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दृष्टि का न होना जीवन की राह में बाधा नहीं : नरेंद्र सूरा
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फोटो 05बच्चों के साथ जिला एवं सत्र न्यायाधीश साथ में सीजेएम। विभाग
नारनौल। जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सूरा ने बुधवार को मोहल्ला खड़खड़ी स्थित नेत्रहीन कन्या विद्यालय व हुडा सेक्टर में स्थित संतोष मेमोरियल दिव्यांग एवं पुनर्वास केंद्र का दौरा किया। उन्होंने छात्राओं का हाल चाल जाना और विद्यालय की शैक्षणिक व तकनीकी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
उन्होंने कहा कि दृष्टि का न होना जीवन की राह में बाधा नहीं है। आपकी आंतरिक शक्ति और दृढ़ इच्छाशक्ति ही आपकी असली पहचान है। कानून और समाज हर कदम पर आपके साथ है। उन्होंने उनके अधिकारों और दिव्यांगजनों के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
संतोष मेमोरियल दिव्यांग एवं पुनर्वास केंद्र के निरीक्षण के दौरान बच्चों को खाद्य सामग्री भी वितरित की। इस मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नीलम कुमारी व जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सूरा की धर्मपत्नी शीनू सूरा व उनके परिवार के सदस्य मौजूद थे।
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उन्होंने कहा कि दृष्टि का न होना जीवन की राह में बाधा नहीं है। आपकी आंतरिक शक्ति और दृढ़ इच्छाशक्ति ही आपकी असली पहचान है। कानून और समाज हर कदम पर आपके साथ है। उन्होंने उनके अधिकारों और दिव्यांगजनों के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
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संतोष मेमोरियल दिव्यांग एवं पुनर्वास केंद्र के निरीक्षण के दौरान बच्चों को खाद्य सामग्री भी वितरित की। इस मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नीलम कुमारी व जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सूरा की धर्मपत्नी शीनू सूरा व उनके परिवार के सदस्य मौजूद थे।
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