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मिड डे मील कार्यकर्ताओं ने मांगों को लेकर प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
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नारनौल। मिड-डे-मील कार्यकर्ता यूनियन हरियाणा से संबद्ध स्कीम वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के मिड-डे-मील कार्यकर्ताओं की बैठक बुधवार को लघु सचिवालय पार्क में जिला सचिव संतोष की अध्यक्षता में हुई। बैठक के बाद कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और लघु सचिवालय में मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन उपायुक्त कार्यालय के अधीक्षक को सौंपा।
यूनियन की जिला सचिव संतोष, कोषाध्यक्ष सरोज, अटेली ब्लाक प्रधान प्रेमलता, नारनौल ब्लाक प्रधान माया, कनीना ब्लाक सचिव राजेश ने संयुक्त रूप से कहा कि मिड डे मील कार्यकर्ता सरकार की पोषाहार की नीति को लागू कर नौनिहालों को कुपोषण से बचाने का काम कर रही है। कार्यकर्ता बेहद गरीब परिवारों से हैं। इसलिए सरकार को न्यूनतम वेतन व डीसी रेट की दर लागू की जानी चाहिए। बैठक में निर्णय लिया गया कि 10 जुलाई को चितवन वाटिका में एकत्रित होकर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री को अपनी न्यायोचित मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा जाएगा। मुख्यमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन के माध्यम से मिड डे मील कार्यकर्ता को श्रमिक का दर्जा दिया जाए, 15 बच्चों पर एक मिड डे मील कुक को लगाया जाए, डीसी रेट का वेतन लागू किया जाए, पूरे 12 महीने का मेहनताना दिया जाए, छुट्टियों का मानदेय नहीं काटा जाए, सेवानिवृत्ति की उम्र 65 वर्ष की जाए व सेवानिवृत्त पर कम से कम 3 लाख की एकमुश्त सहायता राशि दी जाए। इसके अलावा कार्यकर्ताओं को आयुष्मान से जोड़कर नि:शुल्क इलाज की सुविधादी जाए, ड्रेस की राशि 1500 रुपये सालाना दी जाए, पहले से लगी हुई मिड डे मील को नहीं हटाया जाए, मिड डे मील लगाने और हटाने की नीति बनाने की मांग की गई। एआईयूटीयूसी जिला प्रधान मास्टर सूबे सिंह ने मिड डे मील कार्यकर्ताओं से एकजुटता के साथ आंदोलन गठित करने का आह्वान किया। बैठक में सरोज, कमलेश, माया, अनीता, सुशीला, गीता, उर्मिला, राजेश, कृष्णा, सुनीता व प्रेमलता रहीं।
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यूनियन की जिला सचिव संतोष, कोषाध्यक्ष सरोज, अटेली ब्लाक प्रधान प्रेमलता, नारनौल ब्लाक प्रधान माया, कनीना ब्लाक सचिव राजेश ने संयुक्त रूप से कहा कि मिड डे मील कार्यकर्ता सरकार की पोषाहार की नीति को लागू कर नौनिहालों को कुपोषण से बचाने का काम कर रही है। कार्यकर्ता बेहद गरीब परिवारों से हैं। इसलिए सरकार को न्यूनतम वेतन व डीसी रेट की दर लागू की जानी चाहिए। बैठक में निर्णय लिया गया कि 10 जुलाई को चितवन वाटिका में एकत्रित होकर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री को अपनी न्यायोचित मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा जाएगा। मुख्यमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन के माध्यम से मिड डे मील कार्यकर्ता को श्रमिक का दर्जा दिया जाए, 15 बच्चों पर एक मिड डे मील कुक को लगाया जाए, डीसी रेट का वेतन लागू किया जाए, पूरे 12 महीने का मेहनताना दिया जाए, छुट्टियों का मानदेय नहीं काटा जाए, सेवानिवृत्ति की उम्र 65 वर्ष की जाए व सेवानिवृत्त पर कम से कम 3 लाख की एकमुश्त सहायता राशि दी जाए। इसके अलावा कार्यकर्ताओं को आयुष्मान से जोड़कर नि:शुल्क इलाज की सुविधादी जाए, ड्रेस की राशि 1500 रुपये सालाना दी जाए, पहले से लगी हुई मिड डे मील को नहीं हटाया जाए, मिड डे मील लगाने और हटाने की नीति बनाने की मांग की गई। एआईयूटीयूसी जिला प्रधान मास्टर सूबे सिंह ने मिड डे मील कार्यकर्ताओं से एकजुटता के साथ आंदोलन गठित करने का आह्वान किया। बैठक में सरोज, कमलेश, माया, अनीता, सुशीला, गीता, उर्मिला, राजेश, कृष्णा, सुनीता व प्रेमलता रहीं।
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