{"_id":"69b4508ddf4ebf04ca0a24e3","slug":"list-of-205-quack-doctors-released-documents-to-be-checked-narnol-news-c-198-1-rew1001-234987-2026-03-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: 205 झोलाछाप डॉक्टरों की सूची जारी, कागजातों की होगी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: 205 झोलाछाप डॉक्टरों की सूची जारी, कागजातों की होगी जांच
विज्ञापन
रेवाड़ी। आयुष विभाग अब झोलाछाप डॉक्टरों पर शिकंजे की तैयारी कर रहा है। जिले में बिना डिग्री या रजिस्ट्रेशन के अभ्यास कर रहे झोलाछाप डॉक्टरों की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। जिले में ऐसे 205 झोलाछाप डॉक्टरों की सूची जारी की गई है जो प्रैक्टिस कर रहे हैं।
टीम की ओर से उनकी डिग्री व रजिस्ट्रेशन सहित अन्य कागजातों को जांचा जाएगा। चिकित्सा अधिकारियों की यह टीम अगले 5 दिन में ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों की जांच कर रिपोर्ट तैयार कर जिला आयुष कार्यालय में सौंपेगी। इसके बाद एक विस्तृत रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जाएगी।
इस कार्रवाई के लिए जिलेभर के आयुष चिकित्सा अधिकारियों और होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारियों की 35 अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। प्रत्येक डॉक्टर को 5 से 10 क्लीनिकों की जांच का जिम्मा सौंपा गया है। इसमें शहर की विभिन्न कॉलोनियों के अलावा गांवों में चल रहे ऐसे क्लीनिकों पर विशेष नजर रहेगी।
विज्ञापन
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. बसंत कुमार ने कहा कि निदेशालय से प्राप्त आदेशानुसार जांच के लिए आयुष व होम्योपैथिक चिकित्सकों की कमेटी गठित कर दी है। सभी कमेटियों के चिकित्सकों को निदेशालय से प्राप्त सूची के अनुसार मौके पर जाकर जांच करनी होगी।
जांच टीम को जल्द से जल्द यानी 5 दिनों के अंदर जांच रिपोर्ट कार्यालय में जमा करानी होगी। इसमें अगर किसी के पास रजिस्ट्रेशन या डिग्री नहीं मिली तो क्लीनिक को सील करने सहित अन्य कार्रवाई की जा सकती है।
टीम की तरफ से क्लीनिक में प्रैक्टिस कर रहे झोलाछाप डॉक्टर की डिग्री, रजिस्ट्रेशन सहित अन्य कागजात जांच किए जाएंगे। इस रिपोर्ट के आधार पर ही अवैध क्लीनिक चलाने वालों के खिलाफ निदेशालय स्तर पर आगामी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
टीम की ओर से उनकी डिग्री व रजिस्ट्रेशन सहित अन्य कागजातों को जांचा जाएगा। चिकित्सा अधिकारियों की यह टीम अगले 5 दिन में ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों की जांच कर रिपोर्ट तैयार कर जिला आयुष कार्यालय में सौंपेगी। इसके बाद एक विस्तृत रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जाएगी।
विज्ञापन
इस कार्रवाई के लिए जिलेभर के आयुष चिकित्सा अधिकारियों और होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारियों की 35 अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। प्रत्येक डॉक्टर को 5 से 10 क्लीनिकों की जांच का जिम्मा सौंपा गया है। इसमें शहर की विभिन्न कॉलोनियों के अलावा गांवों में चल रहे ऐसे क्लीनिकों पर विशेष नजर रहेगी।
विज्ञापन
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. बसंत कुमार ने कहा कि निदेशालय से प्राप्त आदेशानुसार जांच के लिए आयुष व होम्योपैथिक चिकित्सकों की कमेटी गठित कर दी है। सभी कमेटियों के चिकित्सकों को निदेशालय से प्राप्त सूची के अनुसार मौके पर जाकर जांच करनी होगी।
जांच टीम को जल्द से जल्द यानी 5 दिनों के अंदर जांच रिपोर्ट कार्यालय में जमा करानी होगी। इसमें अगर किसी के पास रजिस्ट्रेशन या डिग्री नहीं मिली तो क्लीनिक को सील करने सहित अन्य कार्रवाई की जा सकती है।
टीम की तरफ से क्लीनिक में प्रैक्टिस कर रहे झोलाछाप डॉक्टर की डिग्री, रजिस्ट्रेशन सहित अन्य कागजात जांच किए जाएंगे। इस रिपोर्ट के आधार पर ही अवैध क्लीनिक चलाने वालों के खिलाफ निदेशालय स्तर पर आगामी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।