{"_id":"6a1351dfe54e88675601c0bf","slug":"hypothyroidism-found-more-frequently-in-women-narnol-news-c-196-1-nnl1004-140349-2026-05-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: महिलाओं में अधिक मिल रहा हाइपोथायराइड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: महिलाओं में अधिक मिल रहा हाइपोथायराइड
विज्ञापन
नारनौल। नारनौल के नागरिक अस्पताल में प्रतिमाह औसतन 40 से 50 मरीज थायराइड संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें से लगभग 95 प्रतिशत मरीज हाइपोथायराइड से ग्रसित पाए जाते हैं जो सबसे आम प्रकार माना जाता है।
चिकित्सकों के अनुसार महिलाओं में थायराइड की समस्या पुरुषों की तुलना में अधिक देखी जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जांच और नियमित उपचार से थायराइड को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है और सामान्य जीवन संभव है।
थायराइड गले में स्थित तितली के आकार की एक महत्वपूर्ण ग्रंथि होती है जो शरीर के मेटाबॉलिज्म, हृदय गति और तापमान को नियंत्रित करती है। इस ग्रंथि में हार्मोन का असंतुलन होने पर शरीर की पूरी कार्यप्रणाली प्रभावित हो जाती है।
विज्ञापन
थायराइड मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है हाइपोथायराइड और हाइपरथायराइड। हाइपोथायराइड में हार्मोन की कमी से वजन बढ़ना, थकान और सुस्ती जैसे लक्षण दिखाई देते हैं जबकि हाइपरथायराइड में हार्मोन अधिक बनने से वजन घटने, घबराहट और दिल की धड़कन तेज होने जैसी समस्याएं होती हैं।
विज्ञापन
चिकित्सकों के अनुसार महिलाओं में थायराइड की समस्या पुरुषों की तुलना में अधिक देखी जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जांच और नियमित उपचार से थायराइड को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है और सामान्य जीवन संभव है।
विज्ञापन
थायराइड गले में स्थित तितली के आकार की एक महत्वपूर्ण ग्रंथि होती है जो शरीर के मेटाबॉलिज्म, हृदय गति और तापमान को नियंत्रित करती है। इस ग्रंथि में हार्मोन का असंतुलन होने पर शरीर की पूरी कार्यप्रणाली प्रभावित हो जाती है।
विज्ञापन
थायराइड मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है हाइपोथायराइड और हाइपरथायराइड। हाइपोथायराइड में हार्मोन की कमी से वजन बढ़ना, थकान और सुस्ती जैसे लक्षण दिखाई देते हैं जबकि हाइपरथायराइड में हार्मोन अधिक बनने से वजन घटने, घबराहट और दिल की धड़कन तेज होने जैसी समस्याएं होती हैं।