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टूरिज्म विभाग के प्रिसिपल सेक्रेटरी ने माधोगढ़ एवं महेंद्रगढ़ किले का किया औचक निरीक्षण
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हरियाणा टूरिज्म डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेटरी एमडी सिन्हा ने मंगलवार को माधोगढ़ एवं महेंद्रगढ़ फोर्ट का औचक निरीक्षण किया। माधोगढ़ किले पर जीर्णोद्धार की जा रही बावड़ी और रानी महल का मुआयना किया। निर्माण सामग्री की क्वालिटी चेक की। रानी महल का 80 प्रतिशत तथा महेंद्रगढ़ किले का 40 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। बावड़ी का कार्य 31 जनवरी तक पूरा कर लिया जाएगा। प्रिंसीपल सेक्रेटरी के साथ एमडी सिन्हा के साथ पर्यटन विभाग चंडीगढ़ एक्सईएन गौतम कुमार, नीमराणा फोर्ट के मालिक अमरनाथ, डीएफओ विपिन कुमार, डीएम हरविंद्र सिंह, एसडीओ विजय ठाकुर, जेई अनिल जैन, बावड़ी के ठेकेदार फराहन, रानी महल के ठेकेदार रहमत अली, महेंद्रगढ़ किले के ठेकेदार अनिल तांबी और चरण सिंह मौजूद थे। प्रिंसिपल सेक्रेटरी एमडी सिन्हा ने ठेकेदारों से निर्देश दिए कि समय पर काम पूरा करें। जीर्णोद्धार में अच्छी क्वालिटी की निर्माण सामग्री लगाए। क्वालिटी से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। तय समय में काम पूरा करें। किले की पुरानी दीवारों मोटाई उतनी रखेें। खिड़की झरोखों का साइज भी पुराने वाला ही रखें। जीर्णोद्धार के बाद यह वैसा ही लगना चाहिए जैसे पहले लगता था। नीमराणा फोर्ट के मालिक ने भी अपने अनुभव साझा किए। टीम ने लगभग दो घंटे माधोगढ फोर्ट पर तथा दो घंटे महेंद्रगढ़ फोर्ट पर लगाए। दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक निरीक्षण के बाद टीम चंडीगढ़ के लिए रवाना हो गई।
कहां कितना काम हुआ पूरा
सरकार ने बावड़ी के लिए 1.90 करोड़ तथा रानी महल के लिए 2.57 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। जुलाई 2019 में काम शुरू हो गया था। रानी महल के जीर्णोद्धार के लिए दो वर्ष तथा बावड़ी के लिए एक वर्ष का समय दिया गया था। बावड़ी पर लगभग काम पूरा हो चुका हैं। वहां पर लाइट और पानी की व्यवस्था करनी बाकी है। बावड़ी में खंभे और दीवारों पर फैंसी लाइटें लगाई जाएंगी ताकि उसकी सुंदरता को बढ़ाया जा सके। रानी महल का 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। अब सुंदरीकरण और बिजली पानी की फीटिंग का कार्य बचा है। मई तक यह भी पूरा होने की संभावना है। महेंद्रगढ़ किले का 40 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इसके लिए 13.90 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। दो वर्ष में इसका जीर्णोद्धार का कार्य पूरा किया जाना है।
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कहां कितना काम हुआ पूरा
सरकार ने बावड़ी के लिए 1.90 करोड़ तथा रानी महल के लिए 2.57 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। जुलाई 2019 में काम शुरू हो गया था। रानी महल के जीर्णोद्धार के लिए दो वर्ष तथा बावड़ी के लिए एक वर्ष का समय दिया गया था। बावड़ी पर लगभग काम पूरा हो चुका हैं। वहां पर लाइट और पानी की व्यवस्था करनी बाकी है। बावड़ी में खंभे और दीवारों पर फैंसी लाइटें लगाई जाएंगी ताकि उसकी सुंदरता को बढ़ाया जा सके। रानी महल का 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। अब सुंदरीकरण और बिजली पानी की फीटिंग का कार्य बचा है। मई तक यह भी पूरा होने की संभावना है। महेंद्रगढ़ किले का 40 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इसके लिए 13.90 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। दो वर्ष में इसका जीर्णोद्धार का कार्य पूरा किया जाना है।
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