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होमगार्ड की नौकरी छोड़ मशरूम उत्पादन अपनाया, 300 को किया प्रशिक्षित

Mon, 16 May 2022 12:00 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 16 May 2022 12:00 AM IST
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Leaving the job of home guard, adopted mushroom production, trained 300
महेंद्रगढ़। मशरूम उत्पादन कर विशेष पहचान बनाने वाले गांव माजरा खुर्द निवासी पंकज यादव युवाओं के लिए प्रेरणा बने हुए हैं। पंकज ने दो वर्ष पूर्व होमगार्ड की नौकरी छोड़ मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में जिले को विशेष पहचान दिलाई है। प्रत्येक दो माह में 500 बैग की यूनिट लगा करीब 12 क्विंटल मशरूम का उत्पादन कर रहे हैं। अभी तक जिले के 300 युवाओं को प्रशिक्षण दे चुके हैं।
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हाल ही में मशरूम उत्पादन में सराहनीय प्रदर्शन करने पर बागवानी विभाग की सहायता से अनुदान पर 45 लाख रुपये की लागत से मशरूम प्रोजेक्ट तैयार किया है, जो एक माह में शुरू हो जाएगा। बागवानी विभाग द्वारा 20 लाख रुपये का अनुदान दिया गया है। अब पंकज प्रोजेक्ट से प्रत्येक 65 दिन में तकरीबन 40 क्विंटल मशरूम का उत्पादन करेंगे। पंकज क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को भी मशरूम उत्पादन के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
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पंकज का सपना है कि वह जिले को मशरूम उत्पादन में आत्म निर्भर बनाएं। इसके लिए प्रतिमाह करीब 30 युवाओं को मशरूम उत्पादन करने के लिए प्रशिक्षण दे रहे हैं। इसके लिए वे स्वयं के कृषि फार्म पर मशरूम तैयार करने की विधि व बारीकियां भी युवाओं को बता रहे हैं। पंकज अभी तक करीब 300 युवाओं को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण दे चुके हैं। ये युवा अब स्वयं की छोटी-छोटी यूनिट लगाकर मशरूम उत्पादन भी शुरू कर चुके हैं।
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इंसेट
मशरूम उत्पादन के मामले में जिला आत्मनिर्भर हो
23 वर्ष की उम्र में पंकज जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत बने हुए हैं। हाल ही में 45 लाख रुपये की लागत से खेत में मशरूम यूनिट लगाई है। जिसमें प्रत्येक 65 दिन में 40 क्विंटल का उत्पाद हो सकेगा। इसमें चार हजार बैग की वातानुकूलित यूनिट से वर्ष के 12 माह मशरूम उत्पादन चलता रहेगा। पंकज कुमार यादव का कहना है कि उनका लक्ष्य है कि पांच सालों में मशरूम उत्पादन के मामले में जिला आत्मनिर्भर हो। बेरोजगार युवा इसे अपनाकर वर्षभर आय ले सकेंगे। इसके लिए स्वयं के फार्म पर युवाओं को निशुल्क प्रशिक्षण देने का कार्य किया जा रहा है।
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