{"_id":"6a230eb5cb602d230f061dbc","slug":"message-of-environmental-protection-amid-increasing-pollution-narnol-news-c-196-1-nnl1010-140826-2026-06-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: बढ़ते प्रदूषण के बीच पर्यावरण संरक्षण का संदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: बढ़ते प्रदूषण के बीच पर्यावरण संरक्षण का संदेश
विज्ञापन
फोटो 18: बिहाली गोशाला में पौधारोपण करते जिला प्रमुख। स्रोत: ग्रामीण
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंडी अटेली। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर बिहाली गोशाला में सर्व कल्याण मंच के तत्वावधान में पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर जिला प्रमुख डॉ. राकेश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने स्वयं पौधा लगाकर अभियान की शुरुआत की। डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि आज के दौर में बढ़ता प्रदूषण और गिरता जलस्तर मानव जीवन के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। यदि समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में इसके भयावह परिणाम देखने को मिल सकते हैं। संवाद
-- -- -- -- -- -- -- -- -
उपजाऊ भूमि के बिना जीवन संभव नहीं : सरपंच
मंडी अटेली। गांव गुजरवास में सरपंच वर्षा रानी की अध्यक्षता में विशेष ग्राम सभा आयोजित की गई। सभा में ग्राम की स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। वर्षा रानी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की आवश्यकता है। सरपंच वर्षा रानी ने कहा शुद्ध वायु, स्वच्छ जल और उपजाऊ भूमि के बिना जीवन संभव नहीं है। उन्होंने ग्रामवासियों से वृक्षारोपण एवं पौधों की देखभाल करने, एकल उपयोग प्लास्टिक का त्याग करने, जल स्रोतों के समीप स्वच्छता बनाए रखने व वर्षा जल संचयन अपनाने का अनुरोध किया। संवाद
विज्ञापन
उपजाऊ भूमि के बिना जीवन संभव नहीं : सरपंच
मंडी अटेली। गांव गुजरवास में सरपंच वर्षा रानी की अध्यक्षता में विशेष ग्राम सभा आयोजित की गई। सभा में ग्राम की स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। वर्षा रानी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की आवश्यकता है। सरपंच वर्षा रानी ने कहा शुद्ध वायु, स्वच्छ जल और उपजाऊ भूमि के बिना जीवन संभव नहीं है। उन्होंने ग्रामवासियों से वृक्षारोपण एवं पौधों की देखभाल करने, एकल उपयोग प्लास्टिक का त्याग करने, जल स्रोतों के समीप स्वच्छता बनाए रखने व वर्षा जल संचयन अपनाने का अनुरोध किया। संवाद
विज्ञापन