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Mahendragarh-Narnaul News: कुटिया में शबरी प्रेम भाव से प्रभु राम को जूठे बेर खिलाए
Sun, 28 Sep 2025 11:58 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 28 Sep 2025 11:58 PM IST
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फोटो नंबर-24अनाज मंडी की रामलीला में राम-शबरी मिलन की लीला का मंचन करते कलाकार। संवाद
नारनौल। अनाज मंडी स्थित श्री कृष्णा ड्रामेटिकल क्लब के रंगमंच पर आयोजित रामलीला में रावण-मारीच संवाद, सीता हरण और शबरी मिलन की लीला का मंचन हुआ।
रामलीला में दिखाया गया कि सूर्पणखा की नाक काटे जाने के बाद वह रावण के पास जाती है और उसे राम-लक्ष्मण से प्रतिशोध लेने को उकसाती है। रावण मारीच को स्वर्ण मृग बनाने के लिए भेजता है। सीता के आग्रह पर राम हिरण का पीछा करते हैं और इसी दौरान साधु वेश धारी रावण पंचवटी पहुंचकर छल से सीता का हरण कर लेता है।
जटायु रावण से युद्ध करता है लेकिन घायल होकर राम को सारी घटना बताता है। इसके बाद प्रभु राम और लक्ष्मण सीता की खोज में शबरी की कुटिया पहुंचते हैं। जहां शबरी अपने प्रेम भाव से प्रभु को जूठे बेर अर्पित करती हैं। भगवान ने उनके निष्कपट प्रेम को स्वीकार करते हुए उनका आदर किया। मंच संचालन भारत भूषण तायल ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रमुख समाजसेवी सुधीर शर्मा, प्रभाष छक्कड़, अरुण नुनीवाल और बद्री प्रसाद गर्ग द्वारा गणेश पूजन के साथ किया गया।
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रामलीला में दिखाया गया कि सूर्पणखा की नाक काटे जाने के बाद वह रावण के पास जाती है और उसे राम-लक्ष्मण से प्रतिशोध लेने को उकसाती है। रावण मारीच को स्वर्ण मृग बनाने के लिए भेजता है। सीता के आग्रह पर राम हिरण का पीछा करते हैं और इसी दौरान साधु वेश धारी रावण पंचवटी पहुंचकर छल से सीता का हरण कर लेता है।
जटायु रावण से युद्ध करता है लेकिन घायल होकर राम को सारी घटना बताता है। इसके बाद प्रभु राम और लक्ष्मण सीता की खोज में शबरी की कुटिया पहुंचते हैं। जहां शबरी अपने प्रेम भाव से प्रभु को जूठे बेर अर्पित करती हैं। भगवान ने उनके निष्कपट प्रेम को स्वीकार करते हुए उनका आदर किया। मंच संचालन भारत भूषण तायल ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रमुख समाजसेवी सुधीर शर्मा, प्रभाष छक्कड़, अरुण नुनीवाल और बद्री प्रसाद गर्ग द्वारा गणेश पूजन के साथ किया गया।
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