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Mahendragarh-Narnaul News: डीएपी के लिए बारिश में लाइन में खड़े रहे किसान

Tue, 02 Sep 2025 11:25 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Tue, 02 Sep 2025 11:25 PM IST
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Farmers stood in line in the rain for DAP
फोटो संख्या:70- बारिश के बीच रेलवे रोड ​स्थित सोसायटी के गोदाम के सामने लाइनों में लगे किसान---
महेंद्रगढ़। कभी मौसम की मार तो कभी खाद की किल्लत। क्षेत्र के किसानों की परेशानी थमने का नाम ही नहीं ले रही है। बाजरे व कपास की बर्बाद फसलों से परेशान किसानों को अब डीएपी के लिए बारिश के बीच लंबी लाइन में लगने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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मंगलवार को जैसे ही किसानों को पता चला कि सोसाइटी के रेलवे रोड कार्यालय में डीएपी पहुंच चुकी है तो भीड़ उमड़ पड़ी। बारिश में किसानों को लाइनों में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। हालांकि अभी सरसों की बिजाई में एक माह का समय है लेकिन किसानों को जरूरत के समय खाद नहीं मिलने का भय सता रहा है।
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इस बार खरीफ की फसल तो बारिश की भेंट चढ़ गई है। अब रबी सीजन की फसलों के लिए खाद का पहले ही इंतजाम करना पड़ेगा। जरूरत के समय तो खाद उपलब्ध ही नहीं हो पाती है। हर बार किसानों को लाइनों में लगने को मजबूर होना पड़ रहा है। - साेनू, गांव बुचौली
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तीन सालों से क्षेत्र के किसानों को जरूरत के समय चाहे डीएपी हो या फिर यूरिया, लाइनों में लगना पड़ रहा है। रबी सीजन में सरसों की बिजाई के समय कोई परेशानी न हो इसके लिए अभी से प्रबंध करना पड़ेगा। अगर समय पर खाद नहीं मिली तो बिजाई प्रभावित होगी।
- रणधीर सिंह, गांव सुरजनवास
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सुबह छह बजे ही बरसात के बीच आकर लाइनों में लगे थे। गोदाम पर देखा तो किसानों की भीड़ उमड़ी हुई थी। तीन घंटे तक बारिश में भीगने के बाद भी महज एक ही बैग डीएपी नसीब हो पाया है। जिम्मेदारों की ओर से समय पर प्रबंध नहीं किया जा रहा है। - रोशनलाल, गांव सुरजनवास

अक्तूबर के पहले पखवाड़े में सरसों की बिजाई शुरू हो जाएगी। अब रबी सीजन की तैयारियों में पहले से ही खाद का प्रबंध करना पड़ेगा। क्योंकि कपास व बाजरा बिजाई के समय भी किल्लत हुई थी, हालात अब भी वही हो रहे हैं। - संदीप, गांव राजावास



हैफेड के गोदाम पर डीएपी के 300 बैग पहुंचे थे। मंगलवार को किसानों को वितरण कर दिया गया है। किसानों की जरूरत के हिसाब से 30 हजार बैग डीएपी की मांग भेजी जा चुकी है। लगातार किसानों को आपूर्ति के अनुसार खाद उपलब्ध कराया जाएगा। - जगराम यादव, प्रबंधक हैफेड, महेंद्रगढ़।
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