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लॉजिस्टिक हब को जोड़ने वाला मार्ग होगा 200 फिट चौड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Thu, 12 May 2016 11:55 PM IST
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लॉजिस्टक हब के लिए संपर्क मार्ग होगा चौड़ा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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उपायुक्त संजीव वर्मा की अध्यक्षता में वीरवार को लघु सचिवालय के मीटिंग हाल में मल्टीपल लॉजिस्टिक हब से सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग 148-बी से जोड़ने के संबंध में एक बैठक हुई। इस दौरान नांगल चौधरी के विधायक डा. अभय सिंह यादव और नारनौल के विधायक ओमप्रकाश यादव के अलावा विभिन्न गांवों के निवासी व जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे।
उपायुक्त ने बताया कि इसके बनने के बाद इन रास्तों पर पडने वाले गांवों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। नांगल चौधरी के विधायक डा. अभय सिंह यादव ने बताया कि बसीरपुर, तलोट व घाटासेर में बनने वाले मल्टीपल लॉजिस्टिक हब से सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग 148-बी से जोडने के लिए 200 फीट चौड़ी सड़क बनाने के प्रस्ताव को इस तरह से तैयार किया जाए कि इसमें ज्यादा से ज्यादा पंचायती जमीन का उपयोग हो।
डा. अभय सिंह ने एचएसआईआईडीसी के सीनियर टाउन प्लानर यूसूफ मोहम्मद मंसूरी और आरपी सिंह को निर्देश दिए कि वे ताजीपुर व मांदी में ज्यादातर पंचायती जमीन से होते हुए इस मार्ग के निर्माण का प्रस्ताव सरकार को भेजें।
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जमीन स्थानांतरित करने के निर्देश दिए
लगभग एक हजार एकड़ में बनने वाले इस लॉजिस्टिक हब को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए इस योजना को सिरे चढ़ाने के लिए वीरवार को एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों और राजस्व विभाग के अधिकारियों को इस रूट पर पड़ने वाली जमीन को स्थानांतरित करने संबंधी निर्देश दिए गए।
राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 148-बी से जाएगा जोड़ा
दिल्ली-मुंबई डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर हरियाणा के एनसीआर क्षेत्र में एक मल्टीपल लॉजिस्टिक हब मंजूर हुआ है। जिसे नारनौल के नजदीक गांव बसीरपुर, तलोट व घाटासेर में लगभग एक हजार एकड़ जमीन पर रेलवे लाइन के साथ-साथ बनाया जाएगा। इस लॉजिस्टिक हब को सड़क मार्ग से बेहतर कनेक्टिीविटी के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 148-बी से जोड़ने की योजना है।
दरअसल बसीरपुर से नारनौल धौलेड़ा रोड तक पहले ही 82 फीट चौड़ा रास्ता मौजूद है। किसानों की कम से कम जमीन ली जाए और विकास से उपेक्षित गांवों को जोड़ा जा सके इस बात को ध्यान में रखते हुए यह प्रस्ताव बनाया गया है। इस 82 फुट कच्चे रास्ते को 200 फीट चौड़े सड़क मार्ग में तब्दील कर दिया जाएगा। इसके अलावा ताजीपुर व मांदी में 22 फीट रास्ता है जिसे 200 फीट करने के लिए कुछ पंचायती जमीन तथा कुछ जमीन सीधे किसानों से खरीदी जाएगी।
किसानों ने जताई सहमति
वीरवार को विभिन्न गांवों के किसानों ने इसमें अपनी सहमति जताई। किसानों ने कहा कि वे पूरी तरह से राज्य सरकार के इस प्रस्ताव के साथ हैं। हमारे बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए इस योजना को जल्द सिरे चढ़ाया जाए। डा. अभय सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ज्यादा से ज्यादा पंचायती जमीन का उपयोग करें। बैठक में एडीसी आरएस वर्मा, एसडीएम सुरेश कुमार कासवां और डीआरओ मनदीप सिंह के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद थे।
क्यों जरूरत पड़ी इस मार्ग की
नारनौल। जिले में बनने वाले इस हब से सामान ढोने के लिए इंडस्ट्री को अच्छी कनेक्टिविटी देने के लिए यह प्रस्ताव बनाया गया है। चूंकि निजामपुर रोड़ गांव तलोट के पास पड़ने वाले इस हब से निजामपुर रोड की कनेक्टिविटी तो है लेकिन रास्ते में पडने वाले रेलमार्ग के कारण भारी वाहनों को इस तरफ से निकालना संभव नहीं था। वैसे भी अगर यहां से वाहन गुजरते तो नारनौल शहर पर दबाव पड़ता। इसी बात को ध्यान में रखते हुए यहां से सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग 148-बी से जोड़ा जाएगा। इस मोड़ से सीधे राष्ट्रीय दिल्ली-जयपुर राजमार्ग 8 मात्र 20 किलोमीटर पड़ेगा। यहां से नीमाराना, बहरोड़ व कोटपुतली जाना सुगम होगा।
पूर्वी-दक्षिणी बाईपास योजना भी सिरे चढ़ने की उम्मीद
