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दमकल विभाग को मिली दो नई गाड़ियां
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नारनौल। दमकल विभाग नारनौल को दो नई गाड़ियां मिलने के बाद अब कुल पांच दमकल गाड़ियां हो गई हैं। कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद ये दोनों गाड़ियां रूट पर उतारी जाएंगी। गाड़ियों की संख्या बढ़ने से अब आग की घटनाओं पर जल्द काबू पाने में मदद मिलेगी। वहीं जरूरत पड़ने पर दूसरे क्षेत्र में भी गाड़ी को भेजी जा सकेंगी।
राज्यमंत्री ओमप्रकाश यादव ने जिले के लिए कुल 8 दमकल गाड़ियों की मांग सरकार को भेजी थी। सरकार ने मंजूरी दे दी थी लेकिन नारनौल दमकल केंद्र पर ही मात्र दो गाड़ियां ही पहुंची हैं। बता दें कि नारनौल में तीन व महेंद्रगढ़ में दो दमकल की गाड़ियां थीं। इनमें से नारनौल की दो गाड़ियां का समय पूरा हो चुका है। वहीं महेंद्रगढ़ की एक गाड़ी भी अपने किलोमीटर पूरे कर चुकी है। हालांकि अभी इस गाड़ी को चलाया जा रहा है, लेकिन इस गाड़ी को कभी भी ऑफ रूट किया जा सकता है। इस प्रकार जिले में मात्र दो गाड़ियां ही बची थीं। गत दिनों ही नारनौल दमकल केंद्र पर दो नई गाड़ियां भेज दी गई। जिसके बाद एक बार फिर से जिले में कुल पांच दमकल गाड़ियां हो गई है, लेकिन नारनौल व महेंद्रगढ़ को छोड़कर नांगल चौधरी, अटेली, कनीना में एक भी दमकल गाड़ी नहीं है। ऐसे में अगर इन स्थानों में आगजनी की घटना होती है तो नारनौल या महेंद्रगढ़ से ही दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंचती है। जबकि उक्त क्षेत्र दमकल केंद्रों से 20 से 25 किलोमीटर दूर पड़ते हैं। ऐसे में कई बार तो दमकल गाड़ी पहुंचने से पहले ही काफी नुकसान हो जाता है।
जिले को 14 दमकल गाड़ियों की दरकार
जिला महेंद्रगढ़ में 366 के करीब गांव हैं। जबकि जिले में 3.65 लाख एकड़ जमीन पर खेती की जाती है। भौगोलिक स्थिति से जिले को 8 ब्लाक में बांटा गया है। इनमें नारनौल, अटेली, नांगल चौधरी, निजामपुर, कनीना, सतनाली, सीहमा व महेंद्रगढ़ शामिल हैं। प्रत्येक ब्लाक में 30-40 के करीब गांव हैं। इस प्रकार नारनौल में 5, महेंद्रगढ़ में 3, अटेली, नांगल चौधरी, निजामपुर, कनीना, सतनाली, सीहमा में एक-एक दमकल गाड़ी की जरूरत है। मगर नारनौल व महेंद्रगढ़ को छोड़कर किसी ब्लाक में एक भी दमकल गाड़ी नहीं है। ऐसे में कटाई के सीजन में खेतों में आगजनी होने वाली घटनाओं पर काबू पाने के लिए इन्हीं केंद्रों से गाड़ियां जाती हैं।
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दमकल विभाग ने दो पहले भेजी गई थी डिमांड
दमकल विभाग ने जिले में 8 नई दमकल गाड़ियों के लिए करीब दो वर्ष पूर्व सरकार को अपनी डिमांड भेजी थी। डिमांड अनुसार विभाग को 8 नई गाड़ियों के मिलने का इंतजार था, परंतु सरकार ने 8 के स्थान पर केवल दो गाड़ियां ही नारनौल दमकल विभाग को भेजी है। जबकि दो साल के दौरान दो गाड़ियां अपने किलोमीटर पूरी कर चुकी है। इस प्रकार दो साल बाद भी जिले में वहीं पांच गाड़ियां हैं। लोगों की मांग पर अटेली व कनीना में दमकल केंद्र का निर्माण करवाया गया है। वहीं नांगल चौधरी में भी इसका निर्माण करने का प्रस्ताव है। मगर जिले में केवल पांच दमकल वाहन होने के कारण अटेली व कनीना के नवनिर्मित केंद्रों को दमकल वाहन नहीं मिल पाया है।
वर्जन
