{"_id":"57926ab24f1c1b0411c4b43a","slug":"narnaul-news-lift-in-civil-hospital-peistint","type":"story","status":"publish","title_hn":"नागरिक अस्पताल के आपातकालीन विभाग में लिफ्टें खराब, मरीज परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नागरिक अस्पताल के आपातकालीन विभाग में लिफ्टें खराब, मरीज परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 23 Jul 2016 12:19 AM IST
विज्ञापन
lift
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नारनौल। फंड की कमी की वजह से नागरिक अस्पताल के आपातकालीन विभाग की लिफ्टें कई माह से धूल चाट रही है। एचएसआरडीसी लिफ्ट लगाने वाली कंपनी कोन को पिछला बकाया चुकाने में असमर्थ है तो कंपनी ने बिना बकाया चुकाए खराब पड़ी लिफ्टों को ठीक करने से मना कर दिया है। कोन कंपनी और एचएसआरडीसी की रस्साकसी में मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभाग को कंपनी का 11 लाख 76 हजार रुपये का बकाया चुकाना है।
दिसंबर- 2015 में नागरिक अस्पताल के आपातकालीन विभाग में कोन कंपनी ने दो लिफ्टों को स्थापित किया था। तब से बार-बार लिफ्टें खराब होती रही। स्वास्थ्य विभाग ने टोल फ्री नंबर पर काल कर इनको कई बार ठीक भी करवाया। एक माह से फिर दोनों लिफ्टें खराब पड़ी हैं। अब कंपनी ने इसे ठीक करने से भी मना कर दिया है। इसका कारण कंपनी की बकाया पेमेंट नहीं होना बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार कंपनी ने दो टूक शब्दों में कहा है कि पहले पेमेंट दो बाद में लिफ्टें ठीक होंगी। कंपनी के इस निर्णय से स्वास्थ्य अधिकारियों की जान सांसत में आ गई है। लाखों की लागत की लिफ्टें शो-पीस होकर रह गई हैं। लिफ्टें लोक निर्माण विभाग विद्युत द्वारा लगवाई गई थी। इसकी पेमेंट एचएसआरडीसी विभाग की जानी थी।
क्या है पेमेंट का मामला
एचएसआरडीसी द्वारा लिफ्ट लगाने का टेंडर कोन कंपनी को 58 लाख रुपये में दिया गया था। कंपनी द्वारा दिसंबर 2015 में लिफ्टों को चालू कर दिया गया। सात माह बीत जाने के बाद भी कंपनी का 11 लाख 76 हजार रुपये का बकाया विभाग नहीं चुकाया है। कंपनी का कहना है कि जब तक पेमेंट रिलीज नहीं की जाएगी तब तक लिफ्टों की रिपेयर नहीं की जाएगी।
विज्ञापन
कोट
एचएसआरडीसी द्वारा 11 लाख 76 हजार रुपये की पेमेंट नहीं करने के कारण कंपनी ने लिफ्टों को ठीक करने से मना कर दिया है। अभी विभाग के पास फंड की कमी है। जैसे ही पेमेंट हो जाएगी कंपनी द्वारा लिफ्टों को ठीक कर दिया जाएगा।
- नवीन राठी, एसडीओ लोक निर्माण विभाग
कोट
कंपनी को शिकायत कर दी गई है जल्द ही लिफ्टों के ठीक होने की संभावना है। - डॉ. लव कुमार, चिकित्सा अधीक्षक, नागरिक अस्पताल, नारनौल
विज्ञापन
दिसंबर- 2015 में नागरिक अस्पताल के आपातकालीन विभाग में कोन कंपनी ने दो लिफ्टों को स्थापित किया था। तब से बार-बार लिफ्टें खराब होती रही। स्वास्थ्य विभाग ने टोल फ्री नंबर पर काल कर इनको कई बार ठीक भी करवाया। एक माह से फिर दोनों लिफ्टें खराब पड़ी हैं। अब कंपनी ने इसे ठीक करने से भी मना कर दिया है। इसका कारण कंपनी की बकाया पेमेंट नहीं होना बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार कंपनी ने दो टूक शब्दों में कहा है कि पहले पेमेंट दो बाद में लिफ्टें ठीक होंगी। कंपनी के इस निर्णय से स्वास्थ्य अधिकारियों की जान सांसत में आ गई है। लाखों की लागत की लिफ्टें शो-पीस होकर रह गई हैं। लिफ्टें लोक निर्माण विभाग विद्युत द्वारा लगवाई गई थी। इसकी पेमेंट एचएसआरडीसी विभाग की जानी थी।
विज्ञापन
क्या है पेमेंट का मामला
एचएसआरडीसी द्वारा लिफ्ट लगाने का टेंडर कोन कंपनी को 58 लाख रुपये में दिया गया था। कंपनी द्वारा दिसंबर 2015 में लिफ्टों को चालू कर दिया गया। सात माह बीत जाने के बाद भी कंपनी का 11 लाख 76 हजार रुपये का बकाया विभाग नहीं चुकाया है। कंपनी का कहना है कि जब तक पेमेंट रिलीज नहीं की जाएगी तब तक लिफ्टों की रिपेयर नहीं की जाएगी।
विज्ञापन
कोट
एचएसआरडीसी द्वारा 11 लाख 76 हजार रुपये की पेमेंट नहीं करने के कारण कंपनी ने लिफ्टों को ठीक करने से मना कर दिया है। अभी विभाग के पास फंड की कमी है। जैसे ही पेमेंट हो जाएगी कंपनी द्वारा लिफ्टों को ठीक कर दिया जाएगा।
- नवीन राठी, एसडीओ लोक निर्माण विभाग
कोट
कंपनी को शिकायत कर दी गई है जल्द ही लिफ्टों के ठीक होने की संभावना है। - डॉ. लव कुमार, चिकित्सा अधीक्षक, नागरिक अस्पताल, नारनौल