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खुडाना में प्रस्तावित आईएमटी में मारुति प्लांट लगाने की उठने लगी मांग
Fri, 16 Jul 2021 11:57 PM IST
रोहतक ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, महेंद्रगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, महेंद्रगढ़
Published by: रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 16 Jul 2021 11:57 PM IST
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मारुति सुजुकी प्लांट गांव खुडाना में प्रस्तावित आईएमटी में स्थापित किए जाने की मांग उठने लगी है। मारुति अपना दूसरा प्लांट लगाने के लिए 900 एकड़ जमीन की तलाश कर रही है। मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री खरखौदा आईएमटी में जगह दिए जाने की बात कर रहे हैं। वहीं खुद पार्टी के नेता एवं विपक्ष सरकार से मारुति प्लांट महेंद्रगढ़ में स्थापित करने की मांग कर रहे हैं।
वीरवार को विधायक राव दान सिंह ने भी यह मांग की थी। नेताओं ने कहा कि सरकार को पंचायत मात्र दस लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से सस्ती जमीन उपलब्ध करवा रही है। इससे सस्ती जमीन पूरे प्रदेश में सरकार को कहीं नहीं मिलेगी। अगर सरकार यह प्रोजेक्ट महेंद्रगढ़ में स्थापित करवा देती है तो क्षेत्र का पिछड़ापन दूर होगा और लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
बता दें कि 24 फरवरी 2019 को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गांव खुडाना में आईएमटी का शिलान्यास पत्थर रखा था। झूठी घोषणा नहीं करने का दावा करने वाले मुख्यमंत्री की इस घोषणा पर एक कदम भी काम नहीं हुआ है। अभी तक पंचायत की लगभग 971 एकड़ जमीन ट्रांसफर तक नहीं हो पाई है। ग्राम पंचायत दो बार अपना प्रस्ताव सरकार को दे चुकी है। जनवरी में पंचायत ने उपायुक्त अजय कुमार के कहने पर 10 लाख रुपये प्रति एकड़ पंचायती जमीन देने का प्रस्ताव दे दिया था। उसके आगे कोई काम नहीं हो पाया है। पूर्व शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा प्रोजेक्ट को लेकर कई बार सीएम से मिल चुके हैं लेकिन जल्द से जल्द काम करवाने का आश्वासन मिलता है, कार्रवाई अभी तक कोई नहीं हुई।
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फरवरी 2019 में आनी थी मारुति टीम
गांव खुडाना में प्रस्तावित आईएमटी की मिट्टी का सैंपल लेने के लिए मारुति कंपनी की टीम आनी थी। यहां से सैंपल लेकर दिल्ली की प्रतिष्ठित लैब में जांच करवानी थीं। कंपनी की प्राथमिकता जमीन एनसीआर में लेने की थी, लेकिन उसके बाद मिट्टी सैंपलिंग लेने के लिए कोई टीम नहीं आई।
मारुति सुजुकी के अध्यक्ष की हो चुकी थी पूर्व मंत्री की बात
फरवरी 2019 में तत्कालीन शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने मारुति सुजुकी के अध्यक्ष आरसी भार्गव से मुलाकात की थी। रामबिलास शर्मा ने आश्वस्त किया था कि मारुति टीम जल्द ही सैंपलिंग के लिए आएगी और अगले महीने महेंद्रगढ़ को बड़ा तोहफा मिलेगा। वह तोहफा अभी तक नहीं मिल पाया है।
आईएमटी से रहेगी यह कनेक्टिविटी
आईएमटी के मुख्य रास्ते वाली जमीन से हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय मात्र एक से डेढ़ किलोमीटर दूर है। नारनौल-महेंद्रगढ़-चरखी दादरी स्टेट हाईवे मात्र दो किलोमीटर रहेगा। महेंद्रगढ़ रेलवे स्टेशन मात्र आठ किलोमीटर दूर है और जेरपुर पाली रेलवे स्टेशन मात्र चार किलोमीटर पड़ता है। आठ से दस किलोमीटर दूरी पर नेशनल हाईवे ग्रीन कॉरिडोर की कनेक्टिविटी रहेगी। 50 किलोमीटर दूरी पर निजामपुर के पास लॉजिस्टिक हब बनाया जा रहा है। 35 किलोमीटर दूरी पर मेडिकल कॉलेज तथा आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज है। महेंद्रगढ़ जिला एनसीआर का हिस्सा भी है।
अन्य औद्योगिक क्षेत्र से दूरी
रेवाड़ी और बावल - 55 से 60 किमी.
