पश्चिमी और दक्षिणी पूर्वी और दक्षिणी पश्चिमी होती है। इसकी वजह से तापमान में बढ़ोतरी और प्रदूषण और वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार होता है और जब मौसम प्रणाली आगे निकल जाती है तो हवाएं उत्तरी होने से उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों की ठंड और पंजाब और सटे हरियाणा के हिस्सों में लगातार पराली जलाने का धुआं निचले हिस्से में आने से ठंड के साथ ही साथ वायु गुणवत्ता सूचकांक में गिरावट दर्ज होती है। बुधवार को नारनौल का अधिकतम तापमान 26.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो सामान्य तापमान से 3.2 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया है। वहीं रात्रि तापमान 11.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जिले में दिन और रात के तापमान सामान्य से कम बने हुए हैं। आने वाले दिनों में तापमान में और अधिक गिरावट दर्ज होगी और धुंध कोहरा अपने रंग दिखाएगा। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार जिला में नारनौल का वायु गुणवत्ता सूचकांक 285 हो गया है। इस प्रकार जिला एक बार फिर से जहरीली हवाओं के आगोश में आ गया है। 25 नवंबर को उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर भारी मात्रा में बर्फबारी होने की संभावना है। साथ ही पश्चिमी विक्षोभ ट्रफ और उत्तरी पूर्वी मानसून धाराओं के परस्पर मिलन से हरियाणा एनसीआर दिल्ली के केवल दक्षिणी हिस्सों पर इस मौसम प्रणाली का आंशिक असर दिखाई देगा। जिसकी वजह से दक्षिणी हिस्सों पर 25-27 नवंबर के दौरान केवल आंशिक बादलवाही देखने को मिलेगी।
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