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Mahendragarh-Narnaul News: जर्जर नागरिक अस्पताल में मरीजों का जीवन खतरे में

Sat, 07 Jan 2023 11:24 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 07 Jan 2023 11:24 PM IST
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Life of patients in danger in dilapidated civil hospital
नारनौल। नागरिक अस्पताल का पुराना भवन काफी जर्जर हो रखा है। इस भवन में मरीजों की जान खतरे में रहती है। हालांकि सरकार की ओर से अस्पताल का नया भवन बनवा रही है लेकिन लोक निर्माण विभाग एवं एजेंसी में बजट को लेकर पेच फंसा हुआ है। 25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला 200 बेड के अस्पताल के भवन का कार्य पिछले लगभग एक साल से रुका हुआ है। अब यह मामला हाईकोर्ट में भी पहुंच गया है, इसको सुलझने में अभी समय लग सकता है। एजेंसी का कहना है कि विभाग उनकी सवा करोड़ रुपये की पेमेंट नहीं कर रहा। इसी वजह से काम रूका हुआ है। वहीं एजेंसी ने एक वर्ष में केवल बेसमेंट तैयार किया है। वह भी पिछले छह महीनों से पानी में खड़ा है। नींव के अंदर पानी जाने से भवन कमजोर हो रहा है। वहीं इस मामले में लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन अश्वनी गहलावत ने टिप्पणी करने से मना कर दिया।
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बता दें कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पहली सरकार में नागरिक अस्पताल को 100 बेड से 200 बेड का अस्पताल बनाने की घोषणा की थी। इसके बाद सरकार ने करोड़ों रुपये की मंजूरी भी दे दी थी। लोक निर्माण विभाग ने लगभग 25 करोड़ रुपये में जींद की गर्ग एंड कंपनी को टेंडर दिया था। बेसमेंट के अलावा सात मंजिला भवन बनाया जाना था। यह काम दो वर्ष में पूरा किया जाना था। 16 दिसंबर 2020 को भवन का काम भी शुरू हो गया था। एक वर्ष तक भवन का काम चला, तब तक बेसमेंट तक का काम पूरा हो पाया। उसके बाद एजेंसी ने बजट के अभाव में काम रोक दिया। एक वर्ष से उक्त भवन का काम रुका हुआ है। छह महीनेे से यह भवन पानी के अंदर खड़ा है। जिससे उसकी नींव कमजोर होती जा रही है।
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यह रहेंगी सुविधाएं
ग्राउंड फ्लोर: ग्राउंड फ्लोर पर ओपीडी, माइनर ओटी तथा लैब की सुविधा रहेगी।
प्रथम मंजिल: इस मंजिल पर चार ऑपरेशन थियेटर, मरीजों के लिए आइसोलेट रूम, आईसीयू वार्ड तथा तीमारदारों के लिए वेटिंग हॉल की सुविधा रहेगी।
दूसरी मंजिल: तकनीकी कक्ष, आइसोलेट रूम, नर्स चेंजिंग रूम, ब्लड स्टोर, लैब की सुविधा रहेगी।
तीसरी मंजिल: सामान्य वार्ड के लिए तीन कमरें रहेंगे जिनमें कुल 20 बैड की व्यवस्था होगी। प्राइवेट रूम की सुविधा भी होगी।
चौथी मंजिल: सामान्य वार्ड के लिए पांच कक्ष बनाए जांएगें, जिनमें 30 बैड की सुविधा होगी।
पांचवीं मंजिल: इस मंजिल पर भी सामान्य वार्ड के लिए पांच कक्ष बनाए जाएंगे जिनमें 30 बैड की सुविधा होगी।
छठी मंजिल: इस मंजिल पर मीटिंग रूम, लंच रूम, रिकॉर्ड रूम तथा स्टाफ रूम की व्यवस्था रहेगी।
दो चीजों की दोबारा लेनी पड़ी अप्रूवल
एजेंसी संचालक शशांक गर्ग ने बताया कि पहले एनआईटी में दो चीजें शामिल नहीं की गई थी। उसके बाद भी उन्होंने वो दो चीजें अपने कार्यों में शामिल कर ली थी। उसने बताया कि जहां बिल्डिंग बन रही है वहां नाले का कोई जोड़ था। उस जोड़ का पानी का लेवल डाउन के लिए तथा बेसमेंट वाटर प्रूफिंग के लिए विभाग ने दोबारा अप्रूवल ली है। उसने बताया कि एक महीने पहले ही इसकी अप्रूवल आई है। उक्त कार्यों के लिए लगभग 2.50 करोड़ रुपये की अप्रूवल होनी चाहिए। अभी तक अप्रूवल आने की जानकारी एजेंसी को दी भी नहीं गई है।
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एजेंसी संचालक ने ली हाई कोर्ट की शरण
एजेंसी संचालक शशांक गर्ग ने बताया कि 15 महीने पहले एजेंसी ने सवा करोड़ रुपये का बिल विभाग को सबमिट कर रखा है। उसकी पेमेंट अभी तक नहीं हो पाई है। उन्होंने बताया कि एग्रीमेंट के अनुसार हर महीने विभाग को पेमेंट करनी होगी। 15 दिन पहले ही उन्होंने हाई कोर्ट में केेस डाल दिया है। इसकी एक तारीख भी हो चुकी है। कोर्ट ने विभाग ने जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।

हम तो आज भी काम करने के लिए तैयार हैं। लोक निर्माण विभाग 15 दिन पेमेंट करने का आश्वासन दे दें तो भी हम कल से काम शुरू कर देंगे। पेमेंट नहीं किए जाने पर ही हमने हाई कोर्ट की शरण ली है। एग्रीमेंट के अनुसार हर महीने विभाग को पेमेंट करनी होती है। सवा साल बीत गया अभी तक सवा करोड़ की पेमेंट नहीं की है। -शशांक गर्ग, गर्ग एजेंसी संचालक।
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