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Mahendragarh-Narnaul News: पचास हजार से कम प्लेटलेट्स और नाक-कान से खून आना हो सकता है खतरनाक

Wed, 18 Sep 2024 12:18 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 18 Sep 2024 12:18 AM IST
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Less than fifty thousand platelets and bleeding from nose and ears can be dangerous.
फोटो नंबर-18महावीर प्रसाद। डीएमसी, नगर परिषद नारनौल।
नारनौल। बारिश के मौसम में मच्छर जनित बीमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है। जिले में अब तक 4 मलेरिया के मरीज मिले हैं, हालांकि डेंगू का अब तक कोई मरीज नहीं मिला है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 152 टीमों का गठन किया गया है, जो घर-घर जाकर लोगों को डेंगू व मलेरिया के प्रति जागरूक कर रही है और लार्वा की जांच कर रही है।
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अब तक 1125 जगह पर लार्वा पाया गया है। वहीं, लोगों को मच्छरों के प्रकोप से बचाव के लिए दवा का छिड़काव बीडीपीओ और नगर परिषद के द्वारा किया जा रहा है। दवा का छिड़काव ग्रामीण क्षेत्र में बीडीपीओ व शहरी क्षेत्र में नगर परिषद द्वार किया जा रहा है। वहीं, दवा स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही है। बीडीपीओ ने नारनौल क्षेत्र के सभी 52 गांवों में फॉगिंग का कार्य करवाया है, वहीं नगर परिषद ने प्रशासनिक आवास और सार्वजनिक जगहों पर ही फॉगिंग का कार्य किया है। रिहायशी क्षेत्र में अभी तक फॉगिंग नहीं की गई है। वहीं स्थानीय लोगों द्वारा मच्छरों से बचाव के लिए लगातार फॉगिंग की मांग की जा रही है।
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सभी ग्राम पंचायतों को दवा का छिड़काव करने वाली मशीन उपलब्ध करवाई गई है, ताकि मच्छरों से बचाव के लिए सभी गांवों में सुगमता से दवा का छिड़काव किया जा सकें। ग्रामीण क्षेत्रों में नालियों की सफाई का कार्य भी लगातार जारी है और बरसाती पानी के निकास के भी उचित प्रबंध किए जा रहें हैं। सभी गांवों में एक बार फॉगिंग की जा चुकी है और जल्द ही दोबारा करवाई जाएगी।
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रेणू लता यादव, बीडीपीओ, नारनौल।
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विभाग द्वार 152 टीमों का गठन किया गया है, जो घर-घर जाकर लार्वा की जांच कर रही है। अब तक पूरे जिले में करीब 1125 जगह लारवा मिला है। महेंद्रगढ़ सामान्य अस्पताल और सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर डेंगू केंद्र बनाए गए हैं और नागरिक अस्पताल नारनौल में डेंगू वार्ड भी बनाया गया है।
डॉ. मनीष, डीएमओ नागरिक अस्पताल नारनौल।
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डेंगू बुखार के लक्षण आमतौर पर मच्छर काटने के 3 से 14 दिनों के बाद दिखाई देते हैं। तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी आना, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, थकान, नाक-कान और शरीर के अन्य हिस्सों से खून बहना आदी डेंगू बुखार के लक्षण है। डेंगू से ग्रसित मरीज निरंतर उपचार के बाद ठीक हो जाता है। नागरिक अस्पताल में मरीज के उपचार के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध है। डेंगू बुखार में ज्यादा से ज्यादा पानी और तरल पदार्थ का सेवन करना चाहिए। डेंगू से ग्रसित मरीज की प्लेटलेट्स 50,000 से कम है और नाक-कान व अन्य हिस्सों से खून आ रहा है तो यह खतरनाक हो सकता है।

डॉ. जितेंद्र यादव फिजिशियन, नागरिक अस्पताल नारनौल।
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शहर में मच्छरों से बीमारी नहीं फैले इसे लेकर नगर परिषद पूर्ण जागरूकता के साथ कार्य कर रही है। इसे लेकर मैंने व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया हुआ है। जिसमें जहां भी गंदगी या पानी जमा हो उसकी फोटो आने पर तुरंत प्रभाव से कार्रवाई करवाई जाती है।
-महावीर प्रसाद, डीएमसी नगर परिषद नारनौल।
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