फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   Many private schools remained open even after the announcement of the holiday

अवकाश की घोषणा के बाद भी खुले रहे कई निजी स्कूल

Wed, 01 Jun 2022 11:51 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jun 2022 11:51 PM IST
विज्ञापन
Many private schools remained open even after the announcement of the holiday
स्कूल की छूट्टी होने के बाद निजी स्कूल की बस से घर जाते बच्चें । संवाद - फोटो : Narnol
नारनौल। सरकार ने एक जून से तीन जून तक विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा की है। इसके बाद भी बुधवार को जिले के निजी स्कूल खुले रहे। कुछ स्कूलों के बच्चे स्कूल बस से घर लौटते नजर आए। गर्मी से बच्चे परेशान हैं। बच्चे पढ़ाई में पिछड़ न जाएं। इस वजह से परिजनों को बच्चों को स्कूल भेजना पड़ रहा है।
विज्ञापन

कुछ दिन पहले प्रदेश सरकार की ओर से एक जून से 30 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा की थी। सरकार के निर्देश पर सभी सरकारी विद्यालयों की छुट्टियां हो गई लेकिन निजी विद्यालय संचालक हमेशा की तरह इस बार भी सरकार के आदेशों की धज्जियां उड़ाते नजर आएं। कुछ स्कूलों ने कक्षा नर्सरी से आठवीं तक की छुट्टियां कर दी हैं लेकिन कुछ स्कूल पहली से 12वीं तक स्कूल लगाए हुए हैं। बुधवार को सामान्य दिनों की भांति स्कूल खुले रहे। सुबह के समय बसें शहर एवं गांवों में स्कूलों की बसें विद्यार्थियों को लेकर दौड़ती दिखी। दोपहर के समय छुट्टी होने पर बसों में बच्चे पसीने से लथपथ तथा परेशान दिखे। अमर उजाला टीम ने उनसे बातचीत की तो उन्होंने कहा कि छुट्टियां कौन नहीं चाहता? ये ही दिन मौज मस्ती के होते हैं और इनमें भी पढ़ाई करनी पड़ रही है। उन्होंने मीडिया के माध्यम से शिक्षा विभाग के अधिकारियों से छुट्टियां करवाने की मांग की है।
विज्ञापन

पिकअप की टक्कर से स्कूल बस की डीजल की टंकी टूटी
पहले दिन शराब से भरी पिकअप ने उपायुक्त आवास के पास निजी स्कूल बस को टक्कर मार दी जिससे बस की डीजल की टंकी टूट गई और डीजल रोड पर फैल गया। गनीमत रही कि बस में कोई बच्चा नहीं था। बस बच्चों को छोड़कर वापस स्कूल जा रही थी। सबसे खासबात यह है कि जब सरकार ने छुट्टियां घोषित कर दी तो निजी स्कूल क्यों खोले जा रहे हैं, प्रशासन की ओर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही।
विज्ञापन
विज्ञापन

पढ़ाई का नहीं दबाव:
कोविड-19 की वजह से पिछले दो वर्ष विद्यार्थियों की पढ़ाई काफी प्रभावित हुई थी। लॉकडाउन -1 में मात्र तीन-चार महीने तथा लॉकडाउन -2 में लगभग आठ महीने स्कूल लगे थे। इस वजह विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित रही थी। उस समय स्कूलों पर पढ़ाई का दबाव रहता था लेकिन इस सत्र से स्कूलों अपने पुराने ट्रैक पर आ गए हैं। नियमित कक्षाएं लग रही हैं। पढ़ाई का कोई दबाव नहीं है, उसके बाद भी स्कूल संचालक छुट्टियां नहीं कर रहे।
अभिभावक सरिता, आरती, प्रियंका, गीतिका, राकेश, अशोक आदि ने बताया कि गर्मी चरम पर हो रही है। सरकार के आदेश होने के बाद भी स्कूलों में छुट्टियां नहीं की जा रहीं। 45 डिग्री तापमान में बच्चों को स्कूल बुलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें मजबूरी में अपने बच्चों को स्कूल भेजना पड़ रहा है कहीं उसका बच्चा पढ़ाई में पिछड़ न जाए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी से छुट्टियां करवाने की मांग की।

सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए हैं कि वो स्कूलों की जांच कर जिन स्कूलों ने छुट्टियां नहीं की है उनकी छुट्टियां करवाएं। सरकार के आदेशों की अवेहलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी।- सुनील दत्त, जिला शिक्षा अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed