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पेशी के दौरान सूचना परिजनों को दें : सीजेएम
Thu, 19 Dec 2024 11:33 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 19 Dec 2024 11:33 PM IST
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फोटो नंबर-16अधिकारियों की बैठक लेती सीजेएम शैलजा गुप्ता। स्रोत-प्रशासन
नारनौल। प्री-अरेस्ट, अरेस्टिंग और कोर्ट में पेशी के दौरान व्यक्तियों की सूचना परिजनों और लीगल एड डिफेंस काउंसिल को जरूर दें। यह कदम उस व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
ये निर्देश जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शैलजा गुप्ता ने एडीआर सेंटर में किशोर न्याय अधिनियम व पाॅक्सो के संबंध में आयोजित बैठक में अधिकारियों को दिए। इस मौके पर डीएसपी सुरेश कुमार भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि नालसा द्वारा निर्धारित नियमों और गाइडलाइन को पूरी तरह से लागू करने के लिए एक टीम भी बनाई गई है। इसमें लीगल एड डिफेंस काउंसिल के सदस्य शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि हर थाना क्षेत्र में न केवल सही प्रक्रिया अपनाई जाए, बल्कि संबंधित व्यक्तियों की उचित तरीके से सहायता भी सुनिश्चित की जाए। इसके लिए सभी थानों में टीम के सदस्यों की सूची भी भेजी जा चुकी है, ताकि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की गिरफ्तारी या पेशी के समय सभी प्रोटोकॉल का पालन किया जा सके। उन्होंने गिरफ्तारी से पूर्व, गिरफ्तारी, ट्रायल, रिमांड व अपील सहित सभी स्टेज पर जरूरतमंद लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध करवाने की विस्तार से जानकारी दी। शैलजा गुप्ता ने बताया कि यह जानने का अधिकार है कि पुलिस ने आपको पूछताछ के लिए क्यों बुलाया है।
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ये निर्देश जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शैलजा गुप्ता ने एडीआर सेंटर में किशोर न्याय अधिनियम व पाॅक्सो के संबंध में आयोजित बैठक में अधिकारियों को दिए। इस मौके पर डीएसपी सुरेश कुमार भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि नालसा द्वारा निर्धारित नियमों और गाइडलाइन को पूरी तरह से लागू करने के लिए एक टीम भी बनाई गई है। इसमें लीगल एड डिफेंस काउंसिल के सदस्य शामिल हैं।
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उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि हर थाना क्षेत्र में न केवल सही प्रक्रिया अपनाई जाए, बल्कि संबंधित व्यक्तियों की उचित तरीके से सहायता भी सुनिश्चित की जाए। इसके लिए सभी थानों में टीम के सदस्यों की सूची भी भेजी जा चुकी है, ताकि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की गिरफ्तारी या पेशी के समय सभी प्रोटोकॉल का पालन किया जा सके। उन्होंने गिरफ्तारी से पूर्व, गिरफ्तारी, ट्रायल, रिमांड व अपील सहित सभी स्टेज पर जरूरतमंद लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध करवाने की विस्तार से जानकारी दी। शैलजा गुप्ता ने बताया कि यह जानने का अधिकार है कि पुलिस ने आपको पूछताछ के लिए क्यों बुलाया है।

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