{"_id":"62a220c9375ec21876200e26","slug":"health-services-affected-due-to-workers-strike-patients-remain-upset-narnol-news-rtk6490866102","type":"story","status":"publish","title_hn":"कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित, मरीज रहे परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित, मरीज रहे परेशान
विज्ञापन
नागरिक अस्पताल में लगी महिला मरीजों की भीड़ । संवाद
- फोटो : Narnol
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नारनौल। स्वास्थ्य कर्मचारी संघ हरियाणा संबंधित भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर वीरवार को एनएचएम कर्मचारी एक दिवसीय हड़ताल पर रहे। इससे अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। वहीं, मरीज और तीमारदार परेशान रहे। नागरिक अस्पताल नारनौल में जिला अध्यक्ष डॉ. पुष्पेंद्र की अध्यक्षता में धरना प्रदर्शन किया गया।
स्वास्थ्य विभाग में एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत चिकित्सक, एंबुलेंस चालक, काउंसलर, लेखा सहायक, कंप्यूटर सहायक, सूचना सहायक, एएनएम, स्टॉफ नर्स, औषधाकारक, फलीट मैनेजर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला जांच एवं मूल्यांकन अधिकारी, कम्यूनिटि हेल्थ ऑफिसर, एसटी.एल.एस., डीपीपीसी., डीपीपीएम, पंचकर्मा थेरेपिस्ट, पीएमडब्ल्यू, प्रयोगशाला तकनीशियन, औषधाकारक, मैसेंजर, रेफरीजरेटर मैकेनिक, डाटा मैनेजर, जिला आशा को-ऑर्डिनेटर, ब्लॉक आशा को-ऑर्डिनेटर, डीएफएलसी, डीईआईसी मैनेजर, बायो मेडिकल इंजीनियर, आपातकालीन मेडिकल तकनीशियन, डाटा एंटरी ऑपरेटर, कंप्यूटर ऑपरेटर, इत्यादि पदों पर कार्यरत 500 कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
इस मौके पर स्वास्थ्य कर्मचारी संघ नारनौल के जिला मंत्री विनोद राव ने कहा कि हरियाणा सरकार की 2 नवंबर 2021 को की गई घोषणा के बाद भी एनएचएम कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ नहीं दिया गया है। यदि सरकार द्वारा कर्मचारियों की मांगों को पूरा नहीं किया जाता है तो जल्दी ही राज्य कार्यकारिणी द्वारा आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए प्रदेशस्तरीय मिशन निदेशक एनएचएम के कार्यालय का घेराव, स्वास्थ्य मंत्री आवास का घेराव, मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। यदि इसके बाद अगर मांग नहीं मानी जाती है तो एनएचएम कर्मचारी बेमियादी हड़ताल पर चले जाएंगे। इसकी जिम्मेवारी पूर्णतया: सरकार तथा विभागीय अधिकारियों की होगी। जिला अध्यक्ष डॉ. पुष्पेंद्र ने कहा कि सरकार जल्द से जल्द घोषित सातवें वेतन एवं वेतन विसंगति का पत्र जारी करे। ताकि आमजन को स्वास्थ्यकर्मियों के आंदोलन का खामियाजा ना भुगतना पडे़। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान कौशल कुमार तथा केंद्रीय कमेटी के सदस्य महेंद्र बोयत ने धरने में पहुंचकर एनएचएम कर्मचारियों की मांगो का समर्थन किया।
विज्ञापन
इस दौरान स्वास्थ्य विभाग में प्रसूति वॉर्ड, एसएनसीयू वॉर्ड, एनआरसी वॉर्ड, मेडिकल मोबाइल यूनिट, एंबूलैंस कंट्रोल रूम, प्रतिदिन ऑन लाइन एंटरी, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम इत्यादि कार्य बाधित रहे। सीएमओ कार्यालय का लगभग स्टाफ हड़ताल पर रहा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से विकल्प के रूप में नियमित कर्मारी लगाए हुए थे। इस वजह से काम ज्यादा प्रभावित नहीं हुआ।