मानेसर- 80 किमी
दिल्ली-135 किमी
चंडीगढ़-350 किमी
रोहतक-85 किमी
जयपुर-200 किमी
सरकार महेंद्रगढ़ में लगाए मारुति का दूसरा प्लांट
मारुति का दूसरा प्लांट जो खरखौदा में लगाए जाने की सरकार ने घोषणा की है। मेरा आग्रह है कि उसको महेंद्रगढ़ में स्थापित किया जाए। लॉजिस्टिक हब आने से यह प्लांट यहां गांव खुडाना औद्योगिक इकाई में आसानी से लग सकता है। इससे न केवल दक्षिणी हरियाणा के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि लंबे समय से पिछड़ेपन का दंश झेल रहा जिला महेंद्रगढ़ भी उन्नति की ओर अग्रसर होगा। अगर मारुति प्लांट महेंद्रगढ़ में लगता है तो अन्य छोटी-छोटी कंपनियां इसके साथ आकर महेंद्रगढ़ में अपना कार्य शुरू करेंगी।
- कंवर सिंह यादव, पूर्व जिला अध्यक्ष, भाजपा
सरकार ने किया महेंद्रगढ़ के साथ धोखा : कुलदीप
सरकार ने मारुति प्लांट की नई यूनिट के लिए खरखौदा में जगह प्रस्तावित करके महेंद्रगढ़ की जनता के साथ बड़ा धोखा किया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने खुडाना में आईएमटी नींव रखी थी और बड़ी कंपनियों की यूनिट लाने का वादा किया था। लगभग ढाई वर्ष बीत जाने के बाद आईएमटी पर सरकार ने कोई कार्य नहीं किया। ये सिर्फ चुनावी जुमला था और भाजपा की करनी ओर कथनी में अंतर है। पक्ष और विपक्ष के कमजोर प्रतिनिधियों की वजह से महेंद्रगढ़ के साथ हमेशा सौतेला व्यवहार होता रहा है।
- कुलदीप यादव, पीआरओ, सरताज ग्रुप
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वीरवार को विधायक राव दान सिंह ने भी यह मांग की थी। नेताओं ने कहा कि सरकार को पंचायत मात्र दस लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से सस्ती जमीन उपलब्ध करवा रही है। इससे सस्ती जमीन पूरे प्रदेश में सरकार को कहीं नहीं मिलेगी। अगर सरकार यह प्रोजेक्ट महेंद्रगढ़ में स्थापित करवा देती है तो क्षेत्र का पिछड़ापन दूर होगा और लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
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बता दें कि 24 फरवरी 2019 को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गांव खुडाना में आईएमटी का शिलान्यास पत्थर रखा था। झूठी घोषणा नहीं करने का दावा करने वाले मुख्यमंत्री की इस घोषणा पर एक कदम भी काम नहीं हुआ है। अभी तक पंचायत की लगभग 971 एकड़ जमीन ट्रांसफर तक नहीं हो पाई है। ग्राम पंचायत दो बार अपना प्रस्ताव सरकार को दे चुकी है। जनवरी में पंचायत ने उपायुक्त अजय कुमार के कहने पर 10 लाख रुपये प्रति एकड़ पंचायती जमीन देने का प्रस्ताव दे दिया था। उसके आगे कोई काम नहीं हो पाया है। पूर्व शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा प्रोजेक्ट को लेकर कई बार सीएम से मिल चुके हैं लेकिन जल्द से जल्द काम करवाने का आश्वासन मिलता है, कार्रवाई अभी तक कोई नहीं हुई।
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फरवरी 2019 में आनी थी मारुति टीम
