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Mahendragarh-Narnaul News: 15 लाख के पंप सेट पर बवाल के बाद नगर परिषद ने लौटाने का लिया फैसला
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फोटो नंबर-17नगर परिषद द्वारा खरीदे गए पंप सेट। संवाद
नारनौल। शहर को जलभराव से बचाने के लिए करीब 15 लाख रुपये की लागत से खरीदे गए पांच इंजन पंप सेट विवादों में घिर गए हैं। पंप सेट की गुणवत्ता और स्थिति पर पार्षदों ने सवाल उठाए थे। जांच की मांग के बाद नगर परिषद ने अब पांचों पंप सेट संबंधित एजेंसी को वापस करने का निर्णय लिया है। एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
नगर परिषद ने बारिश के दौरान पानी की निकासी के लिए इन पंप सेट की खरीद की थी। परिषद परिसर में पंप पहुंचने के बाद पार्षदों ने उनकी स्थिति देखी और आरोप लगाया कि नए पंप की जगह पुराने पंप उपलब्ध करवाए गए हैं। कुछ उपकरणों पर रंग-पेंट कर उन्हें नया दिखाने का प्रयास किए जाने की बात भी कही गई।
इसके बाद पार्षदों ने डीएमसी, एक्सईएन, कार्यकारी अधिकारी और चेयरपर्सन को ज्ञापन देकर खरीद प्रक्रिया और पंपों की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की। उन्होंने पुराने पंप वापस लेने और संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई।
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मामला निकाय मंत्री विपुल गोयल तक भी पहुंचा। जन परिवेदना समिति की बैठक में प्रकरण की जांच कराने की बात कही गई। अब नगर परिषद ने पंप वापस लेने के साथ एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू की है। पार्षदों ने कहा कि सरकारी धन से होने वाली खरीद में गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए और पूरे मामले में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
वर्जन:
नगर परिषद में किसी भी सामान की खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा। पांचों पंप सेटों का भौतिक निरीक्षण करवाया गया। निरीक्षण के बाद एजेंसी को पांचों पंप सेट तत्काल परिसर हटवाकर वापस ले जाने के निर्देश दिए गए। एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। -जोगेंद्र सिंह कालीरामणा, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद, नारनौल
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नगर परिषद ने बारिश के दौरान पानी की निकासी के लिए इन पंप सेट की खरीद की थी। परिषद परिसर में पंप पहुंचने के बाद पार्षदों ने उनकी स्थिति देखी और आरोप लगाया कि नए पंप की जगह पुराने पंप उपलब्ध करवाए गए हैं। कुछ उपकरणों पर रंग-पेंट कर उन्हें नया दिखाने का प्रयास किए जाने की बात भी कही गई।
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इसके बाद पार्षदों ने डीएमसी, एक्सईएन, कार्यकारी अधिकारी और चेयरपर्सन को ज्ञापन देकर खरीद प्रक्रिया और पंपों की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की। उन्होंने पुराने पंप वापस लेने और संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई।
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मामला निकाय मंत्री विपुल गोयल तक भी पहुंचा। जन परिवेदना समिति की बैठक में प्रकरण की जांच कराने की बात कही गई। अब नगर परिषद ने पंप वापस लेने के साथ एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू की है। पार्षदों ने कहा कि सरकारी धन से होने वाली खरीद में गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए और पूरे मामले में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
वर्जन:
नगर परिषद में किसी भी सामान की खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा। पांचों पंप सेटों का भौतिक निरीक्षण करवाया गया। निरीक्षण के बाद एजेंसी को पांचों पंप सेट तत्काल परिसर हटवाकर वापस ले जाने के निर्देश दिए गए। एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। -जोगेंद्र सिंह कालीरामणा, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद, नारनौल