नारनौल। नांगल चौधरी के विधायक डा. अभय सिंह ने बताया कि यह मार्ग बनने के बाद ढाणी-बाठोठा से सीधे दिल्ली-बीकानेर राष्ट्रीय राजमार्ग पर नीरपुर से जोडने की योजना को बल मिलेगा। वाहनों को शहर से बाहर रखने के लिए यह बहुत ही आवश्यक है। यह मार्ग खानपुर, मंडाणा, सेका, कादीपुर, नौरंगपुरा होते हुए नीरपुर जाकर मिलेगा।
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उपायुक्त ने बताया कि इसके बनने के बाद इन रास्तों पर पडने वाले गांवों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। नांगल चौधरी के विधायक डा. अभय सिंह यादव ने बताया कि बसीरपुर, तलोट व घाटासेर में बनने वाले मल्टीपल लॉजिस्टिक हब से सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग 148-बी से जोडने के लिए 200 फीट चौड़ी सड़क बनाने के प्रस्ताव को इस तरह से तैयार किया जाए कि इसमें ज्यादा से ज्यादा पंचायती जमीन का उपयोग हो।
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डा. अभय सिंह ने एचएसआईआईडीसी के सीनियर टाउन प्लानर यूसूफ मोहम्मद मंसूरी और आरपी सिंह को निर्देश दिए कि वे ताजीपुर व मांदी में ज्यादातर पंचायती जमीन से होते हुए इस मार्ग के निर्माण का प्रस्ताव सरकार को भेजें।
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जमीन स्थानांतरित करने के निर्देश दिए
लगभग एक हजार एकड़ में बनने वाले इस लॉजिस्टिक हब को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए इस योजना को सिरे चढ़ाने के लिए वीरवार को एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों और राजस्व विभाग के अधिकारियों को इस रूट पर पड़ने वाली जमीन को स्थानांतरित करने संबंधी निर्देश दिए गए।
राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 148-बी से जाएगा जोड़ा
दिल्ली-मुंबई डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर हरियाणा के एनसीआर क्षेत्र में एक मल्टीपल लॉजिस्टिक हब मंजूर हुआ है। जिसे नारनौल के नजदीक गांव बसीरपुर, तलोट व घाटासेर में लगभग एक हजार एकड़ जमीन पर रेलवे लाइन के साथ-साथ बनाया जाएगा। इस लॉजिस्टिक हब को सड़क मार्ग से बेहतर कनेक्टिीविटी के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 148-बी से जोड़ने की योजना है।
दरअसल बसीरपुर से नारनौल धौलेड़ा रोड तक पहले ही 82 फीट चौड़ा रास्ता मौजूद है। किसानों की कम से कम जमीन ली जाए और विकास से उपेक्षित गांवों को जोड़ा जा सके इस बात को ध्यान में रखते हुए यह प्रस्ताव बनाया गया है। इस 82 फुट कच्चे रास्ते को 200 फीट चौड़े सड़क मार्ग में तब्दील कर दिया जाएगा। इसके अलावा ताजीपुर व मांदी में 22 फीट रास्ता है जिसे 200 फीट करने के लिए कुछ पंचायती जमीन तथा कुछ जमीन सीधे किसानों से खरीदी जाएगी।
किसानों ने जताई सहमति
वीरवार को विभिन्न गांवों के किसानों ने इसमें अपनी सहमति जताई। किसानों ने कहा कि वे पूरी तरह से राज्य सरकार के इस प्रस्ताव के साथ हैं। हमारे बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए इस योजना को जल्द सिरे चढ़ाया जाए। डा. अभय सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ज्यादा से ज्यादा पंचायती जमीन का उपयोग करें। बैठक में एडीसी आरएस वर्मा, एसडीएम सुरेश कुमार कासवां और डीआरओ मनदीप सिंह के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद थे।
क्यों जरूरत पड़ी इस मार्ग की
नारनौल। जिले में बनने वाले इस हब से सामान ढोने के लिए इंडस्ट्री को अच्छी कनेक्टिविटी देने के लिए यह प्रस्ताव बनाया गया है। चूंकि निजामपुर रोड़ गांव तलोट के पास पड़ने वाले इस हब से निजामपुर रोड की कनेक्टिविटी तो है लेकिन रास्ते में पडने वाले रेलमार्ग के कारण भारी वाहनों को इस तरफ से निकालना संभव नहीं था। वैसे भी अगर यहां से वाहन गुजरते तो नारनौल शहर पर दबाव पड़ता। इसी बात को ध्यान में रखते हुए यहां से सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग 148-बी से जोड़ा जाएगा। इस मोड़ से सीधे राष्ट्रीय दिल्ली-जयपुर राजमार्ग 8 मात्र 20 किलोमीटर पड़ेगा। यहां से नीमाराना, बहरोड़ व कोटपुतली जाना सुगम होगा।
पूर्वी-दक्षिणी बाईपास योजना भी सिरे चढ़ने की उम्मीद
नारनौल। नांगल चौधरी के विधायक डा. अभय सिंह ने बताया कि यह मार्ग बनने के बाद ढाणी-बाठोठा से सीधे दिल्ली-बीकानेर राष्ट्रीय राजमार्ग पर नीरपुर से जोडने की योजना को बल मिलेगा। वाहनों को शहर से बाहर रखने के लिए यह बहुत ही आवश्यक है। यह मार्ग खानपुर, मंडाणा, सेका, कादीपुर, नौरंगपुरा होते हुए नीरपुर जाकर मिलेगा।