{"_id":"579e488a4f1c1bde762b8e0e","slug":"narnaul-news-olympic-docotor-selection-rio-dr-vipin","type":"story","status":"publish","title_hn":"महेंद्रगढ़ का लाडले डा. विपिन का रियो ओलम्पिक में बतौर चिकित्सक चयन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महेंद्रगढ़ का लाडले डा. विपिन का रियो ओलम्पिक में बतौर चिकित्सक चयन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 01 Aug 2016 12:20 AM IST
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- फोटो : Getty Images
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महेंद्रगढ़ जिला शिक्षा में हब के साथ-साथ चिकित्सा क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहा है। मरु भूमि का बेटा विदेश में जाकर रियो ओलम्पिक में खिलाड़ियों का इलाज करेगा। गांव माधोगढ़ निवासी डा. विपिन का रियो ओलम्पिक में बतौर मेडिकल सर्विस के लिए चयन हुआ है। डा. विपिन पहले चिकित्सक है जो ओलम्पिक में बतौर डाक्टर वहां जाएंगे। वे टीम इंडिया की ओर से नहीं बल्कि ओल्म्पिक ओरगेनाइजर की तरफ से जाएंगे। वहां जाकर 172 देशों के खिलाड़ियों का चोटिल होने पर वे इलाज करेंगे। यह जिला एवं प्रदेश के लिए नहीं बल्कि देश के लिए गौरव की बात हैं। उनके चयन होने पर गांव माधोगढ़ में खुशी की लहर दौड़ गई और घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया।ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व जो देश की ओर से बतौर चिकित्सक जाएगा । अभी वो हरियाणा बाक्सिंग फेडरेशन मेडिकल कॅमीशन के चेयरमैन हैं। डा. विपिन के पिता रतनलाल एक समाज सेवी हैँ तथा माता ममता गृहणी हैं। उन्होंने 2012 में अंबाला से एमीबीएस किया था। वे स्पोर्ट्स इंजरी के स्पेशल्स्टि हैं। 2012 के बाद वो सवा साल रोहतक पीजीआई में मैडिकल ऑफिसर के पद पर काम किया और उसके बाद एमएस में उनका दाखिला हो गया। अभी वो अंबाला से एमएस फाइनल इयर कर रहे हैं।
4 अगस्त को पहुंचेगे रियो:
डा. विपिन ने बताया कि उनके पास 23 जुलाई को मेले आई थी कि उनका चयन रियो ओलम्पिक में बतौर चिकित्सक के रूप में चयन हुआ है। इसका कंफर्म शनिवार को हुआ है। उन्होंने बताया कि ओलम्पिक खेल ओरगेनाइज के द्वारा उन्हें इमरजैंसी विजा दिया गया है। वो सोमवार को दिल्ली के लिए निकलंगे और 3 अगस्त को वहां से रियो के लिए निकलंगे 4 की रात्रि वहां पहुंच जाएंगे। 5 अगस्त को ओपनिंग सेरमनी हैं और 22 अगस्त को क्लोजिंग है तब तक वो वहां रहकर चोटिल खिलाड़ियों का इलाज करेंगे।
देश के पहले चिकित्सक:
डा. विपिन ने अभी एमबीबीएस करे मात्र चार वर्ष हुए हैं और इतने कम समय में उन्होंने बुलंदियों को छू लिया है।डा. विपिन देश के पहले डॉक्टर हैं जिनका ओलम्पिक खेलों में बतौर चिकित्स चयन हुआ है। इनसे पहले भारत के इतिहास में किसी भी चिकित्सक का ओलम्पिक खेलों में चयन हुआ है। ओलम्पिक खेलों के लिए पूरे विश्व से 25 चिकित्सकों का चयन किया गया है जिनमें भारत से डा.विपिन का नाम भी शामिल है। अभी तक जितने में डाक्टर भारत से गए हैं वो टीम इंडिया के साथ गए हैं किसी का सीधा चयन ओलम्पिक ओरगेनाइजर देश ने नहीं किया। सितम्बर 2015 में रसिया में आयोजित विश्व बॉक्सिंग चैंम्पियनशीप में वे टीम इंडिया के साथ बतौर डॉक्टर गए थे। 30 दिन पूर्व वेनेजुएला दक्षिण अमेरिका में आयोजित विश्व क्वालीफाइ राऊंड के लिए टीम इंडिया के साथ गए थे। उसकी की परफॉमेंस के आधार पर उनका चयन हुआ है।
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100मी.दौड़ में गोल्ड मेडलिस्ट रहे चुके हैं डा. विपिन