-----------------
धरना के दौरान ये रहे मौजूद
धरना के दौरान संदीप यादव, अशोक प्रधान एंबुलेंस, डॉ. जिले सिंह, डॉ. अमित, डॉ. सहदेव, डॉ. मनीष यादव, डॉ. चंद्रपाल, हरकेश, नितेश बंसल, धर्मेंद्र वर्मा, कुलदीप यादव, सुनील, सरिता, सुनीता बाई, सुनीता मान, सुजाता, मुकेश खोश्या, पूजा यादव, हेमन्त यादव, गौरव कक्कड़, प्रेम प्रकाश सैनी, योगेश शर्मा, कमलेश, सुशिला, नीलम, संतोष, ज्ञानवति, हेमंत गर्ग, सुनीता, मनोज वर्मा, उमेश कश्यप, रविंद्र, मनोज जांगड़ा, भूपेंद्र सैनी, रिंकी यादव, सुनिता यादव, ऋषिपाल गोठवाल, अशोक, सोनम, बिंदू यादव, दिनेश सैनी, विजय यादव, टिका बहादूर थापा, अनिल कुमार इत्यादि उपस्थित थे।
ये हैं मुख्य मांगे
1. मुख्यमंत्री द्वारा 2 नवंबर 2021 को की गई घोषणा के बाद भी एनएचएम कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ नहीं दिया गया है। अत: जल्द से जल्द सातवें पे कमीशन का पत्र जारी किया जाये।
2. मुख्यमंत्री की सहमति व चार वर्ष बीतने के पश्चात भी एनएचएम कर्मचारियों की वेतन विसंगति को दूर नहीं किया गया है, जल्द से जल्द से वेतन विसंगति दुरुस्त की जाये।
3. सर्व शिक्षा अभियान की तर्ज पर ग्रेच्यूटी का लाभ दिया जाए।
4. एड्स कंट्रोल सोसायटी के कर्मचारियों को एनएचएम की तर्ज पर सेवा नियमों का लाभ दिया जाये।
5. कैसलेश सुविधा एवं सेवा सुरक्षा दी जाए।
6. वर्ष 2017 तथा 2019 का हड़ताल के दौरान काटा गया वेतन देय अवकाश मानकर वेतन जल्द जारी किया जाए।
------------------------------------
कोट
स्वास्थ्य विभाग का कार्य प्रभावित न हो इसके लिए विकल्प के रूप में नियमित स्टाफ की ड्यूटी लगाई हुई थी। एनएचएम के तहत कुल 487 कर्मचार लगे हैं, इनमें 399 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। - डॉ. अशोक कुुमार, सीएमओ, महेंद्रगढ़।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग में एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत चिकित्सक, एंबुलेंस चालक, काउंसलर, लेखा सहायक, कंप्यूटर सहायक, सूचना सहायक, एएनएम, स्टॉफ नर्स, औषधाकारक, फलीट मैनेजर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला जांच एवं मूल्यांकन अधिकारी, कम्यूनिटि हेल्थ ऑफिसर, एसटी.एल.एस., डीपीपीसी., डीपीपीएम, पंचकर्मा थेरेपिस्ट, पीएमडब्ल्यू, प्रयोगशाला तकनीशियन, औषधाकारक, मैसेंजर, रेफरीजरेटर मैकेनिक, डाटा मैनेजर, जिला आशा को-ऑर्डिनेटर, ब्लॉक आशा को-ऑर्डिनेटर, डीएफएलसी, डीईआईसी मैनेजर, बायो मेडिकल इंजीनियर, आपातकालीन मेडिकल तकनीशियन, डाटा एंटरी ऑपरेटर, कंप्यूटर ऑपरेटर, इत्यादि पदों पर कार्यरत 500 कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
विज्ञापन