गांव खुडाना में प्रस्तावित आईएमटी की मिट्टी का सैंपल लेने के लिए मारुति कंपनी की टीम आनी थी। यहां से सैंपल लेकर दिल्ली की प्रतिष्ठित लैब में जांच करवानी थीं। कंपनी की प्राथमिकता जमीन एनसीआर में लेने की थी, लेकिन उसके बाद मिट्टी सैंपलिंग लेने के लिए कोई टीम नहीं आई।
मारुति सुजुकी के अध्यक्ष की हो चुकी थी पूर्व मंत्री की बात
फरवरी 2019 में तत्कालीन शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने मारुति सुजुकी के अध्यक्ष आरसी भार्गव से मुलाकात की थी। रामबिलास शर्मा ने आश्वस्त किया था कि मारुति टीम जल्द ही सैंपलिंग के लिए आएगी और अगले महीने महेंद्रगढ़ को बड़ा तोहफा मिलेगा। वह तोहफा अभी तक नहीं मिल पाया है।
आईएमटी से रहेगी यह कनेक्टिविटी
आईएमटी के मुख्य रास्ते वाली जमीन से हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय मात्र एक से डेढ़ किलोमीटर दूर है। नारनौल-महेंद्रगढ़-चरखी दादरी स्टेट हाईवे मात्र दो किलोमीटर रहेगा। महेंद्रगढ़ रेलवे स्टेशन मात्र आठ किलोमीटर दूर है और जेरपुर पाली रेलवे स्टेशन मात्र चार किलोमीटर पड़ता है। आठ से दस किलोमीटर दूरी पर नेशनल हाईवे ग्रीन कॉरिडोर की कनेक्टिविटी रहेगी। 50 किलोमीटर दूरी पर निजामपुर के पास लॉजिस्टिक हब बनाया जा रहा है। 35 किलोमीटर दूरी पर मेडिकल कॉलेज तथा आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज है। महेंद्रगढ़ जिला एनसीआर का हिस्सा भी है।
अन्य औद्योगिक क्षेत्र से दूरी
रेवाड़ी और बावल - 55 से 60 किमी.
मानेसर- 80 किमी
दिल्ली-135 किमी
चंडीगढ़-350 किमी
रोहतक-85 किमी
जयपुर-200 किमी
सरकार महेंद्रगढ़ में लगाए मारुति का दूसरा प्लांट
मारुति का दूसरा प्लांट जो खरखौदा में लगाए जाने की सरकार ने घोषणा की है। मेरा आग्रह है कि उसको महेंद्रगढ़ में स्थापित किया जाए। लॉजिस्टिक हब आने से यह प्लांट यहां गांव खुडाना औद्योगिक इकाई में आसानी से लग सकता है। इससे न केवल दक्षिणी हरियाणा के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि लंबे समय से पिछड़ेपन का दंश झेल रहा जिला महेंद्रगढ़ भी उन्नति की ओर अग्रसर होगा। अगर मारुति प्लांट महेंद्रगढ़ में लगता है तो अन्य छोटी-छोटी कंपनियां इसके साथ आकर महेंद्रगढ़ में अपना कार्य शुरू करेंगी।
- कंवर सिंह यादव, पूर्व जिला अध्यक्ष, भाजपा
सरकार ने किया महेंद्रगढ़ के साथ धोखा : कुलदीप
सरकार ने मारुति प्लांट की नई यूनिट के लिए खरखौदा में जगह प्रस्तावित करके महेंद्रगढ़ की जनता के साथ बड़ा धोखा किया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने खुडाना में आईएमटी नींव रखी थी और बड़ी कंपनियों की यूनिट लाने का वादा किया था। लगभग ढाई वर्ष बीत जाने के बाद आईएमटी पर सरकार ने कोई कार्य नहीं किया। ये सिर्फ चुनावी जुमला था और भाजपा की करनी ओर कथनी में अंतर है। पक्ष और विपक्ष के कमजोर प्रतिनिधियों की वजह से महेंद्रगढ़ के साथ हमेशा सौतेला व्यवहार होता रहा है।
- कुलदीप यादव, पीआरओ, सरताज ग्रुप