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Mahendragarh-Narnaul News: खाद लेने के लिए केंद्र पर उमड़े किसान
Wed, 08 Oct 2025 11:57 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 08 Oct 2025 11:57 PM IST
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फोटो नंबर- 06नारनौल स्थित खाद केंद्र पर खाद वितरण को लेकर कर्मचारियों व किसानों में होता व
नारनौल। खाद केंद्र पर बुधवार को किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान दो महिला किसानों का कर्मचारियों से विवाद हो गया। इस कारण खाद वितरण करीब आधे घंटे तक बाधित रहा।
वहीं विवाद खत्म करने व खाद वितरण शुरू करने को लेकर अन्य किसानों का महिला किसानों से विवाद हो गया। इसके बाद खाद केंद्र कर्मचारियों ने पुलिस को बुलाया। पुलिस ने किसानों को समझाकर शांत करवाया और खाद वितरण शुरू हुआ। खाद केंद्र खुलने के बाद लाइन में लगे किसानों के फार्म लेकर उन्हें टोकन नंबर दिए जाते हैं।
एक दिन में केवल 100 से 125 किसानों को ही टोकन नंबर दिए जाते हैं। बाद में आने वाले को नहीं दिए जाते लेकिन जब दो महिला किसान सुबह करीब साढ़े 9 बजे खाद केंद्र पहुंची। इनके फार्म नहीं लिए गए क्योंकि तय सीमा के अनुसार टोकन नंबर वितरित कर दिए गए थे। इसके बाद महिला किसानों का पहले केंद्र कर्मचारियों के साथ और बाद में अन्य किसानों के साथ विवाद हो गया।
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नारनौल स्थित खाद केंद्र पर बुधवार को 250 बैग डीएपी व 38 बैग टीएसपी की बैग वितरित की गई। अब खाद केंद्र पर केवल 150 बैग डीएपी ही उपलब्ध है। यदि वीरवार सुबह तक खाद की खेप नहीं आती है तो किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। 20 दिनों में करीब 4100 बैग डीएपी, 1 हजार बैग एनपीके व 500 बैग टीएसपी की वितरित की जा चुकी है।
इंसेट
खाद वितरण व्यवस्था कटघरे में
खाद के लिए किसान सुबह 4 बजे से केंद्र के बाहर खड़े हो जाते हैं ताकि जल्दी खाद मिले सके। एक किसान दो से तीन बार खाद केंद्र के चक्कर काटता है तब उसे खाद मिलती है। खाद वितरण के लिए रोज नए-नए नियम बनाए जाते हैं। वहीं किसानों की सुविधा के लिए गांवों में बने सरकारी खाद उपकेंद्रों पर खाद का वितरण नहीं किया जा रहा। ऐसा नहीं है कि खाद पर्याप्त उपलब्ध नहीं हैं लेकिन उसका वितरण नियमित व उचित प्रकार से नहीं किया जा रहा। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
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सुबह साढ़े 9 बजे खाद केंद्र पर पहुंची तो बताया गया कि टोकन नंबर वितरित कर दिए गए हैं। आप कल आइएगा जबकि सोमवार को आई थी। उस दिन जिन किसानों को टोकन वितरित किए गए थे उन्हें दी जा रही थी। खाद वितरण की व्यवस्था बेहतर नहीं है। किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।- मोनिका, किसान, गांव बिगोपुर
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गांव के समीप निवाज नगर में सरकारी खाद उपकेंद्र है लेकिन वहां खाद का वितरण नहीं किया जाता। इस कारण गांव से दूर नारनौल स्थित खाद केंद्र के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। यहां भी नियमित खाद का वितरण नहीं किया जाता। इस कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है।-
रामकिशन, किसान, गांव बांस किरारोद
वर्जन :
