{"_id":"636bee2810a8a80b003e1062","slug":"fog-safety-device-will-be-installed-on-rail-engine-due-to-fog-narnol-news-rtk663029637","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोहरे को लेकर रेल इंजन पर लगाए जाएंगे फॉग सेफ्टी डिवाइस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोहरे को लेकर रेल इंजन पर लगाए जाएंगे फॉग सेफ्टी डिवाइस
विज्ञापन
कोहरे में रेलयात्री सुरक्षित रखने के लिए उत्तर पश्चिम रेलवे ने रेलवे इंजन पर फॉग सेफ्टी डिवाइस लगाने का निर्णय लिया है। कोहरे की अधिकता वाले रेलखंडों में रेलसेवाओं के सुरक्षित संचालन के लिए रेलवे ने विशेष अतिरिक्त प्रबंध किए हैं। इसमें संबंधित विभाग इंजीनियरिंग, सिगनल एवं दूरसंचार, विद्युत, यांत्रिकी, परिचालन व संरक्षा विभाग द्वारा किसी भी प्रकार की परिस्थिति में संरक्षित रेल संचालन हेतु दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। संरक्षित रेल संचालन को सुनिश्चित करने के लिए विजय शर्मा, महाप्रबंधक उत्तर पश्चिम रेलवे ने सभी विभागाध्यक्षों को सर्दियों के मौसम में विशेष सतर्कता के साथ कार्य करने के लिये समीक्षा बैठक में भी निर्देशित किया।
कैप्टन शशि किरण के अनुसार, उत्तर पश्चिम रेलवे पर कोहरे की अधिकता वाले रेलखंडों को चिह्नित किया गया है तथा सभी कोहरे से प्रभावित स्टेशनों पर विजिबिलिटी टेस्ट ऑब्जेक्ट की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। विजिबिलिटी टेस्ट ऑब्जेक्ट के उपयोग से स्टेशन पर दृश्यता को जांचा जाता है। इसके साथ ही घने कोहरे वाले रेलखंडों में चलने वाली समस्त रेलसेवाओं के लोको पायलेट को फॉग सेफ्टी डिवाइस उपलब्ध करवाई जा रही है। संपूर्ण उत्तर पश्चिम रेलवे पर कुल 877 फॉग सेफ्टी डिवाइस उपलब्ध हैं एवं इन सभी में धुंध/कोहरे वाले रेलखंड की जीपीएस मैपिंग कर दी गई है। इस रेलवे के जयपुर एवं बीकानेर मंडल पर प्राय: धुंध एवं कोहरे की अधिकता रहती है। इस कारण इन मंडलों पर अधिक फॉग सेफ्टी डिवाइस का प्रयोग किया जाता है। फॉग सेफ्टी डिवाइस इंजन पर लगा दी जाती है। यह डिवाइस ऑन होने के बाद जीपीएस प्रणाली द्वारा उस खंड में स्थित सभी सिग्नल की दूरी के बारे में लोको पायलेट को पूर्व में ही अवगत कराती रहती है। जिससे लोको पायलेट अपनी गाड़ी की स्पीड की नियंत्रित कर सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
इसके अतिरिक्त कोहरे वाले रेलखंडों में सभी स्तर के कर्मचारियों के लिये सेफ्टी सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है और कम तापमान के दौरान रेल/वेल्डिंग फेलियर की पहचान कर उनको रिपेयर किया जा रहा है तथा फिश प्लेटों का अनुरक्षण, ट्रैक रिन्यूअल जैसे कार्य पूरे किये जा रहे हैं।
विज्ञापन
कोहरे वाले रेलखंड के स्टेशनों, समपार फाटकों एवं पूर्व चिह्नित जगहों पर डेटोनेटर (पटाखे) की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। कोहरे के मौसम में संरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए रेलकर्मियों के विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था, निरीक्षकों/अधिकारियों द्वारा रेलवे स्टाफ की सजगता को लगातार चेक किया जा रहा है।
कोहरे के मौसम में रेलयात्रियों की संरक्षा एवं सुरक्षा हेतु कटिबद्ध है। कोहरे की अधिकता वाले रेलखंडों में गाड़ियां देरी से संचालित हो सकती हैं। अत: यात्रा शुरू करने से पूर्व रेलवे की अधिकृत वेबसाइट www.indianrail.gov.in अथवा NTES पर अपनी ट्रेन की वर्तमान स्थिति देखकर ही जाएं एवं असुविधा से बचें।
विज्ञापन
कैप्टन शशि किरण के अनुसार, उत्तर पश्चिम रेलवे पर कोहरे की अधिकता वाले रेलखंडों को चिह्नित किया गया है तथा सभी कोहरे से प्रभावित स्टेशनों पर विजिबिलिटी टेस्ट ऑब्जेक्ट की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। विजिबिलिटी टेस्ट ऑब्जेक्ट के उपयोग से स्टेशन पर दृश्यता को जांचा जाता है। इसके साथ ही घने कोहरे वाले रेलखंडों में चलने वाली समस्त रेलसेवाओं के लोको पायलेट को फॉग सेफ्टी डिवाइस उपलब्ध करवाई जा रही है। संपूर्ण उत्तर पश्चिम रेलवे पर कुल 877 फॉग सेफ्टी डिवाइस उपलब्ध हैं एवं इन सभी में धुंध/कोहरे वाले रेलखंड की जीपीएस मैपिंग कर दी गई है। इस रेलवे के जयपुर एवं बीकानेर मंडल पर प्राय: धुंध एवं कोहरे की अधिकता रहती है। इस कारण इन मंडलों पर अधिक फॉग सेफ्टी डिवाइस का प्रयोग किया जाता है। फॉग सेफ्टी डिवाइस इंजन पर लगा दी जाती है। यह डिवाइस ऑन होने के बाद जीपीएस प्रणाली द्वारा उस खंड में स्थित सभी सिग्नल की दूरी के बारे में लोको पायलेट को पूर्व में ही अवगत कराती रहती है। जिससे लोको पायलेट अपनी गाड़ी की स्पीड की नियंत्रित कर सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
विज्ञापन
इसके अतिरिक्त कोहरे वाले रेलखंडों में सभी स्तर के कर्मचारियों के लिये सेफ्टी सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है और कम तापमान के दौरान रेल/वेल्डिंग फेलियर की पहचान कर उनको रिपेयर किया जा रहा है तथा फिश प्लेटों का अनुरक्षण, ट्रैक रिन्यूअल जैसे कार्य पूरे किये जा रहे हैं।
विज्ञापन
कोहरे वाले रेलखंड के स्टेशनों, समपार फाटकों एवं पूर्व चिह्नित जगहों पर डेटोनेटर (पटाखे) की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। कोहरे के मौसम में संरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए रेलकर्मियों के विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था, निरीक्षकों/अधिकारियों द्वारा रेलवे स्टाफ की सजगता को लगातार चेक किया जा रहा है।
कोहरे के मौसम में रेलयात्रियों की संरक्षा एवं सुरक्षा हेतु कटिबद्ध है। कोहरे की अधिकता वाले रेलखंडों में गाड़ियां देरी से संचालित हो सकती हैं। अत: यात्रा शुरू करने से पूर्व रेलवे की अधिकृत वेबसाइट www.indianrail.gov.in अथवा NTES पर अपनी ट्रेन की वर्तमान स्थिति देखकर ही जाएं एवं असुविधा से बचें।