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31 अगस्त को बंद हो जाएगा मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल

Thu, 12 Aug 2021 11:41 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 12 Aug 2021 11:41 PM IST
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My Crop Mera Byora Portal will be closed on 31st
नारनौल। किसानों के लिए एक ही जगह पर सारी सरकारी सुविधाओं व योजनाओं की उपलब्धता और खेती से जुड़ी समस्याओं के निवारण के लिए राज्य सरकार ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल शुरू किया है। कृषि विभाग के अधिकारी इस पोर्टल पर पंजीकरण करवाने के लिए किसानों को प्रेरित करें। ये निर्देश डीसी अजय कुमार ने गुरुवार को मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर आने वाली समस्याओं के समाधान के संबंध में कृषि, पंचायत तथा राजस्व विभाग के अधिकारियों की बैठक में दिए।
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डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस पोर्टल के संबंध में किसानों की ओर से आ रही शिकायतों का निवारण जल्द करवाया जाए। इस मामले की पूरी रिपोर्ट बनाकर दें ताकि मुख्यालय पर भेजकर उसका जल्द समाधान करवाया जा सके।
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मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर हर किसान को अपनी जमीन की जानकारी देनी है। यह केवल मंडी में फसल बेचने के लिए ही नहीं बल्कि सरकार की अन्य योजनाओं के लिए भी सहायक है। ऐसे में किसानों को इस पोर्टल पर अपने आपको जरूर पंजीकृत करवाना चाहिए। आगामी 31 अगस्त के बाद पोर्टल बंद हो जाएगा।
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इस पोर्टल पर कृषि संबंधित जानकारियां समय पर उपलब्ध रहती हैं। खाद, बीज, ऋण व कृषि उपकरणों की सब्सिडी समय पर उपलब्ध करवाने में यह पोर्टल सहायक है। इसके अलावा फसल की बिजाई-कटाई का समय व मंडी संबंधित तमाम जानकारियां इस पर उपलब्ध हैं। बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के डीडीए डॉ. वजीर सिंह, डीडीपीओ ओमप्रकाश, सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह व राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

- 2 लाख 36 हजार एकड़ भूमि के पंजीकरण के साथ महेंद्रगढ़ प्रदेश में दूसरे स्थान पर
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के डीडीए डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि इस बार सरकार ने सभी किसानों के लिए अपने खेत का ब्यौरा देना जरूरी किया है। ऐसे में चाहे किसान ने अपनी फसल लगाई हो या उसका खाली खेत हो दोनों ही स्थिति में उसे अपना ब्यौरा दर्ज कराना है। उन्होंने बताया कि अभी तक जिला के 57 हजार से अधिक किसानों ने 2 लाख 36 हजार एकड़ फसल का इस पोर्टल पर अपना ब्यौरा दर्ज करवाया है। यानी जिला में 65 फीसदी जमीन का पंजीकरण हो चुका है। पंजीकरण कराने के मामले में जिला महेंद्रगढ़ दूसरे स्थान पर है। पहले स्थान पर करनाल जिला है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारी फील्ड में जाकर किसानों को पंजीकरण करवाने के लिए लगातार प्रेरित कर रहे हैं।
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