{"_id":"69b1b08a31e99399fb0cec29","slug":"how-can-there-be-two-policies-in-the-same-district-to-develop-imt-sandeep-malda-narnol-news-c-203-1-sroh1010-124706-2026-03-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईएमटी विकसित करने के लिए एक ही जिले में दो नीतियां कैसे : संदीप मालड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईएमटी विकसित करने के लिए एक ही जिले में दो नीतियां कैसे : संदीप मालड़ा
विज्ञापन
फोटो संख्या:53- गांव खुडाना में आईएमटी के लिए प्रस्तावित जमीन--संवाद
महेंद्रगढ़। आईएमटी स्थापना को लेकर उद्योग मंत्री के रवैये को लेकर श्री सुंडाराम ट्रस्ट के प्रधान संदीप मालड़ा ने मंत्री को पत्र लिखकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आईएमटी विकसित करने के लिए एक ही जिले में दो नीतियां कैसे हो सकती हैं।
यदि नारायणगढ़ में लगभग 1.5 करोड़ प्रति एकड़ के हिसाब से निजी व पंचायती भूमि आईएमटी विकसित करने के लिए घोषणा की है तो फिर खुड़ाना आईएमटी के लिए यह कानून क्यो नहीं।
संदीप ने बताया कि पिछले दिनों उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह नारनौल के दौरे पर आए थे। जब उनसे आईएमटी खुड़ाना पर काम शुरू न होने को लेकर सवाल पूछा तो उनका कहना था कि न्यायालय के अतीत में आए किसी फैसले की वजह से किसी भी गांव की पंचायत भूमि औद्योगिक विकास के लिए नहीं खरीदी जा सकती।
विज्ञापन
इसके साथ-साथ पिछले दिनों आईएमटी तालमेल कमेटी की बैठक में स्थानीय विधायक कंवर सिंह यादव का भी यही कहना था कि पंचायती भूमि को औद्योगिक विकास के लिए नहीं खरीदा जा सकता।
कहा, इसी जिले में विकसित हो रहे मल्टी माॅडल लॉजिस्टिक्स हब के लिए भी लगभग आधा दर्जन गांवों की लगभग 74 एकड़ पंचायती भूमि अधिग्रहित की गई है। यदि वहां पर पंचायती भूमि अधिग्रहित की जा सकती है तो आईएमटी खुड़ाना के लिए अलग कानून क्यों है। क्या मल्टी माॅडल लॉजिस्टिक्स हब में माननीय उच्चतम न्यायालय के फैसले को दरकिनार किया गया है।
उन्होंने कहा कि पंचायती भूमि के लिए हरियाणा विलेज काॅमन लैंड एक्ट बनाया गया है। इस एक्ट में कहीं भी इस बात का हवाला नहीं है कि औद्योगिक विकास के लिए पंचायत अपनी भूमि नहीं दे सकती बल्कि उस एक्ट में तो साफ तौर पर प्रावधान है कि पंचायती भूमि को सरकार के किसी भी विभाग, बोर्ड व ऐजेंसी को पंचायती भूमि दी जा सकती है।
विज्ञापन
यदि नारायणगढ़ में लगभग 1.5 करोड़ प्रति एकड़ के हिसाब से निजी व पंचायती भूमि आईएमटी विकसित करने के लिए घोषणा की है तो फिर खुड़ाना आईएमटी के लिए यह कानून क्यो नहीं।
विज्ञापन
संदीप ने बताया कि पिछले दिनों उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह नारनौल के दौरे पर आए थे। जब उनसे आईएमटी खुड़ाना पर काम शुरू न होने को लेकर सवाल पूछा तो उनका कहना था कि न्यायालय के अतीत में आए किसी फैसले की वजह से किसी भी गांव की पंचायत भूमि औद्योगिक विकास के लिए नहीं खरीदी जा सकती।
विज्ञापन
इसके साथ-साथ पिछले दिनों आईएमटी तालमेल कमेटी की बैठक में स्थानीय विधायक कंवर सिंह यादव का भी यही कहना था कि पंचायती भूमि को औद्योगिक विकास के लिए नहीं खरीदा जा सकता।
कहा, इसी जिले में विकसित हो रहे मल्टी माॅडल लॉजिस्टिक्स हब के लिए भी लगभग आधा दर्जन गांवों की लगभग 74 एकड़ पंचायती भूमि अधिग्रहित की गई है। यदि वहां पर पंचायती भूमि अधिग्रहित की जा सकती है तो आईएमटी खुड़ाना के लिए अलग कानून क्यों है। क्या मल्टी माॅडल लॉजिस्टिक्स हब में माननीय उच्चतम न्यायालय के फैसले को दरकिनार किया गया है।
उन्होंने कहा कि पंचायती भूमि के लिए हरियाणा विलेज काॅमन लैंड एक्ट बनाया गया है। इस एक्ट में कहीं भी इस बात का हवाला नहीं है कि औद्योगिक विकास के लिए पंचायत अपनी भूमि नहीं दे सकती बल्कि उस एक्ट में तो साफ तौर पर प्रावधान है कि पंचायती भूमि को सरकार के किसी भी विभाग, बोर्ड व ऐजेंसी को पंचायती भूमि दी जा सकती है।