डा. विपिन के पिता रतनलाल ने बताया कि उनका बेटा पढ़ाई के साथ स्पोर्ट्स में भी दिलचस्पी रखता था। उन्होंने बताया कि स्कूल लेवल पर अंडर 19 100मी. दौड़ में नेशनल लेवल पर गोल्ड मैडल प्राप्त किया। उसके बाद एशियन मेडिकल स्पोर्ट्स में 2008 से 2012 तक लगातार 100मी. और 200 मी. दौड़ में गोल्ड मैडल प्राप्त किया। ये गेम हर वर्ष एम्स दिल्ली में आयोजित करवाए जाते हैं। एशिया के जितने भी डाक्टर्स हैं वो इसमें भाग लेते हैं।
इन्होंने दी बधाई:
डा. विपिन का रियो ओलम्पिक में चयन होने पर प्रदेश के शिक्षा एवं पर्यटन मंत्री रामबिलास शर्मा ने बधाई दी। इसके अलावा जिला परिषद प्रमुख राजेश देवी, पूर्व जिला प्रमुख सुरेद्र कौशिक, समाज सेवी पप्पल यादव, नगरपालिका चेयरपर्सन रीना बंटी, पार्षद सुरेंद्र बंटी, गौसेवा आयोग के सदस्य दयाशंकर तिवाड़ी, गांव माधोगढ़ के सरपंच सहित अनेकों लोगों ने उन्हें बधाई दी है।
4 अगस्त को पहुंचेगे रियो:
डा. विपिन ने बताया कि उनके पास 23 जुलाई को मेले आई थी कि उनका चयन रियो ओलम्पिक में बतौर चिकित्सक के रूप में चयन हुआ है। इसका कंफर्म शनिवार को हुआ है। उन्होंने बताया कि ओलम्पिक खेल ओरगेनाइज के द्वारा उन्हें इमरजैंसी विजा दिया गया है। वो सोमवार को दिल्ली के लिए निकलंगे और 3 अगस्त को वहां से रियो के लिए निकलंगे 4 की रात्रि वहां पहुंच जाएंगे। 5 अगस्त को ओपनिंग सेरमनी हैं और 22 अगस्त को क्लोजिंग है तब तक वो वहां रहकर चोटिल खिलाड़ियों का इलाज करेंगे।
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देश के पहले चिकित्सक:
डा. विपिन ने अभी एमबीबीएस करे मात्र चार वर्ष हुए हैं और इतने कम समय में उन्होंने बुलंदियों को छू लिया है।डा. विपिन देश के पहले डॉक्टर हैं जिनका ओलम्पिक खेलों में बतौर चिकित्स चयन हुआ है। इनसे पहले भारत के इतिहास में किसी भी चिकित्सक का ओलम्पिक खेलों में चयन हुआ है। ओलम्पिक खेलों के लिए पूरे विश्व से 25 चिकित्सकों का चयन किया गया है जिनमें भारत से डा.विपिन का नाम भी शामिल है। अभी तक जितने में डाक्टर भारत से गए हैं वो टीम इंडिया के साथ गए हैं किसी का सीधा चयन ओलम्पिक ओरगेनाइजर देश ने नहीं किया। सितम्बर 2015 में रसिया में आयोजित विश्व बॉक्सिंग चैंम्पियनशीप में वे टीम इंडिया के साथ बतौर डॉक्टर गए थे। 30 दिन पूर्व वेनेजुएला दक्षिण अमेरिका में आयोजित विश्व क्वालीफाइ राऊंड के लिए टीम इंडिया के साथ गए थे। उसकी की परफॉमेंस के आधार पर उनका चयन हुआ है।
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100मी.दौड़ में गोल्ड मेडलिस्ट रहे चुके हैं डा. विपिन
डा. विपिन के पिता रतनलाल ने बताया कि उनका बेटा पढ़ाई के साथ स्पोर्ट्स में भी दिलचस्पी रखता था। उन्होंने बताया कि स्कूल लेवल पर अंडर 19 100मी. दौड़ में नेशनल लेवल पर गोल्ड मैडल प्राप्त किया। उसके बाद एशियन मेडिकल स्पोर्ट्स में 2008 से 2012 तक लगातार 100मी. और 200 मी. दौड़ में गोल्ड मैडल प्राप्त किया। ये गेम हर वर्ष एम्स दिल्ली में आयोजित करवाए जाते हैं। एशिया के जितने भी डाक्टर्स हैं वो इसमें भाग लेते हैं।
इन्होंने दी बधाई:
डा. विपिन का रियो ओलम्पिक में चयन होने पर प्रदेश के शिक्षा एवं पर्यटन मंत्री रामबिलास शर्मा ने बधाई दी। इसके अलावा जिला परिषद प्रमुख राजेश देवी, पूर्व जिला प्रमुख सुरेद्र कौशिक, समाज सेवी पप्पल यादव, नगरपालिका चेयरपर्सन रीना बंटी, पार्षद सुरेंद्र बंटी, गौसेवा आयोग के सदस्य दयाशंकर तिवाड़ी, गांव माधोगढ़ के सरपंच सहित अनेकों लोगों ने उन्हें बधाई दी है।