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Mahendragarh-Narnaul News: महेंद्रगढ़ के छोरे ने साउथ अफ्रीका की सबसे ऊंची पर्वत चोटी किलिमंजारो पर फहराया तिरंगा
Wed, 11 Oct 2023 11:25 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 11 Oct 2023 11:25 PM IST
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साउथ अफ्रीका की सबसे ऊंची पर्वत चोटी पर तिरंगा फहराते कृष्ण खुराना।
महेंद्रगढ़। कुछ कर गुजरने की चाहत हो तो हर मुश्किल को लांघकर मंजिल पाई जा सकती है। महेंद्रगढ़ के छोरे ने साउथ अफ्रीका की 19341 फीट की सबसे ऊंची पर्वत चोटी किलिमंजारो पर तिरंगा फहराकर जिले का नाम रोशन किया है। महेंद्रगढ़ शहर की शंकर काॅलोनी निवासी कृष्ण खुराना ने आठ दिन में दुर्गम पहाड़ी की बाधाओं को पार करते हुए 9 अक्तूबर को सुबह 7:50 बजे तिरंगा फहराया। महेंद्रगढ़ के कृष्ण खुराना पुत्र ओमप्रकाश खुराना अपने पहले प्रयास में असफल होने के बाद दूसरे प्रयास में लक्ष्य को पूरा किया।
इससे पहले भी कृष्णा खुराना पर्वतारोही ने माउंट एवरेस्ट फतह करने की ठानी थी, लेकिन मौसम खराब व तूफानी तेज हवा की वजह से उन्हें बीच रास्ते से लौटना पड़ा था। कृष्ण खुराना बचपन से ही देश के लिए कुछ करने का सपना था जो अब पूरा हुआ है। इस उपलब्धि के बाद उनके परिवार व क्षेत्र में खुशी का माहौल है। कृष्ण के पिता ओमप्रकाश खुराना ने बताया कि बचपन से ही कठिन लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा अपने स्वर्गीय दादा तीर्थदास से मिली थी। उसके दादा हमेशा ही उसे यह कहकर प्रोत्साहित करते रहते थे और उन्हें उम्मीद भी थी कि उनका पोता एक न एक दिन कुछ ऐसा करेगा। कृष्ण खुराना ने 2 अक्तूबर को किलिमंजारो की चढ़ाई शुरू की थी। उन्होंने 9 अक्तूबर को सुबह 7:50 बजे लक्ष्य को पूरा कर वहां तिरंगा फहरा राष्ट्रीय गान भी गाया। किलिमंजारो पर्वत अफ्रीका का सबसे ऊंचा पर्वत है और सात शिखरों में चौथा सबसे ऊंचा है। यह दुनिया में सबसे लंबा एवं खड़ी चढ़ाई का पर्वत है। इसका शिखर समुद्र तल से 19341 फीट ऊंचाई पर है।
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इससे पहले भी कृष्णा खुराना पर्वतारोही ने माउंट एवरेस्ट फतह करने की ठानी थी, लेकिन मौसम खराब व तूफानी तेज हवा की वजह से उन्हें बीच रास्ते से लौटना पड़ा था। कृष्ण खुराना बचपन से ही देश के लिए कुछ करने का सपना था जो अब पूरा हुआ है। इस उपलब्धि के बाद उनके परिवार व क्षेत्र में खुशी का माहौल है। कृष्ण के पिता ओमप्रकाश खुराना ने बताया कि बचपन से ही कठिन लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा अपने स्वर्गीय दादा तीर्थदास से मिली थी। उसके दादा हमेशा ही उसे यह कहकर प्रोत्साहित करते रहते थे और उन्हें उम्मीद भी थी कि उनका पोता एक न एक दिन कुछ ऐसा करेगा। कृष्ण खुराना ने 2 अक्तूबर को किलिमंजारो की चढ़ाई शुरू की थी। उन्होंने 9 अक्तूबर को सुबह 7:50 बजे लक्ष्य को पूरा कर वहां तिरंगा फहरा राष्ट्रीय गान भी गाया। किलिमंजारो पर्वत अफ्रीका का सबसे ऊंचा पर्वत है और सात शिखरों में चौथा सबसे ऊंचा है। यह दुनिया में सबसे लंबा एवं खड़ी चढ़ाई का पर्वत है। इसका शिखर समुद्र तल से 19341 फीट ऊंचाई पर है।
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