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Mahendragarh-Narnaul News: जाम हुआ आम, कागजों तक सिमटी अतिक्रमण हटाने की मुहिम
Tue, 26 Mar 2024 10:14 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 26 Mar 2024 10:14 PM IST
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महेंद्रगढ़। शहर के लिए अतिक्रमण की समस्या अब धीरे-धीरे नासूर बनती जा रही है और नगरपालिका की कोई भी योजना धरातल पर नहीं उतर पा रही है। ऐसे में सुबह-शाम शहर की सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रहती है। शहर का सिनेमा रोड, सब्जी मंडी रोड, शॉपिंग कांप्लेक्स, 11 हट्टा बाजार, आईटीआई रोड पर तो हालात बहुत दयनीय है।
अतिक्रमण के कारण दिन में महज 10 फीट की नजर आने वाले सड़कें रात के समय अच्छी खासी चौड़ी दिखाई देने लगती हैं। शहर की सड़कों पर दुकानदारों व रेहड़ी चालकों द्वारा जमकर अतिक्रमण किया जा रहा है। सड़कों पर कुछ जगह बचती भी है तो उस जगह पर लोग गलत तरीके से वाहन खड़ा कर देते देते हैं जिसके बाद सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लगती हैं। आलम यह है कि कई बार तो मुख्य मार्गाें पर वाहन चलाना तो दूर पैदल निकलने के लिए भी काफी जद्दोजहद करनी पड़ती है। हालांकि नपा की ओर से कई बार शहर के मुख्य बाजारों में पीली पट्टी लगाने की योजना बनाई जा चुकी है लेकिन एक बार भी धरातल पर नहीं उतर पाई है। इसके चलते दुकानदारों में भी तय सीमा को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रहती है।
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- शहर के इन स्थानों पर हालात हैं अधिक खराब:
शहर में रेलवे रोड, आईटीआई रोड व सिनेमा रोड हो या फिर बाजार, हर जगह अतिक्रमण से जाम की समस्या है। परशुराम चौक, 11 हट्टा बाजार, सर्राफा मार्केट, सब्जी मंडी रोड, मसानी चौक, शॉपिंग कांप्लेक्स, आईटीआई रोड पर दुकानदार अपने सामान को दुकान के आठ से दस फुट बाहर तक लगा लेते हैं। सड़क मार्गों के के दोनों दिनभर वाहनों की कतारें लगी रहती हैं जिनके कारण सड़कें व मुख्य रास्ते ओर भी संकरे हो जाते हैं। सुबह-शाम व दोपहर को स्कूली की छुट्टी होने के बाद बसों की भीड़ के कारण राहगीरों एवं वाहनों के निकलने को स्थान नहीं मिलता और जाम के हालात बन जाते हैं।
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- अभियानों का नहीं कोई असर, बंद होते ही दूसरे दिन फिर वही हालात:
शहर के अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए नगरपालिका की ओर से बार-बार अभियान चलाए जाते हैं। अभियान के दौरान तो अतिक्रमण हट जाता है लेकिन अभियान थमते ही फिर से सड़कों पर अतिक्रमण से कब्जा कर लिया जाता है। हालांकि कुछ दिन पूर्व नपा की ओर से चलाए गए अभियान में कुछ दुकानदारों पर जुर्माना भी किया था लेकिन फिर भी हालात नहीं सुधर पा रहे हैं। शायद ही ऐसा कोई सड़क मार्ग हो जहां अतिक्रमण न हो। इससे यातायात बाधित होता है। त्योहार के समय तो हालत यह हो जाते हैं, कि सड़कें संकरी हो जाती हैं और लोग पैदल भी नहीं निकल पाते।
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- शहर में नहीं पार्किंग, यह भी अव्यवस्थाओं के लिए है मुख्य कारण:
सड़कों पर गाड़ी खड़ी करना लोगों की लापरवाही नहीं बल्कि मजबूरी है। क्योंकि शहर में नगर पालिका के पास पार्किंग के लिए जमीन नहीं है। ऐसे में लोग बाजारों में वाहनों को खड़ा ना करें तो कहां करें। शहर में पार्किंग की सुविधा ही उपलब्ध नहीं है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र से आए लोग अपने वाहनों को खरीददारी के दौरान सड़कों पर खड़ा कर चले जाते हैं। इन वाहनों से आधी से ज्यादा सड़क अवरूध हो जाती है।
