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चेयरपर्सन के पार्षद पति की शॉपिंग काम्प्लैक्स मामले में जांच शुरू
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शॉपिंग काम्पलेक्स के शोरूम मामले में नपा चेयरपर्सन के पार्षद पति के खिलाफ एक जांच बैठ गई है। मनोनीत पार्षद कुलदीप शर्मा की शिकायत पर शहरी एवं स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक ने यह जांच खोल दी है। एससीएस ने उपायुक्त को मामले की जांच के आदेश दिए हैं जबकि उपायुक्त यह जांच एसडीएम महेंद्रगढ़ विश्राम कुमार मीणा से करवा रहे हैं। मामले में एसडीएम ने दोनों पक्षों को बुलाया था। शिकायतकर्ता कुलदीप शर्मा ने अपने बयान दर्ज करवा दिए हैं और दूसरे पक्ष सुरेंद्र कुुमार ने मामले में एक सप्ताह का समय मांगा है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि महाराजा अग्रसेन शॉपिंग काम्पलेक्स शोरूम नंबर 1 को किराए पर देने के लिए 1 मार्च 1996 को खुली बोली लगी थी। शोरूम की सरकारी बोली एक हजार रुपये से शुरू हुई थी। इस बोली में 25 लोगों ने भाग लिया था। उस समय सुरेंद्र कुमार ने सबसे अधिक दस हजार रुपये प्रति माह किराये देने की बोली लगाई थी। यह बोली सुरेंद्र कुमार के नाम से छोड़ दी गई थी। बाद में सुरेंद्र कुमार ने शोरूम का किराया कम भरना शुरू कर दिया था।
कुलदीप शर्मा ने बताया कि नगर पालिका ने 2007 में सुरेंद्र कुमार के खिलाफ हाई कोर्ट में पूरा किराया भरने को लेकर केस डाला था। इसके बाद 9 जनवरी 2019 की मीटिंग में नपा चेयरपर्सन, पार्षद पति सुरेंद्र कुमार व दो अन्य पार्षदों ने नपा की बैठक आयोजित की थी। इस बैठक में एक पार्षद को कोर्ट से केस उठाने के लिए अधिकृत कर दिया था। यह प्रस्ताव अन्य बिंदू में पास कर दिया था। मनोनीत पार्षद ने बताया कि इस मीटिंग में दो मनोनीत पार्षदों सहित कुल 17 पार्षदों में मात्र चार पार्षद ही शामिल थे। इस बैठक में नपा सचिव भी नहीं थी। इसलिए नपा पार्षदों ने बैठक को असंवैधानिक करार देते हुए उपायुक्त को शिकायत दी थी। जिसको उपायुक्त ने अभी तक अनुमोदित नहीं किया है।
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मनोनीत पार्षद कुलदीप शर्मा ने बताया कि नपा द्वारा असंवैधानिक बैठक में एक पार्षद को अधिकृत करने के बाद 2019 में पार्षद उक्त पार्षद ने हाईकोर्ट से केस वापस ले लिया था जबकि वह बैठक अभी तक डीसी से अनुमोदित नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि नपा चेयरपर्सन ने अपने पार्षद पति को फायदा पहुंचाने के लिए उक्त बैठक को अन्य एजेंडे पास कर दिया था। इसके बाद अगस्त 2019 में उसने सीएम को शिकायत दी थी। उस शिकायत की जांच एससीएस ने उपायुक्त को सौंपी है। उपायुक्त ने जांच के लिए एसडीएम की ड्यूटी लगाई है।
अर्बन लोकल बॉडी की ओर से जांच आई है। दोनों ही पार्टी को हमने मंगलवार को बुलाया था। कुलदीप ने अपना बयान दर्ज करवा दिया और दूसरी पार्टी सुरेंद्र कुमार ने एक सप्ताह का समय मांगा है।
- विश्राम कुमार मीणा, एसडीएम, महेंद्रगढ़।