नारनौल दमकल केंद्र पर दो नई गाड़ियां दी गई हैं। इनमें एक गाड़ी छोटी तथा एक गाड़ी बड़ी है। छोटी गाड़ी में 2 हजार लीटर तथा बड़ी गाड़ी में पांच हजार लीटर पानी की क्षमता है। नई गाड़ियों के दस्तावेज तैयार करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कागजी कार्रवाई पूरा होने के बाद इन्हें रूट पर उतारा जाएगा।-सतबीर सिंह, एएफओ, दमकल केंद्र नारनौल।
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राज्यमंत्री ओमप्रकाश यादव ने जिले के लिए कुल 8 दमकल गाड़ियों की मांग सरकार को भेजी थी। सरकार ने मंजूरी दे दी थी लेकिन नारनौल दमकल केंद्र पर ही मात्र दो गाड़ियां ही पहुंची हैं। बता दें कि नारनौल में तीन व महेंद्रगढ़ में दो दमकल की गाड़ियां थीं। इनमें से नारनौल की दो गाड़ियां का समय पूरा हो चुका है। वहीं महेंद्रगढ़ की एक गाड़ी भी अपने किलोमीटर पूरे कर चुकी है। हालांकि अभी इस गाड़ी को चलाया जा रहा है, लेकिन इस गाड़ी को कभी भी ऑफ रूट किया जा सकता है। इस प्रकार जिले में मात्र दो गाड़ियां ही बची थीं। गत दिनों ही नारनौल दमकल केंद्र पर दो नई गाड़ियां भेज दी गई। जिसके बाद एक बार फिर से जिले में कुल पांच दमकल गाड़ियां हो गई है, लेकिन नारनौल व महेंद्रगढ़ को छोड़कर नांगल चौधरी, अटेली, कनीना में एक भी दमकल गाड़ी नहीं है। ऐसे में अगर इन स्थानों में आगजनी की घटना होती है तो नारनौल या महेंद्रगढ़ से ही दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंचती है। जबकि उक्त क्षेत्र दमकल केंद्रों से 20 से 25 किलोमीटर दूर पड़ते हैं। ऐसे में कई बार तो दमकल गाड़ी पहुंचने से पहले ही काफी नुकसान हो जाता है।
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जिले को 14 दमकल गाड़ियों की दरकार
जिला महेंद्रगढ़ में 366 के करीब गांव हैं। जबकि जिले में 3.65 लाख एकड़ जमीन पर खेती की जाती है। भौगोलिक स्थिति से जिले को 8 ब्लाक में बांटा गया है। इनमें नारनौल, अटेली, नांगल चौधरी, निजामपुर, कनीना, सतनाली, सीहमा व महेंद्रगढ़ शामिल हैं। प्रत्येक ब्लाक में 30-40 के करीब गांव हैं। इस प्रकार नारनौल में 5, महेंद्रगढ़ में 3, अटेली, नांगल चौधरी, निजामपुर, कनीना, सतनाली, सीहमा में एक-एक दमकल गाड़ी की जरूरत है। मगर नारनौल व महेंद्रगढ़ को छोड़कर किसी ब्लाक में एक भी दमकल गाड़ी नहीं है। ऐसे में कटाई के सीजन में खेतों में आगजनी होने वाली घटनाओं पर काबू पाने के लिए इन्हीं केंद्रों से गाड़ियां जाती हैं।
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दमकल विभाग ने दो पहले भेजी गई थी डिमांड
दमकल विभाग ने जिले में 8 नई दमकल गाड़ियों के लिए करीब दो वर्ष पूर्व सरकार को अपनी डिमांड भेजी थी। डिमांड अनुसार विभाग को 8 नई गाड़ियों के मिलने का इंतजार था, परंतु सरकार ने 8 के स्थान पर केवल दो गाड़ियां ही नारनौल दमकल विभाग को भेजी है। जबकि दो साल के दौरान दो गाड़ियां अपने किलोमीटर पूरी कर चुकी है। इस प्रकार दो साल बाद भी जिले में वहीं पांच गाड़ियां हैं। लोगों की मांग पर अटेली व कनीना में दमकल केंद्र का निर्माण करवाया गया है। वहीं नांगल चौधरी में भी इसका निर्माण करने का प्रस्ताव है। मगर जिले में केवल पांच दमकल वाहन होने के कारण अटेली व कनीना के नवनिर्मित केंद्रों को दमकल वाहन नहीं मिल पाया है।
वर्जन
नारनौल दमकल केंद्र पर दो नई गाड़ियां दी गई हैं। इनमें एक गाड़ी छोटी तथा एक गाड़ी बड़ी है। छोटी गाड़ी में 2 हजार लीटर तथा बड़ी गाड़ी में पांच हजार लीटर पानी की क्षमता है। नई गाड़ियों के दस्तावेज तैयार करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कागजी कार्रवाई पूरा होने के बाद इन्हें रूट पर उतारा जाएगा।-सतबीर सिंह, एएफओ, दमकल केंद्र नारनौल।