फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   Golden card will be made again at the CHC Center after seven months in the Corona era

कोरोना काल में सात माह बाद दोबारा सीएचसी सेंटर पर बनेंगे गोल्डन कार्ड

Thu, 03 Dec 2020 11:50 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 03 Dec 2020 11:50 PM IST
विज्ञापन
Golden card will be made again at the CHC Center after seven months in the Corona era
कोरोना काल में सात माह बाद अब सीएचसी सेंटरों पर दोबारा से गोल्डन कार्ड बनाने शुरू हो गए हैं। सीएचसी पर आयुष्मान मित्र को तैनात कर दिया गया है। दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग ने अब आयुष्मान योजना की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। अब संबंधित सीएचसी के एमओ को उस क्षेत्र के लाभार्थियों पर नजर रखने की जिम्मेदारी होगी। जिससे सभी के गोल्डन कार्ड बन सके। जिले में कुल 2,08,158 लोगों के गोल्डन कार्ड बनाएं जाने हैं। अभी करीब 93 हजार के गोल्डन कार्ड बने हैं।
विज्ञापन

डिप्टी सीएमओ एवं आयुष्मान भारत के नोडल अधिकारी डॉ. डीके सैनी ने बताया कि एक सप्ताह पहले पंचकूला आयुष्मान भारत की समीक्षा बैठक हुई थी। इसमें सभी जिलों में गोल्डन कार्ड बनाने की समीक्षा हुई थी। इसके बाद जिले में पेडिंग लाभार्थी परिवारों की सूची भेजी गई थी। जिला स्तर पर डॉटा को गांव व शहर वाइज बांटकर आशा वर्कर के द्वारा कार्ड बनवाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसमें सभी सेंटरों को कोरोना प्रोटोकाल का ध्यान रखने को कहा गया है। मशीन पर बायोमीट्रिक के लिए सैनिटाइजर का इंतजाम कराया गया है। डॉ. सैनी ने बताया कि सभी सीएससी सेंटरों पर सोमवार से काम शुरू हो गया है। कोरोना प्रोटॉकाल का ध्यान रखने व लाभार्थियों की सुविधा के लिए हर सेंटर तीन-तीन सक्षम युवा भी जल्द उपलब्ध कराया जाएगा। आशा वर्कर्स से लाभार्थियों के मोबाइल नंबर लेकर आने को कहा गया है।
विज्ञापन

जिला सूचना प्रबंधक उमेश सेनी ने बताया कि कॉमन सर्विस सेंटर के मैनेजरों के साथ भी बैठक हुई है। उन्हें भी गोल्डन कार्ड बनाने की दर बढ़ाने को कहा गया है। सैनी ने बताया कि अब आयुष्मान को लेकर जिम्मेदारी मेडिकल अफसर को दी गई है। सीएचसी के एमओ को अपने एरिया के लाभार्थियों के गोल्डन बार्ड बनवाने पर ध्यान देंगे। सैनी ने बताया कि कोरोना वायरस के कारण मार्च में सीएचसी सेंटरों पर गोल्डन कार्ड बनाना बंद हो गया था। इस दौरान इमरजेंसी के दौरान ही नागरिक अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जिले में नागरिक अस्पताल नारनौल व उप नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ के अलावा सीएचसी नांगल चौधरी, सीएचसी दौचाना, सतनाली, अटेली, नांगल सिरोही, कनीना व सेहलंग में गोल्डन कार्ड बनवाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लाभार्थी अपने गोल्डन कार्ड बनवा ले। जिससे जरूरत पड़ने पर योजना का लाभ उन्हें मिल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

दो साल पहले हुआ था शुरू
23 सितंबर 2018 को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का शुभारंभ हुआ था। इस योजना में साल 2011 में हुए सामाजिक आर्थिक आंकड़े को आधार मानकर लाभार्थियों की सूची बनाई गई थी। जिले में 45800 परिवार योजना के लाभार्थी हैं। शहरी क्षेत्र में करीब आठ हजार हैं। जिले में 21 गांव ऐसे हैं, जहां परिवार में एक भी सदस्य का गोल्डन कार्ड नहीं बना है। अब इन गांवों पर विभाग खास ध्यान दे रहा है। जिससे लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बनाया जा सका। इसके लिए हर गांव के लाभार्थियों का डाटा आशा वर्कर को सांझा किया गया है। जिले में दो सरकारी नागरिक अस्पताल और 12 निजी अस्पताल पैनल पर हैं। इसमें सरकारी जिला अस्पताल नारनौल व उप नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ है।

जिले में सौ फीसदी गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए गांव व शहर का डाटा संबंधित टीम को दिया गया है। साथ ही एमओ को भी इस कार्य में शामिल किया गया है।
डॉ. डीके सैनी, डिप्टी सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed