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Mahendragarh-Narnaul News: ईश्वर ने किसी के साथ भेदभाव नहीं किया
Thu, 05 Dec 2024 11:29 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 05 Dec 2024 11:29 PM IST
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नारनौल। राजकीय माध्यम उच्चतर विद्यालय हुडिना में प्राचार्य मनीषा यादव की अध्यक्षता में वैदिक सिद्धांतों पर कार्यक्रम आयोजित किया गया।
मुख्य वक्ता के तौर पर वेदोपदेशक कप्तान जगराम आर्य थे। उन्होंने बताया कि ईश्वर का मुख्य नाम ओम है, जो निराकार, सर्व अंतर्यामी, अजर, अमर, सर्व शक्तिमान और सर्व व्यापक है। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया।
मनुष्य कर्म करने का अधिकारी है। फल भोगने में ईश्वर की व्यवस्था परतंत्र है। ऋगवेद, यजुर्वेद, सामवेद, अर्थवेद ईश्वर की साक्षात वाणी है। वेदो में ज्ञान, कर्म, भक्ति और विज्ञान है। चारों वेदों में 20 हजार 379 मंत्र हैं। अंत में प्राचार्या मनीषा ने बताया कि जगराम आर्य ने वैदिक सिद्धांतों को समझाकर बच्चों को ही नहीं, अपितु अध्यापकों का भी मार्गदर्शन किया है।
हम उनका हृदय से सम्मान करते हैं और समय-समय पर विद्यालय में पधार कर प्रेरणादायी मार्गदर्शन करते रहें। जगराम आर्य ने बच्चों को 81 वर्ष की आयु में भी मयुर आसन करके दिखाया। संवाद
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मुख्य वक्ता के तौर पर वेदोपदेशक कप्तान जगराम आर्य थे। उन्होंने बताया कि ईश्वर का मुख्य नाम ओम है, जो निराकार, सर्व अंतर्यामी, अजर, अमर, सर्व शक्तिमान और सर्व व्यापक है। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया।
मनुष्य कर्म करने का अधिकारी है। फल भोगने में ईश्वर की व्यवस्था परतंत्र है। ऋगवेद, यजुर्वेद, सामवेद, अर्थवेद ईश्वर की साक्षात वाणी है। वेदो में ज्ञान, कर्म, भक्ति और विज्ञान है। चारों वेदों में 20 हजार 379 मंत्र हैं। अंत में प्राचार्या मनीषा ने बताया कि जगराम आर्य ने वैदिक सिद्धांतों को समझाकर बच्चों को ही नहीं, अपितु अध्यापकों का भी मार्गदर्शन किया है।
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हम उनका हृदय से सम्मान करते हैं और समय-समय पर विद्यालय में पधार कर प्रेरणादायी मार्गदर्शन करते रहें। जगराम आर्य ने बच्चों को 81 वर्ष की आयु में भी मयुर आसन करके दिखाया। संवाद
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