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Narnaul: उम्र के अनुसार बच्चों की नहीं बढ़ रही लंबाई व वजन, 5 साल तक के ज्यादातर बच्चे इस बीमारी से पीड़ित

Tue, 25 Jul 2023 10:56 AM IST
नवीन दलाल रवि हसिजा, संवाद न्यूज एजेंसी, नारनौल (हरियाणा)
रवि हसिजा, संवाद न्यूज एजेंसी, नारनौल (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Tue, 25 Jul 2023 10:56 AM IST
सार

गर्भावस्था के दौरान महिला और जन्म देने के बाद पैदा होने वाले बच्चों को पहले दो साल में सही पोषण न मिलना इसका मुख्य कारण सामने आया है। यही नहीं हर माह पांच साल तक के 350 से ज्यादा बच्चे अति कुपोषित मिल रहे हैं, जिनको खाना तक नहीं मिल पाता है।

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Height and weight of children not increasing according to their age in Narnaul
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नारनौल में पैदा होने वाले बच्चे अपनी उम्र के अनुसार नहीं बढ़ पा रहे हैं। पांच साल तक के बच्चों की उनकी उम्र के अनुसार जितनी लंबाई व वजन होना चाहिए, वह उतना नहीं हो रहा और वह शारीरिक वृद्धि नहीं कर पा रहे। जिले में ऐसे बच्चों की संख्या आठ हजार से भी ज्यादा है, जिनकी उम्र के अनुसार न तो लंबाई बढ़ पा रही और न ही वजन। यह बात महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पिछले छह माह में जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में दाखिल बच्चों की जांच में सामने आई है।

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महिला एवं बाल विकास ने पिछले छह माह में जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में की जांच
गर्भावस्था के दौरान महिला और जन्म देने के बाद पैदा होने वाले बच्चों को पहले दो साल में सही पोषण न मिलना इसका मुख्य कारण सामने आया है। यही नहीं हर माह पांच साल तक के 350 से ज्यादा बच्चे अति कुपोषित मिल रहे हैं, जिनको खाना तक नहीं मिल पाता है। इसी प्रकार 5 साल तक के एक हजार से 1500 बच्चे ऐसे मिल रहे हैं, जो कुपोषण का शिकार हैं। यह स्थिति 5 से 6 साल तक के बच्चों में भी देखने को मिल रही है। हर माह 350 से 500 बच्चे ऐसे मिल रहे हैं, जिनकी उम्र के अनुसार लंबाई व वजन पूरा नहीं है। 117 से 180 बच्चे ऐसे मिल रहे हैं, जो अपनी उम्र में वजन के अनुसार काफी कमजोर हैं। ऐसे में सही समय पर खानपान, स्वच्छता होना महत्वपूर्ण है। 
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आखिर क्या है स्टंटिंग
स्टंटिंग वह होता है, जिसकी लंबाई उसकी उम्र व लिंग के अनुसार मानक लंबाई की तुलना में कम होती है। लंबे समय से शरीर को आवश्यकता के अनुसार कम आहार का मिलना या बार-बार संक्रमण से ग्रसित होना इसका मुख्य कारण है। लंबे समय तक यदि बच्चे कुपोषण या अन्य प्रकार से ग्रस्त रहते हैं तो स्टंटिंग की स्थिति पैदा होती है।

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स्टंटिंग के मुख्य कारण

अपर्याप्त भोजन, गैर पौष्टिक भोजन, माता के पोषण में कमी, स्वच्छ वातावरण का अभाव, स्वच्छता व्यवहार के प्रति उदासीनता, जीवन के पहले एक हजार दिनों में पोषण देखभाल की कमी स्टंटिंग के मुख्य कारण हैं।

स्टंटिंग से जीवन पर होने वाले प्रभाव
शारीरिक व मानसिक विकास में बाधा आना, मधुमेह, मोटापे व उच्च रक्तचाप का खतरा, दिमाग का विकसित न होना, स्टंटेड किशोरी भविष्य में छोटे कद की मां बनेगी। छोटे कद की महिला द्वारा गर्भ धारण गर्भावस्था के दौरान चिकित्सीय जटिलता में आता है। ऐसे केसों में जन्म के समय शिशु कम वजन के होते हैं।

स्टंटिंग को रोकने के उपाय
शीघ्र स्तनपान, छह माह तक केवल स्तनपान, समय से ऊपरी आहार की मात्रा बढ़ाना, आयरन फोलिक एसिड और कैल्शियम का प्रयोग, जिंक और आयोडिन युक्त नमक का प्रयोग, विटामिन ए का प्रयोग, कृमिनाशक गोलियों का सेवन, मातृ पोषण पर फोकस कर स्टंटिंग रोक सकते हैं।

महिला एवं बाल विकास विभाग की जांच में मिले बच्चे (5 साल तक)

माह अति कुपोषित कुपोषित उम्र के अनुसार लंबाई व वजन न बढ़ना
जनवरी 380             1412 7404

फरवरी 461             1603 8104
मार्च 389             1463 8045

अप्रैल 374             1388 8042
मई 339             1100 6970

जून 342             993 6091

माह उम्र के अनुसार लंबाई व वजन न बढ़ना वजन के अनुसार कमजोर (5 से 6 साल तक)
जनवरी 400                                                 157

फरवरी 480                                                 187
मार्च 422                                                 151

अप्रैल 420                                                 141
मई            372                                                 128

जून 350                                                 117


अधिकारी के अनुसार
जो बच्चे कुपोषित, अति कुपोषित मिले हैं, उनके घरों में आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर जाते हैं। अपने सामने पौष्टिक आहार खिलाते हैं। एक माह में चार बार घरों पर महिला कर्मचारी जाती है। बच्चों की लंबाई व वजन चेक किया जाता है। पूरे परिवार की काउंसिलिंग भी की जाती है कि वह इस बारे में नजरअंदाज नहीं करें। - संगीता यादव, जिला परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, नारनौल।

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