{"_id":"6157519f8ebc3e0b356912b5","slug":"india-s-policy-with-neighboring-countries-is-different-prof-tankeshwar-kumar-narnol-news-rtk6257483196","type":"story","status":"publish","title_hn":"हकेविवि में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का हुआ समापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हकेविवि में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का हुआ समापन
विज्ञापन
हकेंविवि में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन को संबोधित करते प्रो. श्रीप्रकाश सिंह
- फोटो : Narnol
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेविवि) में राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा ब्रिक्स फाउंडेशन नई दिल्ली के सहयोग से दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की पड़ोसी देशों के साथ विदेश नीति के विभिन्न आयामों पर चर्चा की गई। समापन सत्र में विशेषज्ञों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा के 69वें सत्र में दिए गए भाषण का उल्लेख किया गया।
कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने इस आयोजन के संबंध में कहा कि भारत की पड़ोसी देशों के प्रति नीति अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इसे अन्य देशों से अलग पहचान प्रदान करती है। राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र में विशिष्ट अतिथि चंद्र प्रकाश भारद्वाज ने वर्तमान में अफगानिस्तान के साथ संबंधों से अपनी बात प्रारंभ की और पड़ोसी के साथ कैसे संबंध बनाने चाहिए? उनके साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए ? विषय पर प्रकाश डाला।
समापन समारोह में विशेषज्ञ वक्ता प्रोफेसर श्रीप्रकाश सिंह ने भारतीय दृष्टिकोण से विदेश नीति के बारे में चर्चा की। जिसमें उन्होंने कौटिल्य के सप्तांग सिद्धांत के व्यवहारिक पक्ष को बताया। उन्होंने अपने संबोधन में पूर्व प्रधनमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक कौशल व विदेश नीति के जुड़े विभिन्न प्रसंगों का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने किस तरह से भारत को अंतर्राष्ट्रीय पटल पर पहचान दिलाई।
विज्ञापन
समापन सत्र में शिक्षा पीठ की अधिष्ठाता प्रोफेसर सारिका शर्मा ने सम्मेलन में आए सभी अतिथियों का स्वागत और आभार प्रकट किया। राजनीति विज्ञान विभाग के सहायक आचार्य डॉ. राजीव कुमार सिंह ने दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन की रिपोर्ट प्रस्तुत की। कार्यक्रम के अंत मे भूगोल विभाग के सहायक आचार्य डॉ. मनीष ने आभार ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस समापन सत्र में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्रभारी, शिक्षक, विद्यार्थी, शोधार्थी, ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से उपस्थित रहे।
विज्ञापन
कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने इस आयोजन के संबंध में कहा कि भारत की पड़ोसी देशों के प्रति नीति अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इसे अन्य देशों से अलग पहचान प्रदान करती है। राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र में विशिष्ट अतिथि चंद्र प्रकाश भारद्वाज ने वर्तमान में अफगानिस्तान के साथ संबंधों से अपनी बात प्रारंभ की और पड़ोसी के साथ कैसे संबंध बनाने चाहिए? उनके साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए ? विषय पर प्रकाश डाला।
विज्ञापन
समापन समारोह में विशेषज्ञ वक्ता प्रोफेसर श्रीप्रकाश सिंह ने भारतीय दृष्टिकोण से विदेश नीति के बारे में चर्चा की। जिसमें उन्होंने कौटिल्य के सप्तांग सिद्धांत के व्यवहारिक पक्ष को बताया। उन्होंने अपने संबोधन में पूर्व प्रधनमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक कौशल व विदेश नीति के जुड़े विभिन्न प्रसंगों का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने किस तरह से भारत को अंतर्राष्ट्रीय पटल पर पहचान दिलाई।
विज्ञापन
समापन सत्र में शिक्षा पीठ की अधिष्ठाता प्रोफेसर सारिका शर्मा ने सम्मेलन में आए सभी अतिथियों का स्वागत और आभार प्रकट किया। राजनीति विज्ञान विभाग के सहायक आचार्य डॉ. राजीव कुमार सिंह ने दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन की रिपोर्ट प्रस्तुत की। कार्यक्रम के अंत मे भूगोल विभाग के सहायक आचार्य डॉ. मनीष ने आभार ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस समापन सत्र में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्रभारी, शिक्षक, विद्यार्थी, शोधार्थी, ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से उपस्थित रहे।