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- वर्जन:
जल्द ही शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा। साथ ही शहर में चार-पांच स्थानों पर अस्थाई पार्किंग की योजना चल रही है जिसे जल्द ही धरातल पर उतारने का प्रयास रहेगा। अस्थाई पार्किंग बनने से शहर में वाहनों की अधिक भीड़ भी जमा नहीं रहेगी।
-- - रमेश सैनी, प्रधान नगरपालिका महेंद्रगढ़।
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अतिक्रमण के कारण दिन में महज 10 फीट की नजर आने वाले सड़कें रात के समय अच्छी खासी चौड़ी दिखाई देने लगती हैं। शहर की सड़कों पर दुकानदारों व रेहड़ी चालकों द्वारा जमकर अतिक्रमण किया जा रहा है। सड़कों पर कुछ जगह बचती भी है तो उस जगह पर लोग गलत तरीके से वाहन खड़ा कर देते देते हैं जिसके बाद सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लगती हैं। आलम यह है कि कई बार तो मुख्य मार्गाें पर वाहन चलाना तो दूर पैदल निकलने के लिए भी काफी जद्दोजहद करनी पड़ती है। हालांकि नपा की ओर से कई बार शहर के मुख्य बाजारों में पीली पट्टी लगाने की योजना बनाई जा चुकी है लेकिन एक बार भी धरातल पर नहीं उतर पाई है। इसके चलते दुकानदारों में भी तय सीमा को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रहती है।
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- शहर के इन स्थानों पर हालात हैं अधिक खराब:
शहर में रेलवे रोड, आईटीआई रोड व सिनेमा रोड हो या फिर बाजार, हर जगह अतिक्रमण से जाम की समस्या है। परशुराम चौक, 11 हट्टा बाजार, सर्राफा मार्केट, सब्जी मंडी रोड, मसानी चौक, शॉपिंग कांप्लेक्स, आईटीआई रोड पर दुकानदार अपने सामान को दुकान के आठ से दस फुट बाहर तक लगा लेते हैं। सड़क मार्गों के के दोनों दिनभर वाहनों की कतारें लगी रहती हैं जिनके कारण सड़कें व मुख्य रास्ते ओर भी संकरे हो जाते हैं। सुबह-शाम व दोपहर को स्कूली की छुट्टी होने के बाद बसों की भीड़ के कारण राहगीरों एवं वाहनों के निकलने को स्थान नहीं मिलता और जाम के हालात बन जाते हैं।
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- अभियानों का नहीं कोई असर, बंद होते ही दूसरे दिन फिर वही हालात:
शहर के अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए नगरपालिका की ओर से बार-बार अभियान चलाए जाते हैं। अभियान के दौरान तो अतिक्रमण हट जाता है लेकिन अभियान थमते ही फिर से सड़कों पर अतिक्रमण से कब्जा कर लिया जाता है। हालांकि कुछ दिन पूर्व नपा की ओर से चलाए गए अभियान में कुछ दुकानदारों पर जुर्माना भी किया था लेकिन फिर भी हालात नहीं सुधर पा रहे हैं। शायद ही ऐसा कोई सड़क मार्ग हो जहां अतिक्रमण न हो। इससे यातायात बाधित होता है। त्योहार के समय तो हालत यह हो जाते हैं, कि सड़कें संकरी हो जाती हैं और लोग पैदल भी नहीं निकल पाते।
- शहर में नहीं पार्किंग, यह भी अव्यवस्थाओं के लिए है मुख्य कारण:
सड़कों पर गाड़ी खड़ी करना लोगों की लापरवाही नहीं बल्कि मजबूरी है। क्योंकि शहर में नगर पालिका के पास पार्किंग के लिए जमीन नहीं है। ऐसे में लोग बाजारों में वाहनों को खड़ा ना करें तो कहां करें। शहर में पार्किंग की सुविधा ही उपलब्ध नहीं है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र से आए लोग अपने वाहनों को खरीददारी के दौरान सड़कों पर खड़ा कर चले जाते हैं। इन वाहनों से आधी से ज्यादा सड़क अवरूध हो जाती है।
- वर्जन:
जल्द ही शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा। साथ ही शहर में चार-पांच स्थानों पर अस्थाई पार्किंग की योजना चल रही है जिसे जल्द ही धरातल पर उतारने का प्रयास रहेगा। अस्थाई पार्किंग बनने से शहर में वाहनों की अधिक भीड़ भी जमा नहीं रहेगी।