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Mahendragarh-Narnaul News: न्यूनतम तापमान में 2.3 डिग्री की गिरावट, पाला जमने से किसान चिंतित

Tue, 28 Jan 2025 01:24 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jan 2025 01:24 AM IST
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Narnaul weather
फोटो नंबर-33सुबह के समय मैदान में घास पर जमा पाला।
नारनौल।
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नारनौल क्षेत्र में तीन दिन से पाला जम रहा है। सुबह के समय पाला जमने और शीतलहर का प्रभाव भी देखने को मिला। हालांकि दिन के समय सूर्य की चटक और चमकदार धूप से लोगों को ठंड से राहत मिली। नारनौल का शुक्रवार को 7.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, वहीं सोमवार को 2.5 डिग्री सेल्सियस के पास दर्ज किया गया है। आगामी 29 जनवरी तक क्षेत्र में रात्रि तापमान में गिरावट, शीतलहर और पाला जमने की संभावना बनी रहेगी।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि 29 जनवरी को कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसम में बदलाव होगा और कोहरे की गतिविधियां देखने को मिलेगी। उन्होंने बताया कि 3 फरवरी को एक सशक्त पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण पर्वतीय क्षेत्रों पर बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में मध्यम व हल्की बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि देखने को मिलेगी।
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क्षेत्र में इस समय रातें ठंडी बनी हुई है, जिस कारण न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। सोमवार को नारनौल के न्यूनतम तापमान में 2.3 डिग्री सेल्सियस और महेंद्रगढ़ के न्यूनतम तापमान में 2.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। नारनौल में न्यूनतम तापमान 2.5 व अधिकतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस और महेंद्रगढ़ में न्यूनतम तापमान में 2.8 व अधिकतम तापमान 22.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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तेज धूप व पाला फसल की उपज को कर सकता है प्रभावित
इस समय क्षेत्र में सुबह के समय पाला जमने और दिन के समय चटकदार धूप देखने को मिल रही है। क्षेत्र में किसानों ने मुख्य तौर पर गेंहू व सरसों की फसल उगाई हुई है। लेकिन पाला जमने के कारण फसल के खराब होने और फसल पकने से पहले तेज धूप के कारण फसल में रोग लगने की संभावना बनी रहती है। किसानों का कहना है कि इस समय जो धूप पड़ रही है वह फरवरी के दूसरे सप्ताह में पड़नी चाहिए। पाला और रोग से फसल को बचाने के लिए किसानों को फसल की हल्की सिंचाई करनी चाहिए।
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