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Mahendragarh-Narnaul News: 40 की उम्र के बाद हर तीसरा व्यक्ति मधुमेह की समस्या से परेशान
Mon, 14 Oct 2024 03:07 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Mon, 14 Oct 2024 03:07 AM IST
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फोटो संख्या:61- नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़--संवाद
महेंद्रगढ़। क्षेत्र में 40 से अधिक की उम्र का हर तीसरा व्यक्ति मधुमेह की समस्या से परेशान है। महेंद्रगढ़ नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 50 से अधिक मधुमेह के रोगी जांच करने को पहुंच रहे हैंं।
चिकित्सकों का कहना है कि अव्यवस्थित दिनचर्या व लगातार घट रहे शारीरिक श्रम ने इस रोग को बढ़ा दिया है। आधुनिक युग में अधिकांश कार्य मशीनों पर निर्भर हो रहे हैं। इसके कारण व्यक्ति शारीरिक श्रम से लगातार दूर हो रहे हैं। वर्तमान में जीवन शैली व खानपान में आए बदलाव के कारण हर 10वां व्यक्ति मधुमेह का शिकार है। चिकित्सकों के अनुसार रक्त की कोशिकाएं इस शर्करा को उपयोग नहीं कर पाती है। यदि ग्लूकोज का बढ़ा हुआ स्तर खून में लगातार बना रहे तो शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देते है। शुगर कोई असाध्य रोग नहीं है। दिनचर्या में हल्का बदलाव कर इसे नियंत्रित किया जा सकता है। मधुमेह होने पर नियमित रूप से जांच करवाएं। योग और शारीरिक श्रम को दिनचर्या में शामिल कर इस पर आसानी से काबू पाया जा सकता है। वर्तमान समय में लोगों में मधुमेह का एक भय सा बना रहता है, लेकिन यह इतनी बड़ी समस्या नहीं है कि इसका इलाज नहीं है। नियमित पैदल घूमना, शारीरिक व्यायाम एवं योगासन से मधुमेह के रोगी का लाभ मिलता है। शुगर की शिकायत होने पर नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ में शुगर की जांच करवाएं और समय-समय पर दवाई भी लेते रहें।
शुगर नियंत्रित करने के लिए शारीरिक श्रम जरूरी है। रोजाना सुबह कम से कम 30 मिनट अभ्यास, योग, शारीरिक श्रम जिसमें सैर भी कर सकते है। शुगर के मरीजों को दिन में तीन बड़े भोजन की बजाय थोड़ा-थोड़ा और बार-बार भोजन करना चाहिए। यह ब्लड शुगर लेवल को बनाए रखने और अचानक बढ़ने या कम होने से रोकने में मदद करेगा। आप पूरे दिन फल और सब्जियां खा सकते हैं। शुगर के रोगी की थोड़ी देर टहलना, सीढ़ी चढ़ना या योग करके पूरे दिन एक्टिव रहना चाहिए।
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-डॉ. विवेक, चिकित्सा अधिकारी, नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़।
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चिकित्सकों का कहना है कि अव्यवस्थित दिनचर्या व लगातार घट रहे शारीरिक श्रम ने इस रोग को बढ़ा दिया है। आधुनिक युग में अधिकांश कार्य मशीनों पर निर्भर हो रहे हैं। इसके कारण व्यक्ति शारीरिक श्रम से लगातार दूर हो रहे हैं। वर्तमान में जीवन शैली व खानपान में आए बदलाव के कारण हर 10वां व्यक्ति मधुमेह का शिकार है। चिकित्सकों के अनुसार रक्त की कोशिकाएं इस शर्करा को उपयोग नहीं कर पाती है। यदि ग्लूकोज का बढ़ा हुआ स्तर खून में लगातार बना रहे तो शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देते है। शुगर कोई असाध्य रोग नहीं है। दिनचर्या में हल्का बदलाव कर इसे नियंत्रित किया जा सकता है। मधुमेह होने पर नियमित रूप से जांच करवाएं। योग और शारीरिक श्रम को दिनचर्या में शामिल कर इस पर आसानी से काबू पाया जा सकता है। वर्तमान समय में लोगों में मधुमेह का एक भय सा बना रहता है, लेकिन यह इतनी बड़ी समस्या नहीं है कि इसका इलाज नहीं है। नियमित पैदल घूमना, शारीरिक व्यायाम एवं योगासन से मधुमेह के रोगी का लाभ मिलता है। शुगर की शिकायत होने पर नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ में शुगर की जांच करवाएं और समय-समय पर दवाई भी लेते रहें।
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शुगर नियंत्रित करने के लिए शारीरिक श्रम जरूरी है। रोजाना सुबह कम से कम 30 मिनट अभ्यास, योग, शारीरिक श्रम जिसमें सैर भी कर सकते है। शुगर के मरीजों को दिन में तीन बड़े भोजन की बजाय थोड़ा-थोड़ा और बार-बार भोजन करना चाहिए। यह ब्लड शुगर लेवल को बनाए रखने और अचानक बढ़ने या कम होने से रोकने में मदद करेगा। आप पूरे दिन फल और सब्जियां खा सकते हैं। शुगर के रोगी की थोड़ी देर टहलना, सीढ़ी चढ़ना या योग करके पूरे दिन एक्टिव रहना चाहिए।
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-डॉ. विवेक, चिकित्सा अधिकारी, नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़।