प्रयास है कि खाद का वितरण सामान्य रहे ताकि किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़े। आवश्यकता अनुसार खाद की खेप केंद्रों पर पहुंचाई जा रही है। अभी 1200 मीट्रिक टन डीएपी व टीएसपी और करीब 2200 मीट्रिक टन एनपीके है। जल्द ही गांवों में बने उपकेंद्रों पर भी खाद का वितरण शुरू किया जाएगा।-संजय, गुणवत्ता नियंत्रक निरीक्षक, कृषि विभाग, नारनौल।
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वहीं विवाद खत्म करने व खाद वितरण शुरू करने को लेकर अन्य किसानों का महिला किसानों से विवाद हो गया। इसके बाद खाद केंद्र कर्मचारियों ने पुलिस को बुलाया। पुलिस ने किसानों को समझाकर शांत करवाया और खाद वितरण शुरू हुआ। खाद केंद्र खुलने के बाद लाइन में लगे किसानों के फार्म लेकर उन्हें टोकन नंबर दिए जाते हैं।
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एक दिन में केवल 100 से 125 किसानों को ही टोकन नंबर दिए जाते हैं। बाद में आने वाले को नहीं दिए जाते लेकिन जब दो महिला किसान सुबह करीब साढ़े 9 बजे खाद केंद्र पहुंची। इनके फार्म नहीं लिए गए क्योंकि तय सीमा के अनुसार टोकन नंबर वितरित कर दिए गए थे। इसके बाद महिला किसानों का पहले केंद्र कर्मचारियों के साथ और बाद में अन्य किसानों के साथ विवाद हो गया।
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नारनौल स्थित खाद केंद्र पर बुधवार को 250 बैग डीएपी व 38 बैग टीएसपी की बैग वितरित की गई। अब खाद केंद्र पर केवल 150 बैग डीएपी ही उपलब्ध है। यदि वीरवार सुबह तक खाद की खेप नहीं आती है तो किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। 20 दिनों में करीब 4100 बैग डीएपी, 1 हजार बैग एनपीके व 500 बैग टीएसपी की वितरित की जा चुकी है।
इंसेट
खाद वितरण व्यवस्था कटघरे में
खाद के लिए किसान सुबह 4 बजे से केंद्र के बाहर खड़े हो जाते हैं ताकि जल्दी खाद मिले सके। एक किसान दो से तीन बार खाद केंद्र के चक्कर काटता है तब उसे खाद मिलती है। खाद वितरण के लिए रोज नए-नए नियम बनाए जाते हैं। वहीं किसानों की सुविधा के लिए गांवों में बने सरकारी खाद उपकेंद्रों पर खाद का वितरण नहीं किया जा रहा। ऐसा नहीं है कि खाद पर्याप्त उपलब्ध नहीं हैं लेकिन उसका वितरण नियमित व उचित प्रकार से नहीं किया जा रहा। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
सुबह साढ़े 9 बजे खाद केंद्र पर पहुंची तो बताया गया कि टोकन नंबर वितरित कर दिए गए हैं। आप कल आइएगा जबकि सोमवार को आई थी। उस दिन जिन किसानों को टोकन वितरित किए गए थे उन्हें दी जा रही थी। खाद वितरण की व्यवस्था बेहतर नहीं है। किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।- मोनिका, किसान, गांव बिगोपुर
गांव के समीप निवाज नगर में सरकारी खाद उपकेंद्र है लेकिन वहां खाद का वितरण नहीं किया जाता। इस कारण गांव से दूर नारनौल स्थित खाद केंद्र के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। यहां भी नियमित खाद का वितरण नहीं किया जाता। इस कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है।-
रामकिशन, किसान, गांव बांस किरारोद
वर्जन :
प्रयास है कि खाद का वितरण सामान्य रहे ताकि किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़े। आवश्यकता अनुसार खाद की खेप केंद्रों पर पहुंचाई जा रही है। अभी 1200 मीट्रिक टन डीएपी व टीएसपी और करीब 2200 मीट्रिक टन एनपीके है। जल्द ही गांवों में बने उपकेंद्रों पर भी खाद का वितरण शुरू किया जाएगा।-संजय, गुणवत्ता नियंत्रक निरीक्षक, कृषि विभाग, नारनौल।