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Mahendragarh-Narnaul News: एनसीसी कैडेट्स करना चाहते हैं देश सेवा
Sun, 11 May 2025 12:31 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 11 May 2025 12:31 AM IST
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फोटो नंबर- 03मेजर विरेंद्र सेकवाल।
नारनौल। भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति में अर्द्ध सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त एनसीसी कैडेट्स सेना का सहयोग करना चाहते हैं। कैडेट्स का कहना है कि यदि उन्हें बॉर्डर पर सैनिकों की सहायता के लिए भेजा जाता है तो हम बिल्कुल तैयार हैं।
कहा कि जो भी ट्रेनिंग ली है, उस स्किल का लाभ उठाते हुए सहयोग कर सकते हैं। गौरतलब है कि एनसीसी कैडेट्स को आपात स्थिति से किस तरह निपटा जाए, इसका प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण प्राप्त कैडेट्स का कहना है कि यदि उन्हें मौका मिला तो वह युद्ध के दौरान घायल सैनिक की प्राथमिक चिकित्सा, हथियार पहुंचाने और बंकर की सुरक्षा में मदद करेंगे।
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अर्द्ध सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले एनसीसी कैडेट्स मुझसे कह रहे हैं कि हम युद्ध के दौरान सैनिकों की मदद करना चाहते हैं। देश के नौजवान भी आतंक के विरुद्ध इस निर्णायक लड़ाई में शामिल होने की इच्छा जता रहे हैं।- विरेंद्र सेकवाल, एनसीसी मेजर
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भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए हम जैसे कैडेट भी चाहते हैं कि बॉर्डर पर वीर सैनिकों का सहयोग करें। यदि अवसर मिला तो बॉर्डर पर जाने के लिए तैयार हैं। हम देश के अंदर भी शांति व स्थिरता बनाए रखने में भी सहयोग कर सकते हैं।-प्रवीण कुमार, पूर्व एनसीसी कैडेट
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सुरक्षा, हथियार चलाने, विपरीत परिस्थिति में बचाव के तरीके की ट्रेनिंग दी गई है। बताया गया है कि युद्ध क्षेत्र में एनसीसी कैडेट्स सहयोगी की भूमिका में हो सकते हैं। जरूरत पड़ने पर जो प्रशिक्षण लिया है वह देश के काम आएगा।-तृप्ति सैनी, पूर्व एनसीसी कैडेट
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कहा कि जो भी ट्रेनिंग ली है, उस स्किल का लाभ उठाते हुए सहयोग कर सकते हैं। गौरतलब है कि एनसीसी कैडेट्स को आपात स्थिति से किस तरह निपटा जाए, इसका प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण प्राप्त कैडेट्स का कहना है कि यदि उन्हें मौका मिला तो वह युद्ध के दौरान घायल सैनिक की प्राथमिक चिकित्सा, हथियार पहुंचाने और बंकर की सुरक्षा में मदद करेंगे।
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अर्द्ध सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले एनसीसी कैडेट्स मुझसे कह रहे हैं कि हम युद्ध के दौरान सैनिकों की मदद करना चाहते हैं। देश के नौजवान भी आतंक के विरुद्ध इस निर्णायक लड़ाई में शामिल होने की इच्छा जता रहे हैं।- विरेंद्र सेकवाल, एनसीसी मेजर
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भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए हम जैसे कैडेट भी चाहते हैं कि बॉर्डर पर वीर सैनिकों का सहयोग करें। यदि अवसर मिला तो बॉर्डर पर जाने के लिए तैयार हैं। हम देश के अंदर भी शांति व स्थिरता बनाए रखने में भी सहयोग कर सकते हैं।-प्रवीण कुमार, पूर्व एनसीसी कैडेट
सुरक्षा, हथियार चलाने, विपरीत परिस्थिति में बचाव के तरीके की ट्रेनिंग दी गई है। बताया गया है कि युद्ध क्षेत्र में एनसीसी कैडेट्स सहयोगी की भूमिका में हो सकते हैं। जरूरत पड़ने पर जो प्रशिक्षण लिया है वह देश के काम आएगा।-तृप्ति सैनी, पूर्व एनसीसी कैडेट