मैं शॉपिंग काम्पलेक्स का अध्यक्ष था। उस समय शोरूम नंबर 1 दस हजार रुपये प्रति माह किराये पर छूटा था। इसका रिकॉर्ड भी है। - रामचंद्र तायल, तत्कालीन अध्यक्षक, शॉपिंग काम्पलेक्स।
पार्षद रोज शिकायत करते रहते हैं। नपा की एसडीएम के पास रोज दस इंक्वायरी आती हैं। इसमें मैं क्या वर्जन दूं। - रीना गर्ग, नपा चेयरपर्सन, महेंद्रगढ़।
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शिकायतकर्ता ने बताया कि महाराजा अग्रसेन शॉपिंग काम्पलेक्स शोरूम नंबर 1 को किराए पर देने के लिए 1 मार्च 1996 को खुली बोली लगी थी। शोरूम की सरकारी बोली एक हजार रुपये से शुरू हुई थी। इस बोली में 25 लोगों ने भाग लिया था। उस समय सुरेंद्र कुमार ने सबसे अधिक दस हजार रुपये प्रति माह किराये देने की बोली लगाई थी। यह बोली सुरेंद्र कुमार के नाम से छोड़ दी गई थी। बाद में सुरेंद्र कुमार ने शोरूम का किराया कम भरना शुरू कर दिया था।
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कुलदीप शर्मा ने बताया कि नगर पालिका ने 2007 में सुरेंद्र कुमार के खिलाफ हाई कोर्ट में पूरा किराया भरने को लेकर केस डाला था। इसके बाद 9 जनवरी 2019 की मीटिंग में नपा चेयरपर्सन, पार्षद पति सुरेंद्र कुमार व दो अन्य पार्षदों ने नपा की बैठक आयोजित की थी। इस बैठक में एक पार्षद को कोर्ट से केस उठाने के लिए अधिकृत कर दिया था। यह प्रस्ताव अन्य बिंदू में पास कर दिया था। मनोनीत पार्षद ने बताया कि इस मीटिंग में दो मनोनीत पार्षदों सहित कुल 17 पार्षदों में मात्र चार पार्षद ही शामिल थे। इस बैठक में नपा सचिव भी नहीं थी। इसलिए नपा पार्षदों ने बैठक को असंवैधानिक करार देते हुए उपायुक्त को शिकायत दी थी। जिसको उपायुक्त ने अभी तक अनुमोदित नहीं किया है।
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मनोनीत पार्षद कुलदीप शर्मा ने बताया कि नपा द्वारा असंवैधानिक बैठक में एक पार्षद को अधिकृत करने के बाद 2019 में पार्षद उक्त पार्षद ने हाईकोर्ट से केस वापस ले लिया था जबकि वह बैठक अभी तक डीसी से अनुमोदित नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि नपा चेयरपर्सन ने अपने पार्षद पति को फायदा पहुंचाने के लिए उक्त बैठक को अन्य एजेंडे पास कर दिया था। इसके बाद अगस्त 2019 में उसने सीएम को शिकायत दी थी। उस शिकायत की जांच एससीएस ने उपायुक्त को सौंपी है। उपायुक्त ने जांच के लिए एसडीएम की ड्यूटी लगाई है।
अर्बन लोकल बॉडी की ओर से जांच आई है। दोनों ही पार्टी को हमने मंगलवार को बुलाया था। कुलदीप ने अपना बयान दर्ज करवा दिया और दूसरी पार्टी सुरेंद्र कुमार ने एक सप्ताह का समय मांगा है।
- विश्राम कुमार मीणा, एसडीएम, महेंद्रगढ़।
मैं शॉपिंग काम्पलेक्स का अध्यक्ष था। उस समय शोरूम नंबर 1 दस हजार रुपये प्रति माह किराये पर छूटा था। इसका रिकॉर्ड भी है। - रामचंद्र तायल, तत्कालीन अध्यक्षक, शॉपिंग काम्पलेक्स।
पार्षद रोज शिकायत करते रहते हैं। नपा की एसडीएम के पास रोज दस इंक्वायरी आती हैं। इसमें मैं क्या वर्जन दूं। - रीना गर्ग, नपा चेयरपर्सन, महेंद्रगढ़।