इस मौके पर स्वास्थ्य कर्मचारी संघ नारनौल के जिला मंत्री विनोद राव ने कहा कि हरियाणा सरकार की 2 नवंबर 2021 को की गई घोषणा के बाद भी एनएचएम कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ नहीं दिया गया है। यदि सरकार द्वारा कर्मचारियों की मांगों को पूरा नहीं किया जाता है तो जल्दी ही राज्य कार्यकारिणी द्वारा आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए प्रदेशस्तरीय मिशन निदेशक एनएचएम के कार्यालय का घेराव, स्वास्थ्य मंत्री आवास का घेराव, मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। यदि इसके बाद अगर मांग नहीं मानी जाती है तो एनएचएम कर्मचारी बेमियादी हड़ताल पर चले जाएंगे। इसकी जिम्मेवारी पूर्णतया: सरकार तथा विभागीय अधिकारियों की होगी। जिला अध्यक्ष डॉ. पुष्पेंद्र ने कहा कि सरकार जल्द से जल्द घोषित सातवें वेतन एवं वेतन विसंगति का पत्र जारी करे। ताकि आमजन को स्वास्थ्यकर्मियों के आंदोलन का खामियाजा ना भुगतना पडे़। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान कौशल कुमार तथा केंद्रीय कमेटी के सदस्य महेंद्र बोयत ने धरने में पहुंचकर एनएचएम कर्मचारियों की मांगो का समर्थन किया।
विज्ञापन
इस दौरान स्वास्थ्य विभाग में प्रसूति वॉर्ड, एसएनसीयू वॉर्ड, एनआरसी वॉर्ड, मेडिकल मोबाइल यूनिट, एंबूलैंस कंट्रोल रूम, प्रतिदिन ऑन लाइन एंटरी, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम इत्यादि कार्य बाधित रहे। सीएमओ कार्यालय का लगभग स्टाफ हड़ताल पर रहा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से विकल्प के रूप में नियमित कर्मारी लगाए हुए थे। इस वजह से काम ज्यादा प्रभावित नहीं हुआ।
-----------------
धरना के दौरान ये रहे मौजूद
धरना के दौरान संदीप यादव, अशोक प्रधान एंबुलेंस, डॉ. जिले सिंह, डॉ. अमित, डॉ. सहदेव, डॉ. मनीष यादव, डॉ. चंद्रपाल, हरकेश, नितेश बंसल, धर्मेंद्र वर्मा, कुलदीप यादव, सुनील, सरिता, सुनीता बाई, सुनीता मान, सुजाता, मुकेश खोश्या, पूजा यादव, हेमन्त यादव, गौरव कक्कड़, प्रेम प्रकाश सैनी, योगेश शर्मा, कमलेश, सुशिला, नीलम, संतोष, ज्ञानवति, हेमंत गर्ग, सुनीता, मनोज वर्मा, उमेश कश्यप, रविंद्र, मनोज जांगड़ा, भूपेंद्र सैनी, रिंकी यादव, सुनिता यादव, ऋषिपाल गोठवाल, अशोक, सोनम, बिंदू यादव, दिनेश सैनी, विजय यादव, टिका बहादूर थापा, अनिल कुमार इत्यादि उपस्थित थे।
ये हैं मुख्य मांगे
1. मुख्यमंत्री द्वारा 2 नवंबर 2021 को की गई घोषणा के बाद भी एनएचएम कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ नहीं दिया गया है। अत: जल्द से जल्द सातवें पे कमीशन का पत्र जारी किया जाये।
2. मुख्यमंत्री की सहमति व चार वर्ष बीतने के पश्चात भी एनएचएम कर्मचारियों की वेतन विसंगति को दूर नहीं किया गया है, जल्द से जल्द से वेतन विसंगति दुरुस्त की जाये।
3. सर्व शिक्षा अभियान की तर्ज पर ग्रेच्यूटी का लाभ दिया जाए।
4. एड्स कंट्रोल सोसायटी के कर्मचारियों को एनएचएम की तर्ज पर सेवा नियमों का लाभ दिया जाये।
5. कैसलेश सुविधा एवं सेवा सुरक्षा दी जाए।
6. वर्ष 2017 तथा 2019 का हड़ताल के दौरान काटा गया वेतन देय अवकाश मानकर वेतन जल्द जारी किया जाए।
------------------------------------
कोट
स्वास्थ्य विभाग का कार्य प्रभावित न हो इसके लिए विकल्प के रूप में नियमित स्टाफ की ड्यूटी लगाई हुई थी। एनएचएम के तहत कुल 487 कर्मचार लगे हैं, इनमें 399 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। - डॉ. अशोक कुुमार, सीएमओ, महेंद्रगढ़।