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प्रतिस्पर्धी युग में नेतृत्व कौशल व सही निर्णय लेने की क्षमता जैसे गुण जरूरी : कुलपति
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महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग ने विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान से आगे ले जाने का अनोखा प्रयास शुरू किया है। ऋषिकेश (कौड़ियाला) में सात दिवसीय नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसमें छात्रों में नेतृत्व क्षमता, टीम वर्क, अनुशासन और साहसिक भावना विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम के लिए रवाना होते समय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने प्रतिभागी विद्यार्थियों को हरी झंडी दिखाकर विदाई दी। कुलपति ने कहा आज के कठिन प्रतिस्पर्धी युग में डिग्री अकेले काफी नहीं है। सफलता के लिए नेतृत्व कौशल, टीम भावना, सही निर्णय लेने की क्षमता और अनुशासन जैसे गुण भी उतने ही जरूरी हैं।
उन्होंने कहा कि इस सात दिवसीय प्रशिक्षण में वे नई चुनौतियों का सामना करें, अधिक से अधिक सीखें और अपने व्यक्तित्व को निखारें। प्रो. कुमार ने जोर दिया कि कक्षा से बाहर निकलकर वास्तविक जीवन की परिस्थितियों का अनुभव ही विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना विकसित करता है।
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शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीन कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम में कुल 37 एम.पी.एड विद्यार्थी और 7 पीएचडी शोधार्थी भाग ले रहे हैं। साथ ही शिक्षक शिक्षा पीठ के अधिष्ठाता प्रो. रविंद्र पाल अहलावत, डॉ. प्रवीन कुमार, समन्वयक डॉ. पी. कुमार और डॉ. संदीप ढुल भी इस यात्रा का हिस्सा हैं।
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कार्यक्रम के लिए रवाना होते समय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने प्रतिभागी विद्यार्थियों को हरी झंडी दिखाकर विदाई दी। कुलपति ने कहा आज के कठिन प्रतिस्पर्धी युग में डिग्री अकेले काफी नहीं है। सफलता के लिए नेतृत्व कौशल, टीम भावना, सही निर्णय लेने की क्षमता और अनुशासन जैसे गुण भी उतने ही जरूरी हैं।
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उन्होंने कहा कि इस सात दिवसीय प्रशिक्षण में वे नई चुनौतियों का सामना करें, अधिक से अधिक सीखें और अपने व्यक्तित्व को निखारें। प्रो. कुमार ने जोर दिया कि कक्षा से बाहर निकलकर वास्तविक जीवन की परिस्थितियों का अनुभव ही विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना विकसित करता है।
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शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीन कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम में कुल 37 एम.पी.एड विद्यार्थी और 7 पीएचडी शोधार्थी भाग ले रहे हैं। साथ ही शिक्षक शिक्षा पीठ के अधिष्ठाता प्रो. रविंद्र पाल अहलावत, डॉ. प्रवीन कुमार, समन्वयक डॉ. पी. कुमार और डॉ. संदीप ढुल भी इस यात्रा का हिस्